कार से लेकर बुलेट ट्रेन तक, नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं भारत और जापान के संबंध : पीएम मोदी
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जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जापान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि जापान और भारत समय के साथ मजबूत होते आ रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि दोनों ने कार बनाने के लिये आपस में सहयोग की शुरुआत की थी और अब दोनों मिल कर बुलेट ट्रेन के निर्माण करने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कोबे शहर में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि जापान ने भारत के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारत अगले पांच साल में पांच लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। ऐसे में द्विपक्षीय संबंध पहले से बेहतर होने वाले हैं।
उन्होंने कहा, ‘एक ऐसा समय था जब हम कार बनाने के लिए साथ आए थे और अब हम बुलेट ट्रेन बनाने के लिये एक साथ आए हैं। आज भारत का ऐसा कोई हिस्सा नहीं है जहां जापान की परियोजनाओं या निवेश ने अपना चिह्न नहीं छोड़ा है। इसी तरह भारत की प्रतिभा और श्रमबल ने जापान को मजबूत किया है।’
गौरतलब है कि भारत ने अहमदाबाद से मुंबई के बीच पहली बुलेट ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। इसमें जापान की मदद से काम चल रहा है। इस परियोजना का पहला चरण 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है। जापान में रह रहे भारतीय मूल के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
मोदी ने आबे से भगोड़े आर्थिक अपराधियों के मुद्दे पर चर्चा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के अपने समकक्ष शिंजो आबे के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था, भगोड़े आर्थिक अपराधियों और आपदा प्रबंधन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की और अक्तूबर में होने वाले सम्राट नारुहितो के राज्याभिषेक कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शिरकत करने का एलान किया। जापान में रीवा युग की शुरुआत और मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात है।
प्रधानमंत्री ने आबे और जापान के नागरिकों को रीवा युग की शुरुआत के लिए बधाई दी। एक मई को नए सम्राट नारुहितो के पद संभालने के साथ ही जापान में रीवा युग की शुरुआत हो गई। जापान में सम्राट के बदलने के साथ ही युग बदल जाता है। रीवा नए युग के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। यह दो अक्षरों 'री' और 'वा' से मिलकर बना है, जिसमें री का अर्थ है 'आदेश' या 'शुभ' अथवा 'अच्छा' और वा का अर्थ होता है 'भाईचारा'। जापानी भाषा में इस शब्द का इस्तेमाल ‘शांति’ के लिए भी किया जाता है।
मोदी ने अपने साथ जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने जापान पहुंचे भारतीय प्रतिनिधिमंडल के गर्मजोशी से स्वागत के लिए आबे का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने जी-20 के अध्यक्ष के रूप में जापान के नेतृत्व की भी प्रशंसा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह वार्षिक शिखर बैठक के लिए इस साल आबे की भारत यात्रा को लेकर उत्सुक हैं।
बाद में मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच बैठक गर्मजोशी भरी रही, जो पुराने दोस्त भी हैं। दोनों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों पर काफी रचानात्मक और विस्तृत चर्चा हुई। गोखले ने कहा, 'आबे ने जी-20 शिखर सम्मेलन से अपनी अपेक्षाओं के साथ चर्चा शुरू की। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व के बारे में भी बात की।'
उन्होंने कहा कि आबे ने भगोड़े आर्थिक अपराधियों के मुद्दे पर पिछले जी-20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की पहलों का भी जिक्र किया और कहा कि जी-20 को भ्रष्टाचार विरोधी उपायों के तहत इस समस्या से निपटना चाहिये। मोदी ने कहा कि वह सितंबर की शुरुआत में व्लादिवोस्टक में पूर्वी आर्थिक मंच के सम्मेलन के दौरान आबे से दोबारा मुलाकात करने को लेकर उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। मोदी ने पूर्वोत्तर भारत में ढांचागत परियोजनाओं में जापान के योगदान की भी प्रशंसा की।