गुयाना में बोले PM मोदी: भारत विस्तारवाद नहीं, वैश्विक विकास के पक्ष में, इसी भावना से बना ग्लोबल साउथ की आवाज
गुयाना की संसद में विशेष संबोधन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत विश्वबंधु के रूप में विश्व के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहा है। दुनिया के किसी भी देश में कोई भी संकट हो, हमारा ईमानदार प्रयास होता है कि हम प्रथम प्रतिक्रियादाता बनकर वहां पहुंचें।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को गुयाना में संसद के विशेष सत्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम कभी विस्तारवाद की भावना से आगे नहीं बढ़े। हम व्यवसाय पर संसाधनों का उपयोग करते हैं। संसाधनों को हथियाने की भावना से हमेशा दूर रहते हैं। आज भारत हर तरह से वैश्विक विकास के पक्ष में खड़ा है। इसी भावना के साथ भारत ग्लोबल साउथ की भी आवाज बना है।
पीएम ने कहा कि आज भारत विश्वबंधु के रूप में विश्व के प्रति अपना कर्तव्य निभा रहा है। दुनिया के किसी भी देश में कोई भी संकट हो, हमारा ईमानदार प्रयास होता है कि हम प्रथम प्रतिक्रियादाता बनकर वहां पहुंचें। कोविड-19 के दौरान जब हर देश खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था, तब भारत ने 150 से अधिक देशों के साथ दवाइयां और वैक्सीन साझा कीं।
Addressing the Special Session of the Parliament of Guyana. https://t.co/MKnfKTx1Xl
— Narendra Modi (@narendramodi) November 21, 2024
उन्होंने कहा कि भारत और गुयाना का रिश्ता बहुत गहरा है। यह मिट्टी, पसीने और परिश्रम का रिश्ता है। करीब 180 साल पहले एक भारतीय गुयाना की धरती पर आया था और उसके बाद से सुख और दुख दोनों में भारत और गुयाना का रिश्ता आत्मीयता से भरा रहा है। पिछले 200-250 वर्षों में भारत और गुयाना ने एक जैसी गुलामी देखी है। एक जैसा संघर्ष देखा है। आजादी की लड़ाई में कितने लोगों ने यहां और वहां अपनी जान कुर्बान की। आज दोनों देश दुनिया में लोकतंत्र को मजबूत कर रहे हैं। गुयाना की संसद में मैं भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से आप सभी का अभिनंदन करता हूं।
पीएम ने कहा कि 24 साल पहले एक जिज्ञासु के रूप में मुझे इस खूबसूरत देश में आने का मौका मिला। आमतौर पर लोग ऐसे देशों में जाना पसंद करते हैं जहां तामझाम हो चकाचौंध हो, लेकिन मुझे गुयाना की विरासत और इतिहास को जानना और समझना था। आज भी गुयाना में कई लोग मिल जाएंगे जिन्हें मेरी मुलाकात याद होगी। मेरी तब की यात्रा से बहुत सी यादें जुड़ी हुई हैं।
पीएम ने कहा कि गुयाना ने मुझे कल ही सर्वोच्च सम्मान दिया है। मैं इस सम्मान के लिए आप सभी का और गुयाना के हर नागरिक का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। यहां के सभी नागरिकों को बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं यह सम्मान भारत के प्रत्येक नागरिक को समर्पित करता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज विश्व के सामने आगे बढ़ने का सबसे मजबूत मंत्र है- डेमोक्रेसी फर्स्ट, ह्यूमिनिटी फर्स्ट। लोकतंत्र प्रथम की भावना हमें सिखाती है कि सबको साथ लेकर चलो, सबको साथ लेकर सबके विकास में सहभागी बनो। मानवता प्रथम की भावना हमारे निर्णयों की दिशा तय करती है। जब मानवता प्रथम को निर्णयों का आधार बनाते हैं तो नतीजे भी मानवता के हित करने वाले ही होते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि समावेशी समाज के निर्माण का लोकतंत्र से बड़ा कोई माध्यम नहीं है। लोकतंत्र हमारे डीएनए में है, हमारे लक्ष्य में है और हमारे आचार-व्यवहार में है। इसलिए जब विश्व को एकजुट करने की बात आई, तब भारत ने अपने G20 अध्यक्षता के दौरान एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य का मंत्र दिया। जब कोरोना का संकट आया, पूरी मानवता के सामने चुनौती आई, तब भारत ने एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य का संदेश दिया।
यह संघर्ष दूर करने का समय: पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के लिए यह समय संघर्ष का नहीं है। बल्कि यह समय संघर्ष पैदा करने वाली स्थितियों को पहचानने और उनको दूर करने का है। आज आतंकवाद, ड्रग्स, साइबर क्राइम, ऐसी कितनी भी चुनौतियां हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए हमें इन मुद्दों का डटकर सामना करना होगा। यह तभी संभव है जब हम लोकतंत्र पहले, मानवता पहले को प्राथमिकता दें।
