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उत्तर कोरिया पर पाबंदी का प्रस्ताव सुरक्षा परिषद में पास

Sun, 06 Aug 2017 09:04 AM IST
बीबीसी, हिन्दी
बीबीसी, हिन्दी Updated Sun, 06 Aug 2017 09:04 AM IST
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in security council Proposal passed to ban North Korea
किम जोंग-उन - फोटो : the union

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद उत्तर कोरिया पर नई पाबंदियां लगाने के लिए सहमत हो गई है। सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के निर्यात पर पाबंदी और वहां निवेश की सीमाएं तय करने के प्रस्ताव सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निकी हेली ने इन्हें एक समय में किसी भी देश पर लगाई गई सबसे कड़ी पाबंदियां बताया है।

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उत्तर कोरिया ने जुलाई में दो इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण करते हुए यह दावा किया था कि अब उसके पास अमेरिका तक मार करने की क्षमता है। हालांकि जानकारों को इन मिसाइलों की क्षमता पर संदेह हैं। इन परीक्षणों की दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका ने कड़ी निंदा की थी और यहीं से उत्तर कोरिया पर नई पाबंदियों की भूमिका तैयार हुई। 
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कितना नुकसान?
चीन को कोयले, कच्ची धातु और दूसरे कच्चे माल का निर्यात उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था का बडा स्रोत है। एक अंदाज के मुताबिक, उत्तर कोरिया हर साल करीब तीन अरब डॉलर का सामान बाहर के देशों में बेचता है और नई पाबंदियों से उसका एक अरब डॉलर का व्यापार खत्म हो सकता है।
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इसी साल चीन ने उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने के लिए कोयले का निर्यात रद्द कर दिया था। हालांकि बार बार पाबंदियां लगने के बावजूद मिसाइल कार्यक्रम को लेकर उत्तर कोरिया के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। सुरक्षा परिषद में वीटो ताकत वाले और उत्तर कोरिया के इकलौते अंतरराष्ट्रीय मित्र देश चीन ने भी इस प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया। इससे पहले उसने कई बार उत्तर कोरिया का पक्ष लिया है। 

किम जोंग के खिलाफ पूरी दुनिया एक!

in security council Proposal passed to ban North Korea
kim jong un - फोटो : reuters

अमेरिकी राजदूत ने कहा कि सुरक्षा परिषद ने बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधियों की वजह से उत्तर कोरिया की सजा एक नए स्तर तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने चीन के समर्थन की भी तारीफ की और कहा, आज सुरक्षा परिषद ने एक साथ आकर उत्तर कोरियाई तानाशाह को संदेश दिया है।

उत्तर कोरिया की गैरजिम्मेदार और लापरवाह हरकतें उसके लिए भारी पड़ी हैं। चीनी राजदूत लिउ जिएई ने कहा कि प्रस्ताव ने दिखाया है कि कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु गतिविधियों के संबंध में पूरी दुनिया का रुख अब एक है। 

उन्होंने अमेरिका के उस बयान की तारीफ की कि वह उत्तर कोरिया में सत्ता परिवर्तन या कोरिया का एकीकरण नहीं चाहता है। लेकिन रूसी राजदूत के साथ उन्होंने अमेरिका की दक्षिण कोरिया में एंटी-मिसाइल सिस्टम तैनात करने की आलोचना की और यह प्रक्रिया रोकने की मांग की। 

उत्तर-दक्षिण मुलाकात?
उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षणों की उसके पड़ोसी दक्षिण कोरिया ने आलोचना की है। लेकिन दक्षिण कोरिया का यह भी कहना है कि वह इस हफ्ते के अंत में एक क्षेत्रीय बैठक के दौरान उत्तर कोरिया से सीधी बातचीत कर सकता है।

विदेश मंत्री कांग क्यूंग-व्हा ने दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप से कहा कि अगर स्वाभाविक तौर पर ऐसा मौका आया तो वह प्योंगयांग में अपने समकक्ष से बात करना चाहेंगी। असोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) के विदेश मंत्री फिलीपींस के मनीला में मिल रहे हैं। 

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