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PM Modi In UAE: हिंदू मंदिर का उद्घाटन, यूपीआई और रुपे कार्ड का समझौता, भारत के लिए कितना अहम है यूएई
Wed, 14 Feb 2024 08:21 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 14 Feb 2024 08:21 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और UAE के के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान
- फोटो :
Amar Ujala
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री ने बुधवार को अपने दौरे में यूएई में बने हिंदू मंदिर के उद्घाटन किया है। अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान पीएम ने कई कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। वहीं यूएई सरकार के साथ द्विपक्षीय बैठक भी हुई हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम 'अहलन मोदी' को संबोधित किया था। इस दौरान पीएम ने 'भारत-यूएई दोस्ती जिंदाबाद' कहा था।आइये जानते हैं पीएम मोदी का यूएई दौरे में क्या रहा? इस यात्रा से क्या हासिल हुआ? भारत-यूएई के संबंध कैसे रहे हैं? दोनों देश किन-किन क्षेत्रों में भागीदार हैं?
संयुक्त अरब अमीरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
- फोटो :
अमर उजाला।
पीएम मोदी का यूएई दौरे में क्या रहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर 13 फरवरी को अबू धाबी पहुंचे। अपनी यात्रा में बुधवार (14 फरवरी) को प्रधानमंत्री ने अबू धाबी में बने बीएपीएस मंदिर का उद्घाटन किया। इससे पहले पीएम ने यहां के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को उनके व्यक्तिगत सहयोग और मंदिर के निर्माण के लिए भूमि देने के लिए धन्यवाद दिया। पीएम ने कहा कि दोनों पक्षों ने कहा कि बीएपीएस मंदिर संयुक्त अरब अमीरात-भारत मित्रता, गहरे सांस्कृतिक बंधनों का उत्सव है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर 13 फरवरी को अबू धाबी पहुंचे। अपनी यात्रा में बुधवार (14 फरवरी) को प्रधानमंत्री ने अबू धाबी में बने बीएपीएस मंदिर का उद्घाटन किया। इससे पहले पीएम ने यहां के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को उनके व्यक्तिगत सहयोग और मंदिर के निर्माण के लिए भूमि देने के लिए धन्यवाद दिया। पीएम ने कहा कि दोनों पक्षों ने कहा कि बीएपीएस मंदिर संयुक्त अरब अमीरात-भारत मित्रता, गहरे सांस्कृतिक बंधनों का उत्सव है।
pm modi
- फोटो :
सोशल मीडिया
इस यात्रा से क्या हासिल हुआ?
दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। उन्होंने द्विपक्षीय साझेदारी की समीक्षा की और सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की। उन्होंने व्यापार और निवेश, डिजिटल बुनियादी ढांचे, फिनटेक, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के आपसी संबंधों जैसे सभी क्षेत्रों में व्यापक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने का स्वागत किया। चर्चा में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे भी शामिल रहे।
दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। उन्होंने द्विपक्षीय साझेदारी की समीक्षा की और सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा की। उन्होंने व्यापार और निवेश, डिजिटल बुनियादी ढांचे, फिनटेक, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के आपसी संबंधों जैसे सभी क्षेत्रों में व्यापक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने का स्वागत किया। चर्चा में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे भी शामिल रहे।
'अहलान मोदी' कार्यक्रम को संबोधित करते प्रधानमंत्री मोदी।
- फोटो :
एक्स/नरेंद्र मोदी
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने द्विपक्षीय समझौतों पर सहमति व्यक्त की। ये समझौते हैं;
दोनों देशों के नेताओं ने ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने पर भी चर्चा की। उन्होंने सराहना की कि संयुक्त अरब अमीरात कच्चे तेल और एलपीजी के सबसे बड़े स्रोतों में से एक होने के अलावा, भारत अब एलएनजी के लिए दीर्घकालिक अनुबंध में प्रवेश कर रहा है।
यात्रा से पहले, राइट्स लिमिटेड ने अबू धाबी पोर्ट्स कंपनी और गुजरात मैरीटाइम बोर्ड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए। सरकार ने कहा कि इनसे बंदरगाह के बुनियादी ढांचे के निर्माण और दोनों देशों के बीच सम्पर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी।
- द्विपक्षीय निवेश संधि
- इलेक्ट्रिकल इंटरकनेक्शन और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता
- भारत-पश्चिम एशिया आर्थिक गलियारे पर भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच अंतर-सरकारी ढांचागत समझौता
- डिजिटल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग पर समझौता
- दोनों देशों के राष्ट्रीय अभिलेखागार के बीच सहयोग प्रोटोकॉल
- विरासत और संग्रहालयों के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता
- लेनदेन प्लेटफार्मों यूपीआई (भारत) और एएएनआई (यूएई) को आपस में जोड़ने के बारे में समझौता
- घरेलू डेबिट/क्रेडिट कार्डों रुपे (भारत) और जयवान (यूएई) को आपस में जोड़ने पर समझौता
दोनों देशों के नेताओं ने ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने पर भी चर्चा की। उन्होंने सराहना की कि संयुक्त अरब अमीरात कच्चे तेल और एलपीजी के सबसे बड़े स्रोतों में से एक होने के अलावा, भारत अब एलएनजी के लिए दीर्घकालिक अनुबंध में प्रवेश कर रहा है।
यात्रा से पहले, राइट्स लिमिटेड ने अबू धाबी पोर्ट्स कंपनी और गुजरात मैरीटाइम बोर्ड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए। सरकार ने कहा कि इनसे बंदरगाह के बुनियादी ढांचे के निर्माण और दोनों देशों के बीच सम्पर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और UAE के के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान
- फोटो :
ANI
भारत-यूएई के संबंध कैसे रहे हैं?
संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच वर्षों पुराने संबंध हैं। ये रिश्ते सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों पर आधारित है। 1971 में संयुक्त अरब अमीरात फेडरेशन के बनने के साथ इन रिश्तों में और प्रगाढ़ता आई है।
संयुक्त अरब अमीरात ने 1972 में नई दिल्ली में अपना पहला राजदूत नियुक्त किया। वहीं, भारत ने जून 1973 में संयुक्त अरब अमीरात में अपना पहला राजदूत नियुक्त किया। तब से दोनों पक्षों ने सभी क्षेत्रों में अपने संबंधों को और विकसित किया है।
संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच वर्षों पुराने संबंध हैं। ये रिश्ते सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों पर आधारित है। 1971 में संयुक्त अरब अमीरात फेडरेशन के बनने के साथ इन रिश्तों में और प्रगाढ़ता आई है।
संयुक्त अरब अमीरात ने 1972 में नई दिल्ली में अपना पहला राजदूत नियुक्त किया। वहीं, भारत ने जून 1973 में संयुक्त अरब अमीरात में अपना पहला राजदूत नियुक्त किया। तब से दोनों पक्षों ने सभी क्षेत्रों में अपने संबंधों को और विकसित किया है।
दोनों देश किन-किन क्षेत्रों में भागीदार हैं?
संयुक्त अरब अमीरात और भारत ने वाणिज्य, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी की है। यह साझेदारी रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और सूचना प्रद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग पर जोर देने के साथ मजबूत हुई है। इसके अलावा दोनों देश रणनीतिक साझेदारी के रूप में उभर रहे हैं।
संयुक्त अरब अमीरात और भारत ने वाणिज्य, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में मजबूत साझेदारी की है। यह साझेदारी रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और सूचना प्रद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग पर जोर देने के साथ मजबूत हुई है। इसके अलावा दोनों देश रणनीतिक साझेदारी के रूप में उभर रहे हैं।
दोनों ओर से उच्च स्तरीय यात्राएं
समय-समय पर दोनों पक्षों की ओर से उच्च स्तरीय यात्राएं हुई हैं। यात्राओं से द्विपक्षीय संबंधों को भी गति मिली है। 15 जुलाई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांचवीं बार संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया था। इस यात्रा के दौरान तीन महत्वपूर्ण समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसी दौरान अबूधाबी में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली की स्थापना के लिए योजनाएं शुरू की गईं। प्रधानमंत्री मोदी की यूएई की पिछली यात्राएं अगस्त 2015, फरवरी 2018 और अगस्त 2019 में हुई थीं जब उन्हें ऑर्डर ऑफ जायद मिला था। जून 2022 में यूएई के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को शुभकामनाएं देने के लिए भी पीएम मोदी गए थे।
इस बीच, शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने तीन बार भारत का दौरा किया। पहले 2016 में, फिर 26 जनवरी 2017 को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में। इस यात्रा के दौरान यूएई-भारत संबंध को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया। उनकी हालिया यात्रा में 8-10 सितंबर 2023 को हुई थी। अल नाहयान ने नई दिल्ली में जी20 के 18वें शिखर सम्मेलन में भाग लिया था, जिसमें यूएई को सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।
समय-समय पर दोनों पक्षों की ओर से उच्च स्तरीय यात्राएं हुई हैं। यात्राओं से द्विपक्षीय संबंधों को भी गति मिली है। 15 जुलाई 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांचवीं बार संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया था। इस यात्रा के दौरान तीन महत्वपूर्ण समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इसी दौरान अबूधाबी में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली की स्थापना के लिए योजनाएं शुरू की गईं। प्रधानमंत्री मोदी की यूएई की पिछली यात्राएं अगस्त 2015, फरवरी 2018 और अगस्त 2019 में हुई थीं जब उन्हें ऑर्डर ऑफ जायद मिला था। जून 2022 में यूएई के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को शुभकामनाएं देने के लिए भी पीएम मोदी गए थे।
इस बीच, शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने तीन बार भारत का दौरा किया। पहले 2016 में, फिर 26 जनवरी 2017 को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में। इस यात्रा के दौरान यूएई-भारत संबंध को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया। उनकी हालिया यात्रा में 8-10 सितंबर 2023 को हुई थी। अल नाहयान ने नई दिल्ली में जी20 के 18वें शिखर सम्मेलन में भाग लिया था, जिसमें यूएई को सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।