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Phillipines: जेलों में बेतहाशा भीड़ को कम करