फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Quad summit 2022 PM Modi Will Attend Conference in Tokyo Know Countries Member News in Hindi

Quad Summit 2022: टोक्यो में होने वाले सम्मेलन में पीएम मोदी करेंगे शिरकत, जानिए क्या है क्वाड और चीन इससे क्यों खौफ खाता है?

Sat, 21 May 2022 06:45 PM IST
हिमांशु मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो/नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो/नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sat, 21 May 2022 06:45 PM IST
सार

इस क्वाड सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजर टिकी होगी, क्योंकि इसी दिन रूस और यूक्रेन युद्ध को तीन महीने पूरे हो जाएंगे। 24 फरवरी से दोनों देशों के बीच युद्ध की शुरुआत हुई थी। भारत के लिहाज से भी यह बैठक अहम मानी जा रही है, क्योंकि एलएसी के पास चीनी हलचल तेज हो गई है।

विज्ञापन
Quad summit 2022 PM Modi Will Attend Conference in Tokyo Know Countries Member News in Hindi
क्वाड शिखर सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 मई को जापान की राजधानी टोक्यो में होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे। ऑस्ट्रेलिया में आज हुए आम चुनाव में मौजूदा प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन हार गए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि क्वाड सम्मेलन में ऑस्ट्रेलिया की तरफ से एंथोनी अल्बनीज नए प्रधानमंत्री के रूप में क्वाड में शामिल हो सकते हैं।
विज्ञापन


इस क्वाड सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजर टिकी होगी, क्योंकि इसी दिन रूस और यूक्रेन युद्ध को तीन महीने पूरे हो जाएंगे। 24 फरवरी से दोनों देशों के बीच युद्ध की शुरुआत हुई थी। भारत के लिहाज से भी यह बैठक अहम मानी जा रही है, क्योंकि एलएसी के पास चीनी हलचल तेज हो गई है। चीन के रवैये पर क्वाड देशों की तरफ से आक्रमक बयान जारी किया जा सकता है। 
विज्ञापन


अब आप सोच रहे होंगे कि ये क्वाड क्या है? क्यों बनाया गया और इसमें कौन-कौन से देश शामिल हैं? 24 मई को टोक्यो में होने वाले क्वाड सम्मेलन में क्या-क्या होगा? क्वाड का नाम सुनते ही चीन क्यों खौफ खाने लगता है? आइए जानते हैं...
विज्ञापन
विज्ञापन

 

पहले क्वाड के बारे में जानिए

Quad summit 2022 PM Modi Will Attend Conference in Tokyo Know Countries Member News in Hindi
जापान, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी। - फोटो : अमर उजाला
2004 में हिंद महासागर में सुनामी आई। इसके तटीय देश काफी प्रभावित हुए थे। तब भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने मिलकर सुनामी प्रभावित देशों की मदद की। इसके बाद 2007 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने क्वाड (QUAD) यानी द क्वाड्रिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग का गठन किया। 

क्वाड में चार देश अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत का एक समूह है। 2007 से 2010 के बीच हर साल क्वाड की बैठकें होती रहीं, लेकिन इसके बाद बंद हो गई। बताया जाता है कि तब चीन ने ऑस्ट्रेलिया पर काफी दबाव डाला, जिसके बाद वह क्वाड से दूरियां बनाने लगा। हालांकि, 2017 में फिर से चारों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने मिलकर क्वाड को मजबूत करने का फैसला लिया।

पिछले साल यानी 2021 के वर्चुअल शिखर सम्मेलन में क्वाड नेताओं ने एक मुक्त, खुला और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र की बात की थी। इसके साथ ही इन देशों ने दुनिया की चुनौतियों पर एक साथ काम करने का संकेत दिया था जिसमें जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, गुणवत्ता बुनियादी ढांचा निवेश आदि शामिल हैं। गुणवत्ता बुनियादी ढांचा निवेश को चीन के बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट के काउंटर के तौर पर देखा जा रहा है।
 

चीन क्यों खौफ खाता है?

