{"_id":"612d5ec18ebc3e2662437714","slug":"pm-yoshihide-suga-s-popularity-dropped-drastically-due-to-covid-epidemic-in-japan","type":"story","status":"publish","title_hn":"जापान: पीएम योशिहिदे सुगा की लोकप्रियता में जबर्दस्त आई गिरावट ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
जापान: पीएम योशिहिदे सुगा की लोकप्रियता में जबर्दस्त आई गिरावट
Tue, 31 Aug 2021 04:12 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, टोक्यो
एजेंसी, टोक्यो
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 31 Aug 2021 04:12 AM IST
सार
- कोविड-19 की लहर से निपटने में ढिलाई और टीकाकरण में सुस्ती बड़े कारण
- निकेई डेली ने उनकी लोकप्रियता को 34 फीसदी आंका है
विज्ञापन
जापान के पीएम योशिहिदे सुगा
- फोटो : Facebook/Yoshihide Suga
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोविड-19 से निपटने में ढिलाई और देश में टीकाकरण की सुस्त रफ्तार जापान में सत्ता परिवर्तन का कारण बन सकते हैं। दरअसल, दो नए ओपिनियन पोल में प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा की लोकप्रियता में आई जबर्दस्त गिरावट देश में नेतृत्व परिवर्तन का संकेत दे रहे हैं।
विज्ञापन
कोविड-19 की लहर से निपटने में ढिलाई और टीकाकरण में सुस्ती बड़े कारण
जापान सरकार 17 अक्तूबर को देश में आम चुनाव करा सकती है। सुगा दुनिया भर में कोरोना की चुनौतियों के बीच ओलंपिक के सफल आयोजन को भुनाने में असफल रहे हैं क्योंकि देश में तेजी से बढ़े कोरोना संक्रमण ने सरकार को घुटनों पर ला दिया है। देश के अधिकांश हिस्से में सरकार को आपातकाल की घोषणा करनी पड़ी है।
विज्ञापन
सामाचार पत्र मैनेची के मुताबिक सुगा की लोकप्रियता पहली बार 30 फीसदी से कम है वहीं, निकेई डेली ने उनकी लोकप्रियता को 34 फीसदी आंका है। आम चुनाव की तारीख को एक बार कैबिनेट अनुमोदित कर देती है तो फिर सुगा चुनाव नहीं रोक सकेंगे।
विज्ञापन
यही नहीं, चुनाव से पहले सुगा को 29 सितंबर को सत्ताधारी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) में ही अपने नेतृत्व को बचाने की चुनौती होगी क्योंकि उनके नेतृत्व को जारी रखने से पहले पोल के नतीजों पर गौर किया जाएगा।
ऐसे में एलडीपी के नये नेता की अगुवाई में चुनाव लड़ा जा सकता है। एक ओपिनियन पोल में उनकी पार्टी के ही नेता प्रशासनिक सुधार मंत्री तारो कोनो को संभावित प्रतिद्वंद्वी के तौर पर पेश किया गया है। वहीं, रक्षामंत्री सिगेरू इसिबा को भी लोकप्रिय नेता बताया गया है।