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China: ताइवान से तनाव के बीच युद्ध के लिए तैयार हो रहा चीन, हाल ही में शी ने दिया था सशस्त्र बलों को आदेश
Mon, 14 Nov 2022 04:27 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 14 Nov 2022 04:27 PM IST
सार
ताइवान के साथ बढ़ते तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीते आठ नवंबर को देश की सेना को जंग के लिए तैयार रहने का आदेश दे दिया था। उन्होंने कहा था कि चीन अपनी सेना का युद्ध प्रशिक्षण मजबूत करेगा क्योंकि देश में सुरक्षा की स्थिति लगातार अस्थिर और अनिश्चित बनती जा रही है।
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चीनी सेना
- फोटो : eng.mod.gov.cn
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विस्तार
ताइवान के साथ बढ़ते तनाव के बीच हाल ही में चीनी राष्ट्रपति द्वारा दिए गए एक आदेश को युद्ध के लिए अपनी तैयारी और दुनिया को अपनी सेना का दम दिखाने के साथ ही एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि आलोचकों का कहना है कि चीनी राष्ट्रपति के इस आदेश से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की कमजोरी भी झलकती है।
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चीनी राष्ट्रपति ने दिया था सेना को युद्ध के लिए तैयार होने का आदेश
गौरतलब है कि ताइवान के साथ बढ़ते तनाव के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीते आठ नवंबर को देश की सेना को जंग के लिए तैयार रहने का आदेश दे दिया था। उन्होंने कहा था कि चीन अपनी सेना का युद्ध प्रशिक्षण मजबूत करेगा क्योंकि देश में सुरक्षा की स्थिति लगातार अस्थिर और अनिश्चित बनती जा रही है।
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20वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस के सिद्धांतो का पालन करने का दिया निर्देश
स्काई न्यूज ऑस्ट्रेलिया की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति ने बीजिंग में केंद्रीय सैन्य आयोग के संयुक्त अभियान कमान सेंटर के दौरे के दौरान यह आदेश दिया। सीसीटीवी के अनुसार जिनपिंग ने कहा कि चीन अब अपने सैन्य प्रशिक्षण और किसी भी युद्ध की तैयारी को व्यापक रूप से मजबूत करेगा। उन्होंने ने सशस्त्र बलों को 20वीं सीपीसी राष्ट्रीय कांग्रेस के मार्गदर्शक सिद्धांतों का पूरी तरह से अध्ययन, प्रचार और कार्यान्वयन करने और राष्ट्रीय रक्षा और सेना को और आधुनिक बनाने के लिए ठोस कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इतना ही नहीं, शी ने चीनी सेना को राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा करने और पार्टी और लोगों द्वारा सौंपे गए विभिन्न कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने का भी निर्देश दिया।
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भोजन और पानी की आपातकालीन आपूर्ति को लेकर जारी हुए थे निर्देश
गौरतलब है कि हाल के कुछ महीनों में चीनी राष्ट्रपति द्वारा दिए गए आदेशों को देखें तो पता चलता है कि वे युद्ध का मन बना चुके हैं और इसी बाबत वे न केवल सेना बल्कि चीन के नागरिकों को भी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार कर रहे हैं। बीते अक्तूबर के एक आदेश से यही प्रतीत होता है। दरअसल, अक्तूबर में चीन के शेनझेन प्रांत में सभी निवासियों को 72 घंटे के लिए भोजन और पानी जैसी आपातकालीन आपूर्ति और एक आग कंबल तैयार करने का आदेश दिया गया था।
साथ ही शेनझेन ने उसी दिन यह भी घोषणा की थी कि चीनी नेता शी जिनपिंग ने सैनिकों को युद्ध की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा है। इसके कारण यह चिंता बढ़ गई कि बीजिंग संघर्ष के लिए तैयार हो रहा है। वहीं, शी जिनपिंग ने शेनझेन और ग्वांगडोंग प्रांत से लगभग 220 मील दूर चाओझोउ शहर का भी दौरा किया था। यहां उन्होंने चीनी नौसेनिकों से कहा था कि वे युद्ध की तैयारियों में अपनी उर्जा का प्रयोग करें। गौरतलब है कि शेन्ज़ेन और चाओझोउ दोनों ताइवान के पश्चिम में स्थित हैं।
सेना की वर्दी पहनकर जिनपिंग ने पहले भी दिए निर्देश
चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग में सैनिकों को संबोधित करते हुए सेना की वर्दी पहनकर जिनपिंग पहले भी इसी तरह की टिप्पणी कर चुके हैं। लेकिन, उनकी ताजा टिप्पणी, ताइवान को लेकर अमेरिका के साथ चीन के बढ़ते तनाव के बीच आई है। अगस्त में अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के बाद यह तनाव बढ़ गया है।
चीन ने पेलोसी की यात्रा को अपनी संप्रभुता के लिए एक चुनौती के रूप में देखा और ताइवान के ऊपर बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास शुरू कर और बैलिस्टिक मिसाइल दागकर ताकत के प्रदर्शन के साथ जवाबी कार्रवाई की।
ताइवान को लेकर चीनी नीति और सख्त
शी जिनपिंग के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान ताइवान को लेकर चीनी नीति और सख्त हुई है। चीन सरकार का कहना है कि ताइवान उसका अलग द्वीप प्रांत है, उसका जल्द ही चीन में विलय हो जाएगा। जबकि अमेरिका व उसके अन्य पश्चिमी सहयोगी देश चीन के इस रवैये का विरोध करते हुए ताइवान को स्वतंत्र देश मानते हैं।