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श्रीलंका में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सगे भाई, नए मंत्रिमंडल में राजपक्षे परिवार का वर्चस्व
Wed, 12 Aug 2020 06:32 PM IST
Rajeev Rai
पीटीआई, कोलंबो
पीटीआई, कोलंबो
Published by: Rajeev Rai
Updated Wed, 12 Aug 2020 06:32 PM IST
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गोटाबाया राजपक्षे और महिंदा राजपक्षे
- फोटो : Social Media
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श्रीलंका के नये मंत्रिमंडल ने बुधवार को शपथ ली, जिसमें शक्तिशाली राजपक्षे परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने रक्षा मंत्रालय अपने पास ही रखा है, जबकि वित्त मंत्रालय का प्रभार नव निर्वाचित प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे को दिया गया है।
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पिछले हफ्ते संसदीय चुनाव में राजपक्षे की पार्टी को शानदार जीत मिली थी। इसके बाद बुधवार को शपथ ग्रहण समरोह कैंडी शहर में हुआ। राष्ट्रपति गोटाबाया ने मंत्रिमंडल के 28 सदस्यों को पद की शपथ दिलाई। हालांकि, संविधान के मुताबिक यह संख्या 30 तक हो सकती है। उन्होंने 40 राज्य मंत्री भी नियुक्त किये।
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कैंडी शहर में मंत्रिमंडल के सदस्यों ने राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे और उनके बड़े भाई एवं प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे की उपस्थिति में शपथ ग्रहण किया। राष्ट्रपति गोटाबाया ने रक्षा मंत्रालय अपने पास ही रखा है, जबकि उनके बड़े भाई एवं प्रधानमंत्री महिंदा को वित्त, शहरी विकास और बौद्ध मामलों के मंत्रालय का प्रभाार दिया गया। महिंदा के बड़े बेटे नमल राजपक्षे को युवा मामले एवं खेल मंत्री बनाया गया है, 2010 में उनके संसद में प्रवेश करने के बाद पहली बार उन्हें मंत्रिमंडल (कैबिनेट) में जगह मिली है।
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श्रीलंका की मीडिया में आई खबर के मुताबिक राष्ट्रपति के सबसे बड़े भाई चमल राजपक्षे को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। साथ ही वह आंतरिक सुरक्षा मामलों के राज्य मंत्री भी रहेंगे। उनके बेटे, शीषेंद्र राजपक्षे को राज्य मंत्री पद दिया गया है।
मंत्रिमंडल की एक मुख्य विशेषता यह है कि प्रख्यात नेता दिनेश गुनवर्द्धना को फिर से विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है, जबकि क्षेत्रीय सहयोग का एक राज्य मंत्रालय भी सृजित किया गया है जो विदेश मंत्रालय से संबद्ध होगा। दिलचस्प है कि पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना को कैबिनेट मंत्री का पद देने में अनदेखी की गई है, जबकि उन्होंने चुनाव में अपने उत्तर मध्य गृह क्षेत्र में शानदार जीत दर्ज की थी।
राष्ट्रपति गोटाबाया ने अपने वकील को न्याय मंत्री बनाया है, अली सब्री गोटाबाया के लिये उस वक्त अदालत में पेश हुए थे जब वह भ्रष्टाचार के मामलों में अदालती मुकदमों का सामना कर रहे थे। मंत्रिमंडल में जगह पाने वाले नव निर्वाचित सांसदों में सिर्फ सब्री ही एकमात्र नया चेहरा हैं।
राजपक्षे नीत श्री लंका पीपुल्स पार्टी (एसएलपीपी) ने पिछले हफ्ते हुए संसदीय चुनाव में 225 सदस्यीय संसद की रिकार्ड 145 सीटों पर जीत दर्ज की।