{"_id":"67c80c01b2e5f3db620b0248","slug":"pope-francis-resting-after-sleeping-through-night-with-ventilation-mask-amid-pneumonia-2025-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pope: पोप फ्रांसिस की सेहत में हुआ सुधार, रात में अच्छी नींद ली, लेकिन अभी भी पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Pope: पोप फ्रांसिस की सेहत में हुआ सुधार, रात में अच्छी नींद ली, लेकिन अभी भी पूरी तरह खतरे से बाहर नहीं
Wed, 05 Mar 2025 02:44 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वेटिकन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वेटिकन
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 05 Mar 2025 02:44 PM IST
सार
पोप फ्रांसिस को अभी भी वेंटिलेशन पर रखा गया है। वेटिकन ने बताया है कि पोप फ्रांसिस की हालत स्थिर है, लेकिन अभी भी खतरा टला नहीं है।
विज्ञापन
पोप फ्रांसिस की सेहत में हो रहा सुधार
- फोटो : ANI
विस्तार
न्यूमोनिया की समस्या से जूझ रहे पोप फ्रांसिस की हालत में थोड़ा सुधार हुआ है। पोप फ्रांसिस के ताजा स्वास्थ्य अपडेट में बताया गया है कि बीती रात वह अच्छे से सोए और बुधवार को भी उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। हालांकि अब भी उन्हें वेंटिलेशन पर रखा गया है। वेटिकन ने बताया है कि पोप फ्रांसिस की हालत स्थिर है, लेकिन अभी भी खतरा टला नहीं है।
क्या है पोप फ्रांसिस को समस्या
88 वर्षीय पोप फ्रांसिस फेफड़ों की समस्या से जूझ रहे हैं। युवावस्था में ही उनके एक फेफड़े में समस्या हो गई थी, जिसके चलते उनकी हालत अब और गंभीर है। पोप फ्रांसिस को बाहर से ऑक्सीजन दी जा रही है। पोप को 14 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पोप फ्रांसिस बायलेटरल निमोनिया से पीड़ित हैं। इस संक्रमण में फेफड़ों के अंदर मौजूद एयर सैक्स में सूजन पैदा हो जाती है। साथ ही फेफड़ों में लिक्विड भर जाता है। इसमें मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है और मरीज को खांसी, बुखार, ठंड, बदन दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विज्ञापन
क्या है पोप फ्रांसिस को समस्या
88 वर्षीय पोप फ्रांसिस फेफड़ों की समस्या से जूझ रहे हैं। युवावस्था में ही उनके एक फेफड़े में समस्या हो गई थी, जिसके चलते उनकी हालत अब और गंभीर है। पोप फ्रांसिस को बाहर से ऑक्सीजन दी जा रही है। पोप को 14 फरवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पोप फ्रांसिस बायलेटरल निमोनिया से पीड़ित हैं। इस संक्रमण में फेफड़ों के अंदर मौजूद एयर सैक्स में सूजन पैदा हो जाती है। साथ ही फेफड़ों में लिक्विड भर जाता है। इसमें मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है और मरीज को खांसी, बुखार, ठंड, बदन दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विज्ञापन