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Pakistan: खदीजा शाह ने महिला कैदियों की दुर्दशा पर लिखा पत्र, पीटीआई की रैली के दौरान की गई थी गिरफ्तार
Thu, 26 Oct 2023 06:26 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड डेस्क,अमर उजाला,लाहौर
वर्ल्ड डेस्क,अमर उजाला,लाहौर
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Thu, 26 Oct 2023 06:26 PM IST
सार
अपने साथ कैद 18 निर्दोष महिलाओं की दुर्दशा के बारे में लिखते हुए खदीजा शाह ने कहा, इन महिला कैदियों की दुनिया तक कोई पहुंच नहीं है और वे अपनी दुर्दशा साझा करने में असमर्थ हैं।
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पाकिस्तान का झंडा
- फोटो : Social media
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विस्तार
पूर्व सेना प्रमुख की पोती और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के एक नेता खदीजा शाह जिन्हें नौ मई की हिंसा में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था, ने जेल से एक खुला पत्र लिखकर सहानुभूति और मानवता की मांग की है। खदीजा शाह, जिन्हें पिछले सप्ताह गिरफ्तारी के बाद जमानत दी गई थी लेकिन फिर से गिरफ्तार कर लिया गया और अब उन्होंने पांच पन्नों का पत्र लिखा है, जिसे उनके पति ने बुधवार को साझा किया है। जिसमें अलगाव के दिल दहला देने वाले विवरण का वर्णन किया गया है। उन्होंने कहा,नौ मई के विरोध प्रदर्शन में शांतिपूर्वक भाग लेने के लिए उन्हें चार महीने से अधिक समय से जेल में रखा गया है। उन्होंने पत्र में लिखा, लाहौर की कोट लखपत जेल में प्रत्येक पीटीआई महिला कैदी को अकल्पनीय सजा भुगतनी पड़ी है।
पत्र के जरिए दुर्दशा का किया जिक्र
अपने साथ कैद 18 निर्दोष महिलाओं की दुर्दशा के बारे में लिखते हुए खदीजा शाह ने कहा, इन महिला कैदियों की दुनिया तक कोई पहुंच नहीं है और वे अपनी दुर्दशा साझा करने में असमर्थ हैं। उनके परिवार उनके बिना जीवन की मांगों को संतुलित करने के लिए सख्त संघर्ष कर रहे हैं। मेरे साथ कैद की गई महिलाओं को असहनीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है, और वे इंतजार कर रही हैं कि दुनिया इस पर ध्यान दे और उनके लिए बोले। कैद में रहने वाली ये 18 महिलाएं सिर्फ 18 महिलाएं नहीं हैं। वे 18 घर, 18 परिवार और अनगिनत जिंदगियां हैं। पत्र में कहा गया है कि मैं टूट गई हूं और ठहर गई हूं। मैं उस त्रासदी को साझा करना चाहता हूं, जो हर गुजरते दिन के साथ सामने आ रही है ताकि सहानुभूति और मानवता को जगाया जा सके जो हम सभी में मौजूद होनी चाहिए।
क्या है मामला
पूर्व सेना प्रमुख जनरल आसिफ नवाज जंजुआ की पोती और पेशे से फैशन डिजाइनर खदीजा शाह उन कई महिलाओं में शामिल थीं, जिन्हें नौ मई को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी प्रमुख के हिंसा के बाद सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था। हालांकि इमरान खान को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था लेकिन साइफर मामले फिर से गिरफ्तार कर लिया था।
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पत्र के जरिए दुर्दशा का किया जिक्र
अपने साथ कैद 18 निर्दोष महिलाओं की दुर्दशा के बारे में लिखते हुए खदीजा शाह ने कहा, इन महिला कैदियों की दुनिया तक कोई पहुंच नहीं है और वे अपनी दुर्दशा साझा करने में असमर्थ हैं। उनके परिवार उनके बिना जीवन की मांगों को संतुलित करने के लिए सख्त संघर्ष कर रहे हैं। मेरे साथ कैद की गई महिलाओं को असहनीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है, और वे इंतजार कर रही हैं कि दुनिया इस पर ध्यान दे और उनके लिए बोले। कैद में रहने वाली ये 18 महिलाएं सिर्फ 18 महिलाएं नहीं हैं। वे 18 घर, 18 परिवार और अनगिनत जिंदगियां हैं। पत्र में कहा गया है कि मैं टूट गई हूं और ठहर गई हूं। मैं उस त्रासदी को साझा करना चाहता हूं, जो हर गुजरते दिन के साथ सामने आ रही है ताकि सहानुभूति और मानवता को जगाया जा सके जो हम सभी में मौजूद होनी चाहिए।
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क्या है मामला
पूर्व सेना प्रमुख जनरल आसिफ नवाज जंजुआ की पोती और पेशे से फैशन डिजाइनर खदीजा शाह उन कई महिलाओं में शामिल थीं, जिन्हें नौ मई को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी प्रमुख के हिंसा के बाद सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया था। हालांकि इमरान खान को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था लेकिन साइफर मामले फिर से गिरफ्तार कर लिया था।
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