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वायु सेनाः भारत में 40 C295 ट्रांसपोर्ट विमानों का उत्पादन 'गेम चेंजर' साबित होगा, देश को मिलेगा बड़ा फायदा
Sun, 17 Sep 2023 07:07 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सेविले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सेविले
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 17 Sep 2023 07:07 PM IST
सार
डील के तहत 40 विमान भारत में टाटा एडवांस्ड सिस्टम द्वारा बनाए जाएंगे। मेक इन इंडिया योजना के तहत सी295 विमानों का उत्पादन वडोदरा में किया जाएगा।
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सी295 ट्रांसपोर्ट विमान
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
स्पेन में भारत के राजदूत दिनेश पटनायक का कहना है कि देश में 40 सी295 एयरबस विमानों का उत्पादन गेम चेंजर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे भारत में विश्वस्तरीय एयरोस्पेस इकोसिस्टम तैयार होगा, जिससे भविष्य में देश में विमानों के निर्माण के लिए यह बेहद अहम साबित होगा। बता दें कि भारतीय वायुसेना को बुधवार को पहला सी295 एयरबस विमान मिल गया है। भारत ने एयरबस डिफेंस एंड स्पेस कंपनी के साथ 21,935 करोड़ रुपये की डील की थी।
भारत में होगा 40 सी295 विमानों का उत्पादन
इस डील के तहत कंपनी 16 विमान तैयार करके भारतीय वायुसेना को सौंपेगी। यह 16 विमान स्पेन के सेविले में स्थित कंपनी की फाइनल असेंबली लाइन में तैयार करके 2025 तक डिलीवर किए जाएंगे। डील के तहत 40 विमान भारत में टाटा एडवांस्ड सिस्टम द्वारा बनाए जाएंगे। मेक इन इंडिया योजना के तहत सी295 विमानों का उत्पादन वडोदरा में किया जाएगा और सितंबर 2026 में पहला विमान मिलेगा। वहीं आखिरी विमान अगस्त 2031 तक भारतीय वायुसेना को मिलेगा। यह पहला सैन्य विमान होगा, जिसका उत्पादन भारत में एक निजी कंपनी द्वारा किया जाएगा।
भारत के लिए बेहद अहम है प्रोजेक्ट
भारतीय वायुसेना में ट्रांसपोर्ट विमानों की मौजूदा फ्लीट Avro-748 विमानों की है, जो कि करीब छह दशक पुराने हैं। इसी फ्लीट को सी295 विमानों से बदला जाएगा। दिनेश पटनायक ने प्रोजेक्ट की अहमियत बताते हुए कहा कि भारत में कोई निजी एयरोस्पेस इकोसिस्टम नहीं है, जबकि कई बड़े देशों के पास ऐसा ऐयरोस्पेस इकोसिस्टम मौजूद है। यह डील भारत में इस इकोसिस्टम को तैयार करेगी और यह नई व्यवस्था की शुरुआत हो सकती है।
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बेहतरीन विमान माने जाते हैं सी295
पीएम मोदी ने बीते साल वडोदरा में सी295 विमानों के उत्पादन के लिए मैन्युफैक्चरिंग केंद्र का उद्घाटन किया था। भारत में विमान के विभिन्न उपकरणों का उत्पादन शुरू हो गया है और इन्हें फाइनल असेंबली लाइन के लिए वडोदरा ले जाया जाएगा। बता दें कि सी295 विमानों के 280 ऑर्डर दुनिया के 39 देशों द्वारा दिए जा चुके हैं। टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट के लिहाज से यह बेहतरीन विमान है, जिसमें 71 सैनिकों और 50 पैराट्रूपर्स को ले जाया जा सकता है।
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भारत में होगा 40 सी295 विमानों का उत्पादन
इस डील के तहत कंपनी 16 विमान तैयार करके भारतीय वायुसेना को सौंपेगी। यह 16 विमान स्पेन के सेविले में स्थित कंपनी की फाइनल असेंबली लाइन में तैयार करके 2025 तक डिलीवर किए जाएंगे। डील के तहत 40 विमान भारत में टाटा एडवांस्ड सिस्टम द्वारा बनाए जाएंगे। मेक इन इंडिया योजना के तहत सी295 विमानों का उत्पादन वडोदरा में किया जाएगा और सितंबर 2026 में पहला विमान मिलेगा। वहीं आखिरी विमान अगस्त 2031 तक भारतीय वायुसेना को मिलेगा। यह पहला सैन्य विमान होगा, जिसका उत्पादन भारत में एक निजी कंपनी द्वारा किया जाएगा।
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भारत के लिए बेहद अहम है प्रोजेक्ट
भारतीय वायुसेना में ट्रांसपोर्ट विमानों की मौजूदा फ्लीट Avro-748 विमानों की है, जो कि करीब छह दशक पुराने हैं। इसी फ्लीट को सी295 विमानों से बदला जाएगा। दिनेश पटनायक ने प्रोजेक्ट की अहमियत बताते हुए कहा कि भारत में कोई निजी एयरोस्पेस इकोसिस्टम नहीं है, जबकि कई बड़े देशों के पास ऐसा ऐयरोस्पेस इकोसिस्टम मौजूद है। यह डील भारत में इस इकोसिस्टम को तैयार करेगी और यह नई व्यवस्था की शुरुआत हो सकती है।
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बेहतरीन विमान माने जाते हैं सी295
पीएम मोदी ने बीते साल वडोदरा में सी295 विमानों के उत्पादन के लिए मैन्युफैक्चरिंग केंद्र का उद्घाटन किया था। भारत में विमान के विभिन्न उपकरणों का उत्पादन शुरू हो गया है और इन्हें फाइनल असेंबली लाइन के लिए वडोदरा ले जाया जाएगा। बता दें कि सी295 विमानों के 280 ऑर्डर दुनिया के 39 देशों द्वारा दिए जा चुके हैं। टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट के लिहाज से यह बेहतरीन विमान है, जिसमें 71 सैनिकों और 50 पैराट्रूपर्स को ले जाया जा सकता है।