Vietnam Visit: राजनाथ सिंह ने वियतनाम को सौंपी 12 हाई स्पीड गार्ड बोट, तीन दिनी दौरे पर हैं रक्षामंत्री
इन 12 बोट में से पांच का निर्माण भारत में एलएंडटी शिपयार्ड में किया गया था, जबकि सात का निर्माण हांग हा शिपयार्ड में किया गया था।
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तीन दिनी वियतनाम दौरे पर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज वियतनाम बॉर्डर गार्ड को 12 हाई स्पीड गॉर्ड बोट सौंपी। इनका निर्माण भारत और वियतनाम के शिपयार्ड में किया गया है।
इनकी लागत 10 करोड़ डॉलर है। ये बोट हांग हा शिपयार्ड में सौंपी गई। इन 12 बोट में से पांच का निर्माण भारत में एलएंडटी शिपयार्ड में किया गया था, जबकि सात का निर्माण हांग हा शिपयार्ड में किया गया था।
यह कार्यक्रम रक्षा मंत्री की वियतनाम की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान आयोजित किया गया। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि यह परियोजना हमारे 'मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड' मिशन का एक ज्वलंत उदाहरण है। सिंह ने एक ट्वीट में कहा कि हमें बहुत खुशी होगी अगर वियतनाम जैसे करीबी दोस्त रक्षा उद्योग सहयोग में वृद्धि के माध्यम से हमारे रक्षा उद्योग में बदलाव का हिस्सा बन जाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मुझे विश्वास है कि यह भारत और वियतनाम के बीच कई और रक्षा परियोजनाओं का अग्रदूत साबित होगा। भारत और वियतनाम ने बुधवार को दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग के विस्तार के लिए रक्षा साझेदारी 2030 के लिए संयुक्त विजन स्टेटमेंट पर हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्री की अपने वियतनाम समकक्ष जनरल फान वान गियांग के साथ बैठक के बाद इस प्रमुख विजन स्टेटमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
वियतनाम का चल रहा चीन से विवाद
वियतनाम उन देशों में शामिल है जिनके साथ दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन का विवाद चल रहा है। वहीं, लद्दाख और अरुणाचल को लेकर भारत के साथ भी चीन के संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को तीन दिनी दौरे पर हनोई पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति नुयेन शुआन फुक से भी भेंट की। सिंह ने वियतनाम के संस्थापक हो ची मिन्ह की समाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
2000 साल पुराने हैं भारत-वियतनाम संबंध
रक्षा मंत्रालय ने भारत की एक्ट ईस्ट नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में वियतनाम को भारत का महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देश समृद्ध इतिहास और सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंधों को साझा करते हैं जो 2000 साल से भी पुरानी हैं। साल 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वियतनाम दौरे के बाद दोनों देशों के संबंध समग्र रणनीति साझेदारी के स्तर पर पहुंच गए।