भारत की खरी-खरी, यूएन के मंच का गलत इस्तेमाल ना करे पाक
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संयुक्त राष्ट्र में भारतीय दूत सैयद अकबरउद्दीन ने मानवाधिकारों के विषय पर विशेष सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के मंच का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तानी दूत मलीहा लोधी ने महासभा द्वारा आयोजित मानवाधिकार सम्मेलन में बोलते हुए कश्मीर के हालात का जिक्र किया।
मलीहा लोधी ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय फौज कश्मीरियों को कुचल रही है। पाकिस्तानी दूत मलीहा लोधी ने कहा, "हाल ही में गैर कानूनी ढंग से एक कश्मीरी नेता को गोली मार दी गई, और दर्जनों अन्य बेगुनाह कश्मीरियों को मार डाला गया। जम्मू-कश्मीर में भारत की काबिज़ सेना शक्ति के बल पर कश्मीरियों की स्वतंत्रता के अधिकार को कुचल रही है।"
पाकिस्तानी दूत के बाद मंच संभालते हुए भारतीय दूत सैयद अकबरउद्दीन ने कहा, "अफसोस है कि आज संयुक्त राष्ट्र के मंच का गलत उपयोग करने की कोशिश की गई। यह कोशिश पाकिस्तान ने की।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब पाकिस्तान की चालों को समझता है
पाकिस्तान जो दूसरों की जमीन पर नजर गड़ाए रहता है, और इसके लिए आतंकवाद को नीति के रूप में इस्तेमाल करता है।
एक देश जो आतंकियों की हरकतें अपनाता है और संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित किए गए लोगों को पनाह देता है।
" अकबरउद्दीन ने आगे कहा, "और पाकिस्तान इन सारे कामों को मानवाधिकारों के समर्थन का नाम देता है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब पाकिस्तान की चालों को समझता है।
ऐसी कोशिशों का संयुक्त राष्ट्र पर कोई असर नहीं होता है।" भारतीय दूत ने कहा कि भारत एक विविध, बहुलवादी और सहिष्णु समाज वाला देश है जहां कानून का बोलबाला, जनतंत्र और मानवाधिकार अहम बुनियादी सिद्धांत हैं।
कश्मीरी चरमपंथी गुट हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी की शुक्रवार को एक मुठभेड़ में मौत के बाद भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हुए हैं।
इन विरोध प्रदर्शनों के नतीजे में अब तक 36 लोग मारे गए हैं और 1300 से अधिक ज़ख़्मी भी हुए हैं।