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Shah Mehmood Qureshi: पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री को बड़ा झटका, अदियाला जेल से रिहाई के बाद फिर गिरफ्तारी

Wed, 27 Dec 2023 02:39 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 27 Dec 2023 02:39 PM IST
सार

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अदियाला जेल से रिहाई के बाद उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया है। गुप्त राजनयिक केबल (Cipher) मामले में कुरैशी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली थी। अब एक बार फिर उन्हें सलाखों के पीछे जाना होगा।

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PTI leader Shah Mehmood Qureshi Arrest after release from adiala jail Pakistan
पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को फिर गिरफ्तार किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी- पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के उपाध्यक्ष रहे कुरैशी को गुप्त राजनयिक केबल यानी सिफर मामले में जमानत मिली थी। पिछले हफ्ते उच्चतम न्यायालय से मिली जमानत के बाद बुधवार को कुरैशी को अदियाला जेल के बाहर फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। खबरों के अनुसार कुरैशी ने दोबारा गिरफ्तारी का भरपूर विरोध किया।
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गिरफ्तारी का विरोध करते दिखे PTI उपाध्यक्ष
टीवी पर प्रसारित वीडियो और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा पीटीआई की फुटेज में 67 वर्षीय पूर्व विदेश मंत्री को जोर-शोर से विरोध करते देखा गया। डॉन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक कुरैशी ने पुलिस की कार्रवाई को अवैध करार दिया। वीडियो में पंजाब पुलिस की वर्दी पहने अधिकारी कुरैशी को बख्तरबंद पुलिस वाहन में धकेलते देखा जा सकता है।
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सिफर मामले में जमानत के बाद फिर गिरफ्तारी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर पोस्ट वीडियो में पीटीआई ने कहा कि सिफर मामले में जमानत पर रिहाई के बाद कुरैशी को अदियाला जेल के बाहर से फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। पार्टी ने कहा कि रावलपिंडी के उपायुक्त हसन वकार चीमा ने मंगलवार को कुरैशी की 15 दिन की हिरासत का आदेश वापस ले लिया।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ताक पर रखने के आरोप
पूर्व विदेश मंत्री पर हुई कार्रवाई और पीटीआई के आरोपों पर पाकिस्तान की पुलिस ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। पुलिसकर्मी जब पीटीआई नेताओं को जबरन खदेड़ रहे थे तो कुरैशी के साथ-साथ उनके समर्थकों ने भी अवैध रूप से गिरफ्तार किए जाने का आरोप लगाते सुने गए। क़ुरैशी ने कहा कि पुलिस सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का मखौल उड़ा रही है। पाकिस्तान में क्रूरता और अन्याय चरम पर है। उन्होंने कहा, 'वे मुझे फिर से झूठे मामले में गिरफ्तार कर रहे हैं। मैं देश का प्रतिनिधित्व करता हूं और निर्दोष हूं। राजनीतिक बदला लेने के लिए निशाना बनाया जा रहा है।'

इससे पहले पाकिस्तान की शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ-साथ उनके सहयोगी कुरैशी को सिफर मामले में जमानत दी थी। दोनों को एक-एक मिलियन पाकिस्तानी रुपये का जमानत बॉन्ड जमा करने का निर्देश भी दिया गया। पिता के खिलाफ कार्रवाई पर कुरैशी की बेटी ने कहा था कि उन्हें रिहाई की पूरी उम्मीद है, क्योंकि किसी अन्य मामले में उनकी गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है।

खबर के मुताबिक मंगलवार को क़ुरैशी का परिवार जमानत के लिए मुचलके का भुगतान करने अदियाला जेल पहुंचा था। हालांकि, रोबकर (रिहाई आदेश) मिलने से पहले ही रावलपिंडी के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) हसन वकार चीमा ने सार्वजनिक व्यवस्था का रखरखाव (एमपीओ) कानून की धारा 3 के तहत 15 दिन की हिरासत का आदेश जारी कर दिया। इस आधार पर कुरैशी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।


बता दें कि पाकिस्तान में एमपीओ की धारा 3 सरकार को संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार करने और हिरासत में लेने का अधिकार देती है। जरूरत पड़ने पर सरकार 'समय-समय पर ऐसी हिरासत की अवधि को एक बार में छह महीने से अधिक की अवधि तक बढ़ा भी सकती है। इस दायरे में तमाम वैसे लोग आते हैं जिन्हें सरकार या प्रशासन 'सार्वजनिक सुरक्षा या कानून व्यवस्था के लिए हानिकारक' मानती है।
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