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पाकिस्तान: सिंध प्रांत में एसएचओ गिरफ्तार, रमजान पर हिंदू दुकानदारों के साथ दुर्व्यवहार का मामला

Sat, 25 Mar 2023 11:14 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 25 Mar 2023 11:14 PM IST
सार

एसएचआरसी द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया कि यह कार्रवाई नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है, चाहे वे किसी भी धर्म और विश्वास के हों और पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 20 के खिलाफ है, जो धार्मिक संस्थानों को मानने और प्रबंधित करने की स्वतंत्रता की गारंटी देता है।

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Police official suspended in Pakistans Sindh for harassing Hindus for violating Ramzan Ordinance
आरोपी एसएचओ और एक हिंदू दुकानदार - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान के सिंध में रमजान के पवित्र महीने के दौरान हिंदुओं को परेशान करने, उनके साथ हाथापाई करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए शनिवार को एक पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया। स्थानीय मीाडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई तब की जब एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में घोटकी जिले के खानपुर पुलिस थाने के प्रभारी हाथ में डंडा लेकर घूमते हुए नजर आ रहे हैं और कुछ दुकानदारों को मार रहे हैं। 

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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सिंध पुलिस का एसएचओ मोहम्मद काबिल ढाबा मालिक को धमकाते हुए कह रहा है कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई रमजान में ढाबा खोलने, ओ हिंदू? अपने भगवान (मूर्ति) को अपने सिर पर रखो औ अपने शटर को नीचे करो। एसएचओ ने ढाबा मालिक को कहा कि यह इस्लाम की भूमि है, इसलिए ढाबा नहीं खुलेगा। 
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गिरफ्तार किए गए पुलिस अधिकारी ने कहा, "वे हिंदू समुदाय से थे और वह यहां से भोजन ले रहा थे। हम रमजान के दौरान घर के अंदर से फूड सर्विस नहीं चलाते हैं।"  एसएचओ ने सार्वजनिक रूप से हिंदू रेस्तरां के मालिक को अपनी पवित्र पुस्तक पर शपथ लेने के लिए मजबूर किया। पुलिस अधिकारी ने एक दर्ज से ज्यादा लोगों को शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 


वीडियो वायरल होने के बाद सिंध मानवाधिकार आयोग (एसएचआरसी) ने मामले का संज्ञान लिया और पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उप महानिरीक्षक (डीआईजी), सुकुर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), घोटकी को पत्र लिखा।

एसएचआरसी द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया कि यह कार्रवाई नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है, चाहे वे किसी भी धर्म और विश्वास के हों और पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 20 के खिलाफ है, जो धार्मिक संस्थानों को मानने और प्रबंधित करने की स्वतंत्रता की गारंटी देता है। इसमें कहा गया कि एसएचओ का व्यवहार अल्पसंख्यक अधिकारों पर 19 जून, 2014 को जारी पूर्व मुख्य न्यायाधीश तसद्दुक हुसैन जिलानी के ऐतिहासिक फैसले के खिलाफ है।एसएचआरसी के अध्यक्ष इकबाल देथो ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मामले की जांच करने और एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा।

सिंध प्रांत में पाकिस्तान की सबसे बड़ी हिंदू आबादी रहती है। इस्लामी कैलेंडर के नौवें महीने रमजान के दौरान, दुनिया भर के मुसलमान सुबह से शाम तक उपवास करते हैं और सांसारिक सुखों से दूर रहते हैं।


 
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