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Ecuador: इस दक्षिण अमेरिकी देश के बागान श्रमिक गुलामी जैसे हाल में काम करने को मजबूर, इक्वाडोर ने मांगी माफी
Sun, 01 Jun 2025 08:26 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, क्वीटो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, क्वीटो
Published by: बशु जैन
Updated Sun, 01 Jun 2025 08:26 AM IST
सार
1963 और 2019 के बीच जापानी कंपनी फुरुकावा के 300 श्रमिकों को पश्चिमी इक्वाडोर के एक बागान में बुनियादी सेवाओं के बिना शयनगृहों में रहने के लिए मजबूर किया गया था। अब इक्वाडोर सरकार ने बागान श्रमिकों के समूह से माफी मांगी।
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इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ
- फोटो : एक्स/डैनियल नोबोआ
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विस्तार
दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर में 300 बागान श्रमिकों गुलामी जैसे हाल में काम करने को मजबूर हैं। इक्वाडोर सरकार ने शनिवार को बागान श्रमिकों के समूह से माफी मांगी। सरकार ने कहा कि हम ऐसा राज्य बनाने का प्रयास करेंगे जो श्रमिकों के मनावाधिकारों की गारंटी दे। इक्वाडोर में हाल ही में डैनियल नोबोआ राष्ट्रपति बने हैं।
क्वीटो में राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में इक्वाडोर के मंत्रिमंडल के विभिन्न सदस्यों ने माना कि जापानी स्वामित्व वाले अबाका बागान के 300 से अधिक श्रमिकों को आधुनिक गुलामी की स्थिति में रहने के लिए मजबूर किया गया था। श्रम मंत्री इवोन नुनेज ने वचन दिया कि इक्वाडोर ऐसा राज्य बनाने का प्रयास करेगा जो श्रमिकों के मानवाधिकारों की गारंटी दे।
ये भी पढ़ें: गाजा में UN के खाद्य ट्रकों पर टूट पड़े फलस्तीनी, लूटी सामग्री; लंबी नाकाबंदी-हवाई हमलों से बढ़ी निराशा
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यह माफी पिछले वर्ष अदालत द्वारा दिए गए क्षतिपूर्ति उपायों में से एक है। फैसले में संवैधानिक न्यायालय ने निर्धारित किया कि 1963 और 2019 के बीच जापानी कंपनी फुरुकावा के श्रमिकों को पश्चिमी इक्वाडोर के एक बागान में बुनियादी सेवाओं के बिना शयनगृहों में रहने के लिए मजबूर किया गया था, जहां सुरक्षा प्रशिक्षण की कमी के कारण दुर्घटनाएं आम थीं।
फुरुकावा के पूर्व कर्मचारी अपने वकीलों के साथ शनिवार के समारोह में शामिल हुए। जिन्होंने कंपनी पर सैंटो डोमिंगो डे लॉस त्सचिलास प्रांत में इसके बागान में कठोर परिस्थितियों से प्रभावित श्रमिकों को क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। कंपनी ने 2014 में मालिक बदल दिए, और उसने कहा है कि तब से स्थितियां बदल गई हैं।
फुरुकावा ने इक्वाडोर की सरकार से इक्वाडोर में अपनी संपत्तियों की बिक्री पर प्रतिबंध हटाने के लिए भी कहा है ताकि वह श्रमिकों को क्षतिपूर्ति का भुगतान कर सके। अबाका पौधा को मनीला हेंप के नाम से भी जाना जाता है। इसका उपयोग विशेष कागज, रस्सियां और मछली पकड़ने के जाल बनाने के लिए किया जाता है। यह पौधा केले के पौधे जैसा दिखता है, लेकिन इसके फल खाने योग्य नहीं होते। इक्वाडोर विश्व का सबसे बड़ा केला निर्यातक है और उन कुछ देशों में से एक है जो बड़ी मात्रा में अबाका का उत्पादन करते हैं।
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डैनियल नोबोआ बने राष्ट्रपति
हाल ही में दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर में राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली है। उन्हें इस साल की शुरुआत में चार साल के कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया था। नोबोआ ने उप राष्ट्रपति मारिया जोस पिंटो के साथ शपथ ली। उनका कार्यकाल मई 2029 तक रहेगा।
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क्वीटो में राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में इक्वाडोर के मंत्रिमंडल के विभिन्न सदस्यों ने माना कि जापानी स्वामित्व वाले अबाका बागान के 300 से अधिक श्रमिकों को आधुनिक गुलामी की स्थिति में रहने के लिए मजबूर किया गया था। श्रम मंत्री इवोन नुनेज ने वचन दिया कि इक्वाडोर ऐसा राज्य बनाने का प्रयास करेगा जो श्रमिकों के मानवाधिकारों की गारंटी दे।
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यह माफी पिछले वर्ष अदालत द्वारा दिए गए क्षतिपूर्ति उपायों में से एक है। फैसले में संवैधानिक न्यायालय ने निर्धारित किया कि 1963 और 2019 के बीच जापानी कंपनी फुरुकावा के श्रमिकों को पश्चिमी इक्वाडोर के एक बागान में बुनियादी सेवाओं के बिना शयनगृहों में रहने के लिए मजबूर किया गया था, जहां सुरक्षा प्रशिक्षण की कमी के कारण दुर्घटनाएं आम थीं।
फुरुकावा के पूर्व कर्मचारी अपने वकीलों के साथ शनिवार के समारोह में शामिल हुए। जिन्होंने कंपनी पर सैंटो डोमिंगो डे लॉस त्सचिलास प्रांत में इसके बागान में कठोर परिस्थितियों से प्रभावित श्रमिकों को क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। कंपनी ने 2014 में मालिक बदल दिए, और उसने कहा है कि तब से स्थितियां बदल गई हैं।
फुरुकावा ने इक्वाडोर की सरकार से इक्वाडोर में अपनी संपत्तियों की बिक्री पर प्रतिबंध हटाने के लिए भी कहा है ताकि वह श्रमिकों को क्षतिपूर्ति का भुगतान कर सके। अबाका पौधा को मनीला हेंप के नाम से भी जाना जाता है। इसका उपयोग विशेष कागज, रस्सियां और मछली पकड़ने के जाल बनाने के लिए किया जाता है। यह पौधा केले के पौधे जैसा दिखता है, लेकिन इसके फल खाने योग्य नहीं होते। इक्वाडोर विश्व का सबसे बड़ा केला निर्यातक है और उन कुछ देशों में से एक है जो बड़ी मात्रा में अबाका का उत्पादन करते हैं।
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डैनियल नोबोआ बने राष्ट्रपति
हाल ही में दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर में राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली है। उन्हें इस साल की शुरुआत में चार साल के कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया था। नोबोआ ने उप राष्ट्रपति मारिया जोस पिंटो के साथ शपथ ली। उनका कार्यकाल मई 2029 तक रहेगा।
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