पीएम ने कहा कि जी-20 समिट के दौरान भारत ने महिला नेतृत्व विकास को बड़ा एजेंडा बनाया था। भारत में हमने हर सेक्टर में और हर स्तर पर नेतृत्व की भूमिका देने का एक बड़ा अभियान चलाया है। भारत में हर सेक्टर में आज महिलाएं आगे आ रही हैं। पूरी दुनिया में जितने पायलट्स हैं, उनमें से सिर्फ पांच प्रतिशत महिलाएं हैं। जबकि भारत में जितने पायलट्स हैं उनमें से 15 प्रतिशत महिलाएं हैं। इससे पहले पीएम मोदी ने फ्लाईपास्ट देखा।
इसी के साथ यह 14वीं बार होगा, जब पीएम मोदी विदेश में किसी संसद को संबोधित करेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री के लिए यह रिकॉर्ड है। अधिकारियों के मुताबिक, पीएम मोदी के अलावा मनमोहन सिंह इस तरह विदेश में 7 बार संसद को संबोधित कर चुके हैं। वहीं, प्रधानमंत्री के तौर पर इंदिरा गांधी ने यह चार बार किया है, जबकि जवाहरलाल नेहरु को यह मौका तीन बार मिला। राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी ने दूसरे देश की संसद को दो-दो बार संबोधित किया है। मोरारजी देसाई और पीवी नरसिम्हा राव को एक-एक बार यह मौका मिला।
#WATCH | Georgetown, Guyana: Prime Minister Narendra Modi will address a Special Session of the Guyanese Parliament. This will be the 14th such instance when PM Modi will speak on behalf of the people of India in the Parliaments of foreign nations.
— ANI (@ANI) November 21, 2024
(Visuals from outside the… pic.twitter.com/3cyNA54G9q
2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी ने अमेरिका से लेकर यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के कई देशों में संसद को संबोधित किया है।
- मोदी ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को दो बार- 2016 और फिर 2023 में संबोधित किया। - 2014 में उन्हें ऑस्ट्रेलिया और फिजी की संसद को संबोधित करने का मौका मिला था।
- वहीं, 2015 में उन्होंने ब्रिटेन की संसद को संबोधित किया था। इसके बाद 2015 में ही उन्होंने मॉरीशस की संसद और 2018 में युगांडा की संसद को संबोधित किया था।
- एशिया में पीएम मोदी भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मंगोलिया, अफगानिस्तान और मालदीव के सांसदों को एक साथ संबोधित कर चुके हैं।
पोमेनेड गार्डन में महात्मा गांधी को अर्पित की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने जॉर्ज टाउन स्थित पोमेनेड गार्डन पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह 21वां मौका है जब प्रधानमंत्री ने किसी दूसरे देश की धरती पर राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने गांधीजी की प्रतिमा की परिक्रमा की और पुष्पांजलि अर्पित की। फिर वहां आयोजित कार्यक्रम में भजन का आनंद भी लिया। सूत्रों के मुताबिक, महात्मा गांधी की शिक्षाओं के प्रति प्रधानमंत्री की अटूट प्रतिबद्धता देश की सीमाओं से परे है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर मौके पर श्रद्धांजलि अर्पित करके महात्मा गांधी की विरासत को वैश्वक मंच पर जीवित और प्रासंगिक बनाए रखने के उनके प्रयासों को दर्शाता है। इसी साल 23 अगस्त को पीएम ने यूक्रेन यात्रा के दौरान कीव में गांधीजी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करके संघर्ष के बीच शांति का संदेश देने की कोशिश की थी। मई 2023 में उन्होंने हिरोशिमा में गांधीजी की प्रतिमा का अनावरण किया। यह जापान का ऐसा शहर है जो शांति के असली मूल्यों से अच्छी तरह वाकिफ है।
भारतीय आगमन स्मारक पहुंचे
पीएम भारतीय आगमन स्मारक भी पहुंचे जो दशकों पहले गुयाना में कदम रखने वाले भारतीयों को समर्पित है। पीएम ने वहां एक पौधा भी लगाया। इस दौरान जॉर्ज टाउन में जुटे प्रवासी भारतीयों ने उनका स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने आर्यसमाज स्थल पहुंचकर भी पुष्पांजलि अर्पित की।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi visits Arya Samaj Monument in Georgetown, Guyana
— ANI (@ANI) November 21, 2024
(Video source - ANI/ DD News) pic.twitter.com/NJUs2mfqAX
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुयाना के जॉर्जटाउन में आर्य समाज स्मारक का दौरा किया। साथ ही उन्होने जॉर्जटाउन में प्रवासी भारतीयों का अभिवादन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गयाना के जॉर्जटाउन में भारतीय आगमन स्मारक का दौरा करते हुए एक पौधा लगाया।