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नेपाल में सियासी घमासान, प्रचंड के गंभीर आरोपों का जवाब देने पीएम ओली ने मांगे 10 दिन

Thu, 19 Nov 2020 08:41 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू Published by: अनवर अंसारी Updated Thu, 19 Nov 2020 08:41 AM IST
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Political arson in Nepal, Pushpa Kamal Dahal makes serious allegations, KP Oli asks for 10 days time to answer
पुष्प कमल दहल-केपी शर्मा ओली (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (सीपीएन) के भीतर सियासी घमासान जारी है। सीपीएन के केंद्रीय सचिवालय की बहुप्रतीक्षित महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को हुई, लेकिन गतिरोध दूर नहीं हो सका। पार्टी से विचार-विमर्श किए बिना सरकार चलाने के पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड के आरोपों का जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने 10 दिन का समय मांगा है।

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28 नवंबर को अगली बैठक
प्रधानमंत्री ओली के बालुवातार स्थित आधिकारिक निवास पर जैसे ही बैठक शुरू हुई ओली ने पार्टी के केंद्रीय सचिवालय के सदस्यों से कहा कि वह अगली बैठक में अलग राजनीतिक दस्तावेश पेश करेंगे, इसे तैयार करने के लिए 10 दिनों का समय दिया जाए। सीपीएन के प्रवक्ता नारायणकाजी श्रेष्ठ ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी की अगली बैठक 28 नवंबर को होगी।
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पार्टी के नियमों के विपरीत सरकार चलाने का आरोप
बैठक में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रचंड द्वारा दिए गए 19 पन्नों की राजनीतिक रिपोर्ट पर चर्चा होने की संभावना थी। सत्तारूढ़ दल के सूत्रों के मुताबिक प्रचंड ने ओली पर पार्टी से विचार-विमर्श किए बिना और पार्टी के नियम-कायदे के विपरीत सरकार चलाने का आरोप लगाया था।
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ओली और उनके प्रतिद्वंद्वी प्रचंड के बीच 31 अक्तूबर को बैठक में और सीपीएन में मतभेद सामने आने के बाद यह बैठक हुई। ओली ने मौजूदा सत्ता संघर्ष के समाधान के लिए केंद्रीय सचिवालय की बैठक बुलाने के प्रचंड के अनुरोध को भी ठुकरा दिया था।


प्रचंड ने उठाया रॉ प्रमुख से ओली की मुलाकात का मुद्दा
ओली और प्रचंड ने सत्ता को लेकर समझौते पर सहमत होने के बाद सितंबर में अपने मतभेद दूर किए थे, जिससे पार्टी में महीनों से चला आ रहा गतिरोध खत्म हो गया था। सचिवालय के सभी नौ सदस्य इस अहम बैठक में मौजूद थे। प्रचंड की पहल पर इस बैठक का आयोजन हुआ। सीपीएन की स्थायी कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि प्रचंड ने अपनी राजनीतिक रिपोर्ट में कई मुद्दे उठाए हैं।

इसमें भारत के रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (आरएडब्ल्यू) के प्रमुख सामंत कुमार गोयल के साथ ओली की हालिया मुलाकात के संबंध में पार्टी सचिवालय को अवगत नहीं कराने का भी मामला है। इससे पहले ओली ने प्रचंड से रिपोर्ट वापस लेने का आग्रह करते हुए कहा था कि यह उनके लिए स्वीकार्य नहीं है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि 21 अक्तूबर को गोयल और ओली की मुलाकात के बाद पार्टी में उभरे विवाद समेत कई मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच गतिरोध चल रहा है।

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