बेलारूस : राष्ट्रपति चुनाव के बाद हिंसा में हजारों गिरफ्तार
बेलारूस में राष्ट्रपति पद के चुनाव में एलेक्जेंडर लुकाशेंको की जीत को मानने से विपक्ष की नेता स्वेतलाना तिखानोव्स्काया के इनकार के बाद देश भर में लोग सड़कों पर उतर आए। पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़प में एक की मौत हो गई व दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। 3,000 से ज्यादा की गिरफ्तारियों के बीच पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस व पानी की तैज बौछारें भी छोड़ीं।
पुलिस ने बताया कि एक प्रदर्शनकारी विस्फोटक उपकरण फेंकना चाहता था लेकिन वह उसके हाथ से छूट गया और मारा गया। जबकि नागरिक अधिकार समूह स्प्रिंग-96 के प्रतिनिधि के मुताबिक, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष में उसकी मौत पुलिस वैन से दबकर हुई। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। प्रदर्शनकारी सत्तारूढ़ राष्ट्रपति लुकाशेंको के देश में 26 साल से चल रहे शासन के 2025 तक विस्तार से नाराज थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस व पानी की बौछारें छोड़ने के साथ स्टन ग्रेनेड और रबर बुलेट का इस्तेमाल भी किया। गृह मंत्रालय ने कहा है कि 1000 गिरफ्तारियां राजधानी मिंस्क में हुई हैं जबकि बाकी दूसरे हिस्सों में गिरफ्तार किया गया। एक बयान में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की, रोड पर बाधाएं खड़ी की और पुलिस पर सामान फेंके। इस दौरान 39 पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
1991 के बाद पहली बार विपक्षी नेता को समर्थन
चुनाव आयोग ने सोमवार को आरंभिक नतीजों में कहा कि लुकाशेंको को 80.23 फीसदी और स्वेतलाना को 9.9 फीसदी वोट मिले हैं। राजनीति में पहली बार कदम रखने वाली स्वेतलाना तिखानोव्स्काया (37) ने इन्हें मानने से इनकार करते हुए चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। बता दें कि उनकी रैलियों में 1991 के सोवियत विघटन के बाद पहली बार लोग बड़े पैमाने पर शामिल हुए और लुकाशेंको का विरोध किया।
पड़ोसी देश लिथुआनिया पहुंचीं स्वेतलाना
बेलारूस में जबरदस्त झड़पों के बाद मंगलवार को विपक्षी नेता स्वेतलाना अपने बच्चों के पास पड़ोसी देश लिथुआनिया चली गई हैं। लिथुआनियाई विदेश मंत्री लिनास लिंकेविसियस ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने ट्वीट किया कि वे यहां सुरक्षित हैं। जबकि बेलारूस में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
यूरोपीय संघ ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
यूरोपीय संघ के सदस्य पोलैंड ने बेलारूस हिंसा पर संघ की बैठक बुलाने की मांग की है। पोलैंड के पीएम ने कहा, अधिकारियों ने बदलाव की मांग करने वाले लोगों के खिलाफ बल का प्रयोग किया। हमें बेलारूस के नागरिकों की आजादी का समर्थन करना चाहिए। जर्मन सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि बेलारूस के चुनावों में न्यूनतम स्तर का पालन नहीं किया गया है। हालांकि रूस व चीन ने लुकाशेंको को बधाई दी।