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अफगानिस्तान में तबाही: तालिबान ने मजार-ए-शरीफ पर भी जमाया कब्जा, अब काबुल अगला निशाना

Sun, 15 Aug 2021 12:43 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 15 Aug 2021 12:43 AM IST
सार

हेरात, कंधार के बाद अब तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के दक्षिण में स्थित लोगार प्रांत पर कब्जा कर लिया है। सूत्रों की मानें, तो वह शनिवार को पड़ोसी काबुल प्रांत के एक जिले में पहुंच गया है।

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Taliban capture Another province just south of capital Kabul Also Attacked On Majar e Sharif
अफगानिस्तान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तालिबान ने उत्तरी अफगानिस्तान के बड़े शहर मजार-ए-शरीफ पर भी कब्जा कर लिया है। एसोसिएटेड प्रेस ने अफगानिस्तान के एक अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी है। अधिकारी ने बताया कि तालिबान ने पूरी ताकत के साथ बल्ख की राजधानी मजार-ए-शरीफ पर हमला बोला और फिर इस पर कब्जा जमा लिया। 
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माना जाता है कि इस शहर पर कब्जा करने वाले के लिए अफगानिस्तान की सत्ता हासिल करना आसान हो जाता है। उत्तरी बल्ख प्रांत में प्रांतीय गवर्नर के प्रवक्ता मुनीर अहमद फरहाद ने कहा कि तालिबान ने शनिवार तड़के शहर पर कई दिशाओं से हमला किया। उन्होंने हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। 
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वहीं, हेरात, कंधार, हेलमंद के बाद अब तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के दक्षिण में स्थित लोगार प्रांत पर कब्जा कर लिया है। अफगानिस्तान के एक सांसद होमा अहमदी ने कहा कि तालिबान ने पूरे प्रांत पर कब्जा कर लिया है, जिसमें उसकी राजधानी भी शामिल है और वह शनिवार को पड़ोसी काबुल प्रांत के एक जिले में पहुंच गया। 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबानी लड़ाके अफगानिस्तान की राजधानी काबुल से अब सिर्फ 11 किलोमीटर दूर रह गए हैं। पिछले कुछ दिनों में ही इन लड़ाकों ने अफगानिस्तान के उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों पर कब्जा जमा लिया है। अब उनके निशाने पर राजधानी काबुल ही है।

काबुल में दहशत का माहौल
अब जबकि तालिबान देश की राजधानी से सिर्फ कुछ किलोमीटर दूर रह गया है तब काबुल में कई लोग सड़क पर खुले आसमान के नीचे रातें गुजारते हुए डरे हुए हैं। सेव द चिल्ड्रन के मुताबिक घरों से भागकर काबुल में शरण लेने वालों में 72,000 बच्चे भी शामिल हैं। शरणार्थियों के पास रोटी और बच्चों की दवाई के लिए पैसे तक नहीं बचे हैं। तालिबान के कब्जाए शहरों में इन शरणार्थियों के घर जला दिए गए हैं। अब लोगों में इस बात की भी दहशत है कि अगले कुछ घंटों में उनके साथ क्या होने वाला है कोई नहीं जानता। संयुक्त राष्ट्र ने पड़ोसी देशों से उनकी सीमाएं खुली रखने का आग्रह किया है।

कंधार रेडियो स्टेशन का नाम किया ‘वॉइस ऑफ शरिया’
कंधार। तालिबान ने शनिवार को कंधार में एक रेडियो स्टेशन पर कब्जा कर लिया। तालिबान ने एक वीडियो जारी किया जिसमें एक अज्ञात आतंकी ने शहर के मुख्य रेडियो स्टेशन को कब्जे में लेने की घोषणा की। रेडिया का नाम बदलकर ‘वॉइस ऑफ शरिया’ कर दिया गया है। उसने कहा कि सभी कर्मचारी यहां मौजूद हैं, वे समाचार प्रसारित करेंगे, राजनीतिक विश्लेषण करेंगे और कुरान की आयतें पढ़ेंगे। माना जा रहा है कि अब यहां संगीत के कार्यक्रम नहीं बजेंगे।

तालिबान की मदद करने वाले पाक पर लगाएं प्रतिबंध
अमेरिका के एक सांसद ने राष्ट्रपति जो बाइडन से पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। सांसद माइक वाल्ट्ज ने एक पत्र लिखकर बाइडन से कहा कि पाक पर अमेरिका को इसलिए प्रतिबंध लगाने पर विचार करना चाहिए ताकि अफगानिस्तान में तालिबान को मिल रही पाकिस्तानी मदद रोकी जा सके। वाल्ट्ज ने बाइडन से अपील की कि तालिबान के खिलाफ लड़ाई में अफगानों की मदद के लिए यह कदम तत्काल उठाना चाहिए।