Quad summit 2022 PM Modi Will Attend Conference in Tokyo Know Countries Member News in Hindi
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : अमर उजाला
दरअसल क्वाड में शामिल चारों देशों से चीन के रिश्ते ज्यादा अच्छे नहीं हैं। इस समूह में भारत इकलौता ऐसा देश है, जिसकी सीमाएं चीन से सटी हुई हैं। ऐसे में जब चारों देश एकजुट होते हैं, तो चीन खौफ खाने लगता है। चीन का विदेश मंत्रालय खुलकर क्वाड ग्रुप के खिलाफ बोल चुका है। चीनी विदेश प्रवक्ता वांग वेनबिन ने क्वाड पर चीन के हितों को कम करने के लिए समर्पित होने का आरोप लगाया था। यही नहीं, चीन ने कई मौकों पर क्वाड को छोटा नाटो और एशियाई नाटो का नाम भी दिया। वांग वेनबिन ने हाल ही में कहा था कि क्वाड ग्रुप अप्रचलित शीत युद्ध और सैन्य टकराव की आशंकाओं में डूबा हुआ है। यह समय की प्रवृत्ति के विपरीत चलता है और इसका खारिज होना तय है।

विदेश मामलों के जानकार आदित्य पटेल कहते हैं, 'क्वाड में शामिल चारों देशों के अपने अलग-अलग हित हैं। यह भी सही है कि चारों देश चीन के साम्राज्यवादी सोच को रोकने के लिए एकजुट हुए हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि चारों देशों की सोच हर मुद्दे पर एक हो। 
 
पटेल आगे कहते हैं, 'क्वाड में सुरक्षा, व्यापार समेत कई मुद्दों पर चर्चा होती है, लेकिन चीन इस संगठन से डरा रहता है। इसे अपने लिए खतरा मानता है। भारत से चीन का सीमा विवाद चल रहा है। अभी एलएसी पर तनाव की स्थिति भी है। वहीं, अमेरिका लंबे समय से चीन के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंतित है। इसी तरह जापान और ऑस्ट्रेलिया दोनों दक्षिण और पूर्वी चीन सागर में चीन की बढ़ती उपस्थिति से परेशान हैं। इसलिए जब ये चारों देश चीन की आक्रामक विस्तारवाद योजना को घेरने के लिए इस तरह समूह बनाकर साथ आए तो चीन घबरा गया।' 
 

क्या क्वाड चीन की बढ़ती ताकत रोक सकता है? 

Quad summit 2022 PM Modi Will Attend Conference in Tokyo Know Countries Member News in Hindi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग - फोटो : अमर उजाला
इसका जवाब जानने के लिए हमने विदेश मामलों के जानकार प्रो. संदीप गुहा से संपर्क किया। प्रो. गुहा ने कहा, 'भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका आपस में रक्षा संबंध बढ़ा रहे हैं। चारों देशों की नौसेनाओं ने पिछले साल नवंबर में अपना सबसे बड़ा नौसैनिक अभ्यास आयोजित किया था। हिंद महासागर में युद्धपोत, पनडुब्बी और विमान भेजे गए। इससे चीन में हलचल बढ़ गई थी।' 

प्रो. गुहा के अनुसार, 'आने वाले दिनों में इस समूह का विस्तार हो सकता है। खासतौर पर समान विचारधारा वाले देशों को जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। बताया जा रहा है कि अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्वाड को मजबूत बनाने पर गंभीर है। भारत और अमेरिका दोनों देशों का मानना है कि क्वाड साझा हितों पर आधारित साझेदारी है, इसे केवल कुछ देशों तक सीमित रखने का इरादा नहीं है। कोई भी देश जो स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र की वकालत करता है वह इसका हिस्सा किसी न किसी रूप में बन सकता है। माना जाता है कि यह प्रयास अधिक से अधिक देशों को चीन के खिलाफ इकट्ठा करना है।' 

24 मई को होने वाली बैठक में क्या-क्या होगा? 
माना जा रहा है कि क्वाड शिखर सम्मेलन में रक्षा, विज्ञान, तकनीक, ऊर्जा, व्यापार समेत कई मसलों पर चर्चा होगी। इसके बाद 24 मई को ही प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष जापान के प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के साथ भी बैठक संभावित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed