फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Research: Plants make good neighbors in dark and shady places

शोध : अंधेरी और छायादार जगहों पर अच्छे पड़ोसी बनते हैं पौधे

Tue, 06 Jul 2021 07:18 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, लंदन
एजेंसी, लंदन Published by: Kuldeep Singh Updated Tue, 06 Jul 2021 07:18 AM IST
सार

  • जॉन इन्स और ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने गहरी छाव में पौधों की लंबाई में वृद्धि रोकने के रहस्य का पता लगाया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, जब पौधे को छवि का पता लगता है तो इससे 'सर्केडियन क्लॉक' के हिस्सों में जीन व्यवहार बदल जाता है।

विज्ञापन
Research: Plants make good neighbors in dark and shady places
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

अपने ऊपर छाया के खतरे को देखते हुए 38 वर्षों से आगे निकलने के लिए लंबाई बढ़ाते हैं। पर घने जंगलों में जहां संसाधन व प्रकाश संश्लेषण सीमित होता है। वहां यह रणनीति काम नहीं आती। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन जगहों पर पौधे अपना विकास नियंत्रित कर एक दूसरे का साथ निभाते हैं। लंबाई में नियंत्रण कार्य उनकी आंतरिक घटी घड़ियां (सर्केडियन क्लॉक) करती हैं। 

विज्ञापन


जॉन इन्स और ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने गहरी छाव में पौधों को की लंबाई में वृद्धि रोकने के रहस्य का पता लगाया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, जब पौधे को छवि का पता लगता है तो इससे 'सर्केडियन क्लॉक' के हिस्सों में जीन व्यवहार बदल जाता है। इनसे जुड़े घटक तने की लंबाई को रोकने में अतिरिक्त भूमिका निभाने लगते हैं। इससे पौधे की ऊंचाई रूकती है। 
विज्ञापन


ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कैरी फ्रैंकलीन का कहना है कि पौधे के जल्दी से पड़ोसियों का पता लगाने और मध्यम छांव पर गौर करने पर पता लगा है कि किस तरह पौधे बहुत सीमित संसाधनों वाली जगह पर गहरी छाया के लिए अनुकूलता बना लेते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed