नई पाबंदियों से उत्तर कोरिया को होगा बड़ा आर्थिक नुकसान!
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उत्तर कोरिया ने कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र की ओर से नई पाबंदियां लगाए जाने का जवाब देगा और ''अमेरिका को इसकी कीमत'' चुकानी होगी। शनिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में उत्तर कोरिया पर नई पाबंदियों का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हुआ था। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने इसे 'संप्रभुता का हिंसक हनन' बताया है। उधर, दक्षिण कोरिया ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने दोबारा बातचीत शुरू करने का उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया है।
नई पाबंदियों से 'बड़ा आर्थिक नुकसान'
नई पाबंदियों से उत्तर कोरिया के निर्यात राजस्व में एक तिहाई की कमी आ सकती है। यह प्रस्ताव पास होने के बाद भी उत्तर कोरिया ने लगातार मिसाइल परीक्षण किए जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति रही। सोमवार को पाबंदियों पर पहली बार जवाब देते हुए उत्तर कोरिया ने कहा कि वह अपना विवादित परमाणु हथियार कार्यक्रम जारी रखेगा।
केसीएनए ने कहा कि उत्तर कोरिया 'अपनी रक्षा के लिए चलाए जा रहे परमाणु कार्यक्रम को समझौते की मेज पर नहीं लाएगा।' नई पाबंदियों में अमेरिका की भूमिका के लिए उसे चेताते हुए उत्तर कोरिया ने कहा कि अमेरिका को 'अपने अपराधों की हजार गुना कीमत चुकानी होगी।'
नई पाबंदियां लागू करवाएंगे: चीन
'जारी रहेगा परमाणु कार्यक्रम'
फिलीपींस के मनीला में एक क्षेत्रीय सम्मेलन में उत्तर कोरिया के प्रवक्ता बैंग क्वांग ह्युक ने कहा, 'कोरियाई क्षेत्र के खराब होते हालात और परमाणु मुद्दों के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। हम इस पर कायम हैं कि अपने परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को समझौते की मेज पर नहीं लाएंगे और परमाणु शस्त्रीकरण को मजबूत करने से एक इंच भी नहीं डिगेंगे।'
मनीला में दक्षिण और उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रियों के बीच एक संक्षिप्त मुलाकात की खबरों के बाद यह प्रतिक्रिया आई है। दक्षिण कोरियाई मीडिया के मुताबिक, मनीला में हुए आसियान सम्मेलन में आधिकारिक रात्रिभोज के समय उनकी विदेश मंत्री गेंग ग्युंग ह्वा ने अपने उत्तर कोरियाई समकक्ष री योंग हो से हाथ मिलाया था।
नई पाबंदियां लागू करवाएंगे: चीन
एक दक्षिण कोरियाई अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि री योंग हो ने बातचीत के प्रस्ताव को गंभीरता से नहीं लिया और उसे खारिज कर दिया। उत्तर कोरिया के सबसे करीबी मित्र चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार को पत्रकारों से कहा, 'मुझे लगता है कि उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के सकारात्मक प्रस्तावों को पूरी तरह खारिज नहीं किया है।'
उन्होंने कहा कि चीन दक्षिण कोरिया की पहल का स्वागत करता है और संयुक्त राष्ट्र की नई पाबंदियों को लागू कराने के लिए सौ फीसदी प्रतिबद्ध है।
क्या हैं नई पाबंदियां?
1. उत्तर कोरिया से कोयला, सीफूड, लोहा और लौह अयस्क, सीसा और सीसा अयस्क मंगाने पर प्रतिबंध।
2. कोई देश उत्तर कोरिया से नए कारीगर या कर्मचारियों को नौकरी नहीं देगा।
3. उत्तर कोरियाई कंपनियों या लोगों के साथ कोई साझा उद्यम नहीं किया जाएगा।
4. पहले से चल रहे साझा उद्यमों में और निवेश नहीं किया जाएगा।
5. नए सिरे से उत्तर कोरियाई अधिकारियों/व्यापारियों के खिलाफ यात्रा प्रतिबंध और संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
6. सभी सदस्य सुरक्षा परिषद में 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट देंगे कि उन्होंने कैसे ये पाबंदियां लागू की हैं।
'अमेरिका भी वापस ले एंटी मिसाइल सिस्टम'
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अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन भी आसियान सम्मेलन में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को रोकन के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय एकजुट है। उन्होंने कहा, ''अब उत्तर कोरिया सबसे अच्छा संकेत यही दे सकता है कि वह इन मिसाइल परीक्षणों को रोकने के लिए बातचीत पर तैयार हो जाए।''
उत्तर कोरिया से निपटने के तौर तरीकों पर रूस और चीन की राय सुरक्षा परिषद के बाकी सदस्यों से अलग हुआ करती थी। लेकिन हाल के महीनों में इन दोनों देशों ने भी उत्तर कोरिया के खिलाफ सख्ती दिखाई है और साथ ही अमेरिका से भी दक्षिण कोरिया में अपने सैन्य गतिविधियों को रोकने और एंटी-मिसाइल सिस्टम को वापस लेने के लिए कहा है।