अफगान शरणार्थियों के लिए कतर से बात कर रहा अमेरिका
अमेरिका एक समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कतर के साथ काम कर रहा है ताकि अमेरिकी सेना के साथ काम करने वाले हजारों अफगान शरणार्थियों को अस्थायी रूप से पनाह मिले। सीएनएन रिपोर्ट के मुताबिक, शरणार्थियों की संख्या 8,000 तक जा सकती है और यदि समझौते पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो अफगान नागरिकों का पहला समूह जल्द ही दोहा पहुंच सकता है।

अफगानिस्तान नियंत्रण से बाहर हो रहा है : गुटेरस
महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने चिंता जताई कि अफगानिस्तान में हालात काबू से बाहर हो रहे हैं। उन्होंने तालिबान से फौरन हमले रोकने को कहा। उन्होंने कहा कि सैन्य ताकत के जरिए सत्ता छीनना एक असफल कदम है और यह सिर्फ और सिर्फ लंबे समय तक गृहयुद्ध चलने का और युद्धग्रस्त राष्ट्र के पूरी तरह से अलग-थलग होने का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा, अफगान लड़कियों और महिलाओं से जारी बर्ताव भयावह और हृदयविदारक है।

अफगान वायु सेना के हवाई हमले में 60 तालिबान आतंकी ढेर
अफगानिस्तान में बल्ख प्रांत के दिहदादी जिले में अफगान वायुसेना की कार्रवाई में कम से कम 60 तालिबान आतंकी मारे गए हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी। रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया कि शुक्रवार को वायुसेना के इस हमले में 60 आतंकियों के मारे जाने के साथ ही बड़ी संख्या में हथियार, गोला-बारूद और 40 मोटर बाइकों को नष्ट कर दिया गया। 
 

अफगान राष्ट्रपति का बयान सामने आया

इस बीच अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने पहली बार मीडिया से बात की। टोलो न्यूज के मुताबिक उन्होंने कहा, मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपके अध्यक्ष के रूप में मेरा ध्यान लोगों की अस्थिरता, हिंसा और विस्थापन को रोकने पर है। मैं हत्याओं के जरिए अफगानों पर युद्ध थोपने, पिछले 20 वर्षों की उपलब्धियों के नुकसान और सार्वजनिक संपत्ति के विनाश की अनुमति नहीं दूंगा। मौजूदा स्थिति में अफगान सुरक्षा और रक्षा बलों को फिर से संगठित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

काबुल की सुरक्षा की समीक्षा की
इस बीच, राष्ट्रपति गनी ने समन्वय समिति की बैठक कर हालात की समीक्षा की। रक्षा अधिकारियों ने उन्हें काबुल व आसपास के प्रांतों की सुरक्षा की जानकारी दी। बैठक में देश में पदस्थ अमेरिका के प्रभारी रोस विल्सन, अमेरिकी सेना के कमांडर भी शरीक हुए। दोनों ने अफगान सेना की मदद करने का वचन दिया। 
 

अब नजर काबुल पर
काबुल के दक्षिण में स्थित लोगर प्रांत में कब्जा जमाने के बाद अब तालिबान की नजर काबुल पर होगी। हालांकि, काबुल अभी सीधे तौर पर खतरे में नहीं है, लेकिन अन्य जगहों पर नुकसान और लड़ाइयों ने तालिबान की पकड़ को और मजबूत कर दिया है। नवीनतम अमेरिकी सैन्य खुफिया आकलन से पता चलता है कि काबुल 30 दिनों के भीतर विद्रोहियों के दबाव में आ सकता है और अगर मौजूदा रुख जारी रहा तो तालिबान कुछ महीनों के भीतर देश पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर सकता है। 

अमेरिका ने गुप्त दस्तावेज नष्ट करने को कहा
इस बीच, काबुल में अमेरिकी दूतावास अपने गुप्त दस्तावेजों को नष्ट करने और अमेरिकी नागरिकों को निकालने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहा है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, दूतावास ने अपने कर्मचारियों से अमेरिकी ध्वज या उन वस्तुओं के निपटान के लिए कहा है, जिनका उपयोग प्रोपोगैंडा के लिए किया जा सकता है।
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