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इंडोनेशिया: खोदी गई विशाल कब्र में सामूहिक रूप से दफनाए जा रहे हैं मृतक
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 02 Oct 2018 10:39 AM IST
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Indonesia Earthquake
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भूकंप और सुनामी से तबाह हुए इंडोनेशिया के सुलावेसी में सोमवार तक मौत का आंकड़ा 1204 तक पहुंच गया है। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है, पर संसाधनों की कमी से हालात खराब हैं। राहत कार्य के लिए सरकार ने दूसरों देशों से मदद करने को कहा है। सरकार ने खराब होते शवों के कारण बीमारियां फैलने से रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ये भी तय किया कि अंतिम संस्कार जल्द से जल्द किया जाए। इसीलिए शवों को सामूहिक रूप से दफनाया जाए।
इस पर अमल करने के लिए आपदा पीड़ित पालू के पहाड़ी इलाके पोबोया में स्वयंसेवकों ने 100 मीटर लंबी और 10 मीटर चौड़ी कब्र खोदी है। इसमें 500 से ज्यादा शव दफनाए जाएंगे। ऐसी ही और कब्र खोदी जा रही है।
सरकार ने सुलावेसी में 14 दिन का आपातकाल घोषित किया है और दुनिया से मदद मांगी है। राहतदल ने आशंका जताई है कि पालू में जो होटल ढहा, उसके मलबे में 60 से ज्यादा लोग दबे हो सकते हैं।
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गौरतलब है कि शुक्रवार यहां 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था। उसके बाद आई सुनामी से समुद्र में 20 फीट ऊंची लहरें उठीं थीं, जिन्होंने इस द्वीप पर भारी तबाही मचाई।
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इस पर अमल करने के लिए आपदा पीड़ित पालू के पहाड़ी इलाके पोबोया में स्वयंसेवकों ने 100 मीटर लंबी और 10 मीटर चौड़ी कब्र खोदी है। इसमें 500 से ज्यादा शव दफनाए जाएंगे। ऐसी ही और कब्र खोदी जा रही है।
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सरकार ने सुलावेसी में 14 दिन का आपातकाल घोषित किया है और दुनिया से मदद मांगी है। राहतदल ने आशंका जताई है कि पालू में जो होटल ढहा, उसके मलबे में 60 से ज्यादा लोग दबे हो सकते हैं।
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गौरतलब है कि शुक्रवार यहां 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था। उसके बाद आई सुनामी से समुद्र में 20 फीट ऊंची लहरें उठीं थीं, जिन्होंने इस द्वीप पर भारी तबाही मचाई।
दूर-दराज तक अब भी मदद नहीं पहुंची
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आपदा के चार दिन बाद तक भी दूर-दराज के कई इलाकों में संपर्क नहीं हो पाया है। दवाइयां खत्म हो रही हैं और बचावकर्ता ध्वस्त इमारतों के मलबे में अब भी दबे पीड़ितों को निकालने के लिए आवश्यक भारी उपकरणों की कमी से जूझ रहे हैं। प्रभावित लोगों के सामने अब खाने के सामान और पीने के पानी का संकट है। लोग दुकानों से जो मिल पा रहा है, उठा ले जा रहे हैं।
सरकार ने कहा है कि वो बाद में दुकानदारों का भुगतान कर देगी। राष्ट्रपति जोको विडोडो पालू के हालात का जायजा लेने पहुंचे।
उन्होंने स्थानीय नेताओं से कहा कि ये आपात स्थिति है, जैसे कि लोमबोक में थी। एक दो दिनों तक यहां चीजें मुश्किल लगेंगी। उसके बाद जरूरी चीजों की आपूर्ति होने लगेगी।
सरकार ने कहा है कि वो बाद में दुकानदारों का भुगतान कर देगी। राष्ट्रपति जोको विडोडो पालू के हालात का जायजा लेने पहुंचे।
उन्होंने स्थानीय नेताओं से कहा कि ये आपात स्थिति है, जैसे कि लोमबोक में थी। एक दो दिनों तक यहां चीजें मुश्किल लगेंगी। उसके बाद जरूरी चीजों की आपूर्ति होने लगेगी।
तीन जेलों से 1200 कैदी फरार हो गए
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सुलावेसी की तीन जेलों से सुनामी के दौरान करीब 1,200 कैदी भाग निकले हैं। बताया गया है कि इन जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी भरे हुए थे। जस्टिस श्रीपुगुह उतामी ने बताया कि आपदा से जेल को भी नु़कसान पहुंचा है।
सुनामी की आपदा का फायदा उठाकर पालू की सबसे बड़ी जेल से कैदी भाग गए। उधर, डोंग्गाला की जेल में 343 कैदी आगजनी कर भागने में सफल हो गए।
1400 जवान बचाव के लिए जुटे, राष्ट्रपति ने दुनिया से मदद मांगी
राहत कार्य में सेना के 1400 जवान जुटे हुए हैं। वे मलबे के नीचे दबे लोगों और शवों की तलाश कर रहे हैं। आपदा के कारण 50 हजार लोगों को कैंपों में शरण लेनी पड़ी है।
राष्ट्रपति जोको विडोडो ने कई अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों तथा गैर सरकारी संगठनों से राहत में जुटने के लिए कह दिया है।
सुनामी की आपदा का फायदा उठाकर पालू की सबसे बड़ी जेल से कैदी भाग गए। उधर, डोंग्गाला की जेल में 343 कैदी आगजनी कर भागने में सफल हो गए।
1400 जवान बचाव के लिए जुटे, राष्ट्रपति ने दुनिया से मदद मांगी
राहत कार्य में सेना के 1400 जवान जुटे हुए हैं। वे मलबे के नीचे दबे लोगों और शवों की तलाश कर रहे हैं। आपदा के कारण 50 हजार लोगों को कैंपों में शरण लेनी पड़ी है।
राष्ट्रपति जोको विडोडो ने कई अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों तथा गैर सरकारी संगठनों से राहत में जुटने के लिए कह दिया है।