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Yemen: यमन में इस्राइली हमले में आवासीय इमारतें तबाह, खंडहरों में रहने के लिए मजबूर परिवार; अब तक 46 की मौत
Sat, 13 Sep 2025 02:33 PM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: बशु जैन
Updated Sat, 13 Sep 2025 02:33 PM IST
सार
पिछले दिनों हूती विद्रोहियों ने इस्राइल पर ड्रोन दागा था। ड्रोन ने इस्राइल की बहुस्तरीय हवाई सुरक्षा को भेद दिया और दक्षिणी इस्राइली हवाई अड्डे पर हमला कर दिया। इसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। इसके जवाब में इस्राइल ने यमन पर हमला किया। हमले में सना के मध्य तहरीर इलाके में दर्जनों घर क्षतिग्रस्त हो गए।
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इस्राइल का हमला (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : एएनआई/रॉयटर्स
विस्तार
यमन में इस्राइली हमलों ने जमकर कहर बरपाया है। इस्राइल की ओर से हूती विद्रोहियों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में सना में आवासीय क्षेत्रों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा। हमलों में कई घर बर्बाद हो गए। लोगों को अधिकारियों से मदद नहीं मिल रही है। ऐसे में लोग खंडहर बन चुकी इमारतों में रहने के लिए मजबूर हैं। वहीं हमलों में 46 लोगों की मौत हो गई है।
पिछले दिनों हूती विद्रोहियों ने इस्राइल पर ड्रोन दागा था। ड्रोन ने इस्राइल की बहुस्तरीय हवाई सुरक्षा को भेद दिया और दक्षिणी इस्राइली हवाई अड्डे पर हमला कर दिया। इसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। इसके जवाब में इस्राइल ने यमन पर हमला किया। यमन में एक सैन्य मुख्यालय और सना ईंधन स्टेशन समेत आवासीय इमारतों पर मिसाइलें दागी गईं। इन हमलों में 11 महिलाओं और पांच बच्चों सहित 46 लोग मारे गए और 165 घायल हुए। साथ ही 11 स्थानीय पत्रकार भी मारे गए।
हूती विद्रोहियों के संस्कृति मंत्रालय के अनुसार इस्राइली हमले से यमन के राष्ट्रीय संग्रहालय को भी नुकसान पहुंचा। वहीं सना के मध्य तहरीर इलाके में दर्जनों घर क्षतिग्रस्त हो गए। वहां की एक निवासी उम तलाल ने कहा कि उसे विश्वास नहीं है कि अधिकारी घर की मरम्मत में मदद करेंगे। यहां वह अपनी बेटी और दो बेटों के साथ रहती है। हवाई हमलों में उनके लिविंग रूम की दीवारें टूट गईं और रसोईघर क्षतिग्रस्त हो गया।
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उन्होंने कहा कि सब कुछ पलक झपकते ही खत्म हो गया। अधिकारियों ने आज तक हमें बुलाया तक नहीं। विनाश के बावजूद परिवार जो कुछ भी कर सकता है, उसे ठीक करेगा और अपने घर में रहना जारी रखेगा।
एक अन्य निवासी अहमद अल-वसाबी ने कहा कि हमले के वक्त वह और उनका परिवार उस समय घर पर नहीं थे। उनका घर आंशिक रूप से नष्ट हो गया। किराना दुकान मालिक खालिद अल-दबेई ने कहा कि विस्फोट से लोग डर गए और भागने लगे तथा बच्चे और महिलाएं रोने और चीखने लगीं। विस्फोटों के कारण उनकी अलमारियों से सामान गिर गया।
हूतियों ने 22 महीने से अधिक समय से इस्राइल की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाया है। उनका कहना है कि वे गाजा में युद्ध के दौरान फलस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हमला कर रहे हैं। हूती नेता महदी अल-मशात ने बुधवार को हमले जारी रखने की कसम खाई। उन्होंने इस्राइलियों को चेतावनी दी कि वे सतर्क रहें, क्योंकि जवाब निश्चित रूप से आएगा।
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पिछले दिनों हूती विद्रोहियों ने इस्राइल पर ड्रोन दागा था। ड्रोन ने इस्राइल की बहुस्तरीय हवाई सुरक्षा को भेद दिया और दक्षिणी इस्राइली हवाई अड्डे पर हमला कर दिया। इसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। इसके जवाब में इस्राइल ने यमन पर हमला किया। यमन में एक सैन्य मुख्यालय और सना ईंधन स्टेशन समेत आवासीय इमारतों पर मिसाइलें दागी गईं। इन हमलों में 11 महिलाओं और पांच बच्चों सहित 46 लोग मारे गए और 165 घायल हुए। साथ ही 11 स्थानीय पत्रकार भी मारे गए।
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हूती विद्रोहियों के संस्कृति मंत्रालय के अनुसार इस्राइली हमले से यमन के राष्ट्रीय संग्रहालय को भी नुकसान पहुंचा। वहीं सना के मध्य तहरीर इलाके में दर्जनों घर क्षतिग्रस्त हो गए। वहां की एक निवासी उम तलाल ने कहा कि उसे विश्वास नहीं है कि अधिकारी घर की मरम्मत में मदद करेंगे। यहां वह अपनी बेटी और दो बेटों के साथ रहती है। हवाई हमलों में उनके लिविंग रूम की दीवारें टूट गईं और रसोईघर क्षतिग्रस्त हो गया।
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उन्होंने कहा कि सब कुछ पलक झपकते ही खत्म हो गया। अधिकारियों ने आज तक हमें बुलाया तक नहीं। विनाश के बावजूद परिवार जो कुछ भी कर सकता है, उसे ठीक करेगा और अपने घर में रहना जारी रखेगा।
एक अन्य निवासी अहमद अल-वसाबी ने कहा कि हमले के वक्त वह और उनका परिवार उस समय घर पर नहीं थे। उनका घर आंशिक रूप से नष्ट हो गया। किराना दुकान मालिक खालिद अल-दबेई ने कहा कि विस्फोट से लोग डर गए और भागने लगे तथा बच्चे और महिलाएं रोने और चीखने लगीं। विस्फोटों के कारण उनकी अलमारियों से सामान गिर गया।
हूतियों ने 22 महीने से अधिक समय से इस्राइल की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाया है। उनका कहना है कि वे गाजा में युद्ध के दौरान फलस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए हमला कर रहे हैं। हूती नेता महदी अल-मशात ने बुधवार को हमले जारी रखने की कसम खाई। उन्होंने इस्राइलियों को चेतावनी दी कि वे सतर्क रहें, क्योंकि जवाब निश्चित रूप से आएगा।