{"_id":"63b82d4c620ba1014a040916","slug":"pm-shahbaz-discussed-the-debt-issue-with-imf-chief-kristalina-georgieva","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pakistan: कर्ज के लिए हाथ फैलाने को मजबूर हुआ पाकिस्तान, पीएम शहबाज ने फोन कर IMF से मांगी मदद","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Pakistan: कर्ज के लिए हाथ फैलाने को मजबूर हुआ पाकिस्तान, पीएम शहबाज ने फोन कर IMF से मांगी मदद
Fri, 06 Jan 2023 07:46 PM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, इस्लामाबाद
पीटीआई, इस्लामाबाद
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 06 Jan 2023 07:46 PM IST
सार
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जेनेवा कार्यक्रम के मौके पर पाकिस्तान में आई बाढ़ से उभरी आर्थिक दिक्कत को लेकर आमने-सामने बैठक एक बैठक करेंगे। लेकिन उससे पहले दोनों नेताओं ने फोन पर बातचीत की है।
विज्ञापन
शहबाज शरीफ
- फोटो : facebook/ShehbazSharif
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान इन दिनों इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है। पाक मुखिया लगातार अलग-अलग देशों के सामने हाथ फैला रहे हैं और आर्थिक संकट की दुहाई दे रहे हैं। लेकिन इस बीच एक कार्यक्रम में पाक पीएम शहबाज शरीफ ने एक बिजनेस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि उन्होंने कर्ज के लिए आईएमएफ से बात की है। उन्होंने बताया कि कर्ज के लिए उन्होंने क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से फोन पर बात की है।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जेनेवा कार्यक्रम के मौके पर पाकिस्तान में आई बाढ़ से उभरी आर्थिक दिक्कत को लेकर आमने-सामने बैठक एक बैठक करेंगे। लेकिन उससे पहले दोनों नेताओं ने फोन पर बातचीत की है। इससे साफ पता चलता है कि पाकिस्तान लगातार आईएमएफ के सामने अपनी परेशानियों का बखान कर रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कार्यक्रम में बताया कि पाकिस्तान में आर्थिक स्थिति क्या है इसको देखने के लिए आईएमएफ अपना एक प्रतिनिधिमंडल भेजे। आगे कहा कि हम अपनी जनता पर ज्यादा बोझ नहीं डाल सकते। वहीं पीएम शहबाज शरीफ ने बताया कि विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए अगले तीन या चार दिनों में प्रतिनिधिमंडल आ सकता है।
विज्ञापन
जैसा कि दुनिया जानती है पाकिस्तान दगाबाज है, इसको लेकर आईएमएफ ने पाकिस्तान को ऋण की नई किस्त जारी करने से इनकार कर दिया था। इस मामले पर आईएमएफ ने कहा था कि पाकिस्तान अपने वादे पर खरा नहीं उतरा, इस कारण आईएमएफ किस्त रोक रहा है। यही कारण रहा कि पाकिस्तान को आईएमएफ से धन नहीं मिल पाया।