ट्रंप की आव्रजन नीति पर बवाल: देशभर में विरोध तेज, लॉस एंजेलिस में कर्फ्यू की पहली रात 20 से ज्यादा गिरफ्तार
ट्रंप की इमिग्रेशन नीति के खिलाफ लॉस एंजेलिस में शुक्रवार से शुरू हुआ विरोध अब पूरे अमेरिका में फैल गया है। लॉस एंजिलिस में कर्फ्यू की पहली रात 20 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए। डलास, न्यूयॉर्क, शिकागो और ऑस्टिन में भी विरोध जारी है।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इमिग्रेशन नीति के खिलाफ तेज हो रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने लॉस एंजेलिस में कर्फ्यू लागू कर दिया है। कर्फ्यू की पहली रात पुलिस ने 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया, अधिकतर पर कर्फ्यू उल्लंघन का आरोप है। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने भीड़ नियंत्रण गोलों का इस्तेमाल भी किया है।
बता दें कि लॉस एंजेलिस में विरोध प्रदर्शन शुक्रवार से शुरू हुआ और अब पूरे देश में फैल चुका हैं, जिनमें डलास, ऑस्टिन, शिकागो और न्यूयॉर्क शामिल हैं। इन प्रदर्शनों की जड़ में ट्रंप प्रशासन द्वारा देशभर में इमिग्रेशन कानून के तहत छापों की संख्या बढ़ाने की योजना है।
लॉस एंजेलिस की मेयर ने जताई नाराजगी
वहीं मामले में लॉस एंजेलिस की मेयर कैरन बैस ने अपनी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का इरादा खतरनाक अपराधियों को पकड़ने का था, लेकिन अब वर्कप्लेस और दुकानों पर छापे पड़ रहे हैं, जिससे आम लोगों में डर फैल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आप घरों को तोड़ते हैं, माता-पिता और बच्चों को अलग करते हैं, तो आप सुरक्षा नहीं फैला रहे, बल्कि डर फैला रहे हैं।
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नेशनल गार्ड और मरीन तैनात
फिलहाल 2,000 नेशनल गार्ड के जवान शहर में तैनात हैं। इनमें से आधे संघीय इमारतों की सुरक्षा कर रहे हैं। जल्द ही 700 मरीन भी शामिल होंगे, जो अभी प्रशिक्षण में हैं। गुरुवार तक कुल 4,000 सैनिक सड़कों पर होने की उम्मीद है।
गवर्नर की याचिका पर आज होगी सुनवाई
वहीं दूसरी ओर ट्रंप प्रशासन के इमिग्रेशन नीति के तहत तेजी से पड़ने वाले छापे के खिलाफ कोर्ट पहुंचे कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने ट्रंप की इस सैन्य कार्रवाई को सैन्य जाल बताया। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि इमिग्रेशन एजेंसियों की मदद में सैन्य बलों की भूमिका को रोका जाए। हालांकि इस मामले में अदालत गुरुवार को सुनवाई करेगी।
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अन्य शहरों की कैसी है स्थिति?
वहीं इस कानून के विरोध को लेकर बात अगर अमेरिका के अन्य शहरों की करें तो न्यूयॉर्क के लोअर मैनहैटन में विरोध के दौरान 86 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार अधिकतर प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण थे। वहीं शिकागो में इस प्रदर्शन के दौरान एक 66 वर्षीय महिला कार की टक्कर से घायल हुई। टेक्सास के ऑस्टिन में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने केमिकल स्प्रे का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही सैन एंटोनियो में भी गार्ड तैनात हैं, लेकिन उनकी संख्या और भूमिका स्पष्ट नहीं की गई।
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