{"_id":"c7c18aaa-3230-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"burma-should-continue-political-reform-says-obama","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजनीतिक सुधार जारी रखे बर्मा: ओबामा","category":{"title":"Rest of World","title_hn":"बाकी दुनिया","slug":"rest-of-world"}}
राजनीतिक सुधार जारी रखे बर्मा: ओबामा
Updated Mon, 19 Nov 2012 03:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बर्मा की अपनी ऐतिहासिक यात्रा से ठीक पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बर्मा के शासकों से राजनीतिक सुधारों को जारी रखने की अपील की है।
ओबामा सोमवार को बर्मा पहुंचने वाले हैं और बर्मा की यात्रा करने वाले वे पहले अमरीकी राष्ट्रपति होंगे।
मानवाधिकार हनन की बढ़ती घटनाओं को लेकर हो रही बर्मा सरकार की आलोचना के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में ओबामा का कहना था कि फिलहाल सरकार सही दिशा में जा रही है।
लेकिन उनका कहना था कि भविष्य में अभी उसे और काम करने की जरूरत है।
थाईलैंड में एक प्रेस वार्ता में बराक ओबामा ने कहा, “किसी को भी ये गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि बर्मा को जहां जाना चाहिए था, वहां वो पहुंच चुका है।”
उन्होंने कहा, “यदि हम चाहते हैं कि बर्मा में पूर्ण लोकतंत्र बहाल हो, तो हमें अभी इंतजार करना पड़ेगा।”
मुलाकात
थाईलैंड में उन्होंने प्रधानमंत्री यिंगलुक शिनेवात्रा और राजा भूमिबोल से मुलाकात की। थाईलैंड में दुनिया की सबसे लंबे समय से शासन करने वाली राजशाही है।
बराक ओबामा बर्मा के राष्ट्रपति थीन सीन और विपक्ष की नेता आंग सान सू ची से भी मुलाकात करने वाले हैं।
इसके अलावा वे रंगून विश्वविद्यालय में एक भाषण भी देंगे। ये विश्वविद्यालय साल 1988 में लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र था और राजशाही ने यहां हुए आंदोलन को हिंसक तरीके से दबाया था।
पिछले साल बर्मा के अधिकारियों ने सैकड़ों राजनीतिक बंदियों को रिहा कर दिया था और देश में पहली बार चुनाव कराए गए थे। हालांकि मानवाधिकार समूहों का कहना है कि अभी भी करीब तीन सौ राजनीतिक बंदी जेलों में बंद हैं।
विज्ञापन
इसी वजह से अमरीका समेत कुछ अन्य पश्चिमी देशों ने बर्मा पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में कुछ ढील दी थी। बर्मा में पिछले पांच दशक से सैनिक सरकार सत्ता पर काबिज है।
संघर्ष
विभिन्न जातीय समूहों के बीच चल रहा संघर्ष भी अभी समाप्त नहीं हुआ है। राखीन राज्य में रोहिंग्या मुसलमानों और बौद्धों के बीच लगातार हिंसक झड़पें हो रही हैं।
अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात का आश्वासन चाहते हैं कि बर्मा ने उत्तर कोरिया से दूरी बना ली है। साल 2010 में ऐसे आरोप लगे थे कि दोनों देश परमाणु तकनीक साझा कर रहे हैं।
दक्षिण पूर्व एशिया की यात्रा के दौरान बर्मा के बाद बराक ओबामा कंबोडिया जाएंगे जहां वे आसियान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
जानकारों का कहना है कि अमरीका इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को कमजोर करना चाहता है। हालांकि अमरीकी अधिकारी बार-बार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि वे चीन के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
विज्ञापन
ओबामा सोमवार को बर्मा पहुंचने वाले हैं और बर्मा की यात्रा करने वाले वे पहले अमरीकी राष्ट्रपति होंगे।
मानवाधिकार हनन की बढ़ती घटनाओं को लेकर हो रही बर्मा सरकार की आलोचना के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में ओबामा का कहना था कि फिलहाल सरकार सही दिशा में जा रही है।
लेकिन उनका कहना था कि भविष्य में अभी उसे और काम करने की जरूरत है।
थाईलैंड में एक प्रेस वार्ता में बराक ओबामा ने कहा, “किसी को भी ये गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि बर्मा को जहां जाना चाहिए था, वहां वो पहुंच चुका है।”
उन्होंने कहा, “यदि हम चाहते हैं कि बर्मा में पूर्ण लोकतंत्र बहाल हो, तो हमें अभी इंतजार करना पड़ेगा।”
मुलाकात
थाईलैंड में उन्होंने प्रधानमंत्री यिंगलुक शिनेवात्रा और राजा भूमिबोल से मुलाकात की। थाईलैंड में दुनिया की सबसे लंबे समय से शासन करने वाली राजशाही है।
बराक ओबामा बर्मा के राष्ट्रपति थीन सीन और विपक्ष की नेता आंग सान सू ची से भी मुलाकात करने वाले हैं।
इसके अलावा वे रंगून विश्वविद्यालय में एक भाषण भी देंगे। ये विश्वविद्यालय साल 1988 में लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र था और राजशाही ने यहां हुए आंदोलन को हिंसक तरीके से दबाया था।
विज्ञापन
पिछले साल बर्मा के अधिकारियों ने सैकड़ों राजनीतिक बंदियों को रिहा कर दिया था और देश में पहली बार चुनाव कराए गए थे। हालांकि मानवाधिकार समूहों का कहना है कि अभी भी करीब तीन सौ राजनीतिक बंदी जेलों में बंद हैं।
विज्ञापन
इसी वजह से अमरीका समेत कुछ अन्य पश्चिमी देशों ने बर्मा पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में कुछ ढील दी थी। बर्मा में पिछले पांच दशक से सैनिक सरकार सत्ता पर काबिज है।
संघर्ष
विभिन्न जातीय समूहों के बीच चल रहा संघर्ष भी अभी समाप्त नहीं हुआ है। राखीन राज्य में रोहिंग्या मुसलमानों और बौद्धों के बीच लगातार हिंसक झड़पें हो रही हैं।
अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात का आश्वासन चाहते हैं कि बर्मा ने उत्तर कोरिया से दूरी बना ली है। साल 2010 में ऐसे आरोप लगे थे कि दोनों देश परमाणु तकनीक साझा कर रहे हैं।
दक्षिण पूर्व एशिया की यात्रा के दौरान बर्मा के बाद बराक ओबामा कंबोडिया जाएंगे जहां वे आसियान सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
जानकारों का कहना है कि अमरीका इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को कमजोर करना चाहता है। हालांकि अमरीकी अधिकारी बार-बार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि वे चीन के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।