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उत्तर कोरिया बोला- परमाणु कार्यक्रम पूरा करके अमेरिकी फौज की बराबरी करेंगे

Sat, 16 Sep 2017 06:18 PM IST
बीबीसी, हिंदी
बीबीसी, हिंदी Updated Sat, 16 Sep 2017 06:18 PM IST
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North Korea says by completing nuclear program the US military will equate
North korea

ताजा मिसाइल परीक्षण पर चौतरफा निंदा के बाद भी उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने देश के परमाणु कार्यक्रम को पूरा करने की बात दोहराई है। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने यह खबर दी है। समाचार एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, किम जोंग-उग ने कहा है कि इस कार्यक्रम का मकसद अमेरिकी फौज के मुकाबले में 'संतुलन' बनाना है।

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केसीएनए के मुताबिक, किम जोंग-उन ने कहा, 'हमें इन बड़ी ताकत वाले देशों को दिखाना है कि हमारा देश उनकी असीम पाबंदियों और अड़चनों के बावजूद कैसे अपना परमाणु कार्यक्रम पूरा करता है।'
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उन्होंने यह भी कहा कि हमारा मकसद 'अमेरिकी फौज के मुकाबले अपना संतुलन बनाना है, ताकि अमेरिकी शासक सैन्य विकल्प के बारे में सोचने की हिम्मत भी न कर सकें।'

संयुक्त राष्ट्र की बैठक में निंदा

North Korea says by completing nuclear program the US military will equate
UNO

इससे पहले उत्तर कोरिया के हालिया मिसाइल परीक्षण को बड़े उकसावे वाली कार्रवाई बताते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इसकी कड़ी निंदा की। गुरुवार को उत्तर कोरिया ने जापान की ओर अपनी अब तक की सबसे लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण किया था।

इसके बाद सुरक्षा परिषद् की बुलाई गई आपात मीटिंग में प्योंगयांग से इस तरह की कार्रवाई को तत्काल रोकने को कहा गया। मिसाइल परीक्षण के तुरंत बाद तीखे बयानों के बाद, अमरीका, चीन और रूस इस मुद्दे पर साथ नजर आए। बयान में सदस्य देशों से प्रतिबंधों को कड़ाई से लागू करने को कहा गया है।

अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की चेतावनी

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America
सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष टेकेडा एलेमू ने बयान में कहा, "परिषद डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल लांच की उकसावे वाली कार्रवाई की निंदा करती है।

सुरक्षा परिषद का मानना है कि सभी सदस्य देश पूरी तरह और तत्काल, परिषद् के प्रस्तावों को लागू करें। परिषद इस जरूरत पर भी जोर देती है कि कोरिया परमाणु निःशस्त्रीकरण की प्रतिबद्धता के प्रति ठोस कार्रवाई के जरिए गंभीरता दिखाए और कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव को कम करने के लिए काम करे।"

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत निकी हेली ने कहा कि अगर कड़ी आर्थिक पाबंदियां कारगर नहीं होती हैं तो वॉशिंगटन के पास सैन्य कार्रवाई के और विकल्प भी मौजूद हैं।
हालांकि संयुक्त राष्ट्र में रूसी राजदूत वैसिली नेबेंजिया ने कहा कि कूटनीति ही इस संकट का एकमात्र रास्ता है।


 

एक दूसरे को धमकियां देना बंद होनी चाहिए

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North korea

उन्होंने कहा, "सबसे पहले तो, हम समझते हैं कि धमकियां, परीक्षण, मिसाइल लॉन्च और एक दूसरे को धमकियां देना बंद होनी चाहिए। हमें नतीजे देने वाली बातचीत में शामिल होना चाहिए। 

मेरे हिसाब से सभी लोग इस बात को समझते हैं कि अंत में इसका दूसरा कोई और रास्ता नहीं है।" बैठक से पहले अमेरिका और चीन और रूस के बीच इस मुद्दे पर तब विवाद पैदा हो गया था जब अमेरिका ने इसकी सारी जिम्मेदारी रूस और चीन पर डाल दी थी।

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अमेरिका ने कहा था कि उत्तर कोरिया को समझाने की पूरी जिम्मेदारी उसके करीबी सहयोगी चीन पर है। अभी हाल ही में परिषद ने उत्तर कोरिया पर लगे प्रतिबंधों को और कड़ा करने का फैसला किया था। लेकिन ताजा बयान में और पाबंदियों का जिक्र नहीं किया गया है।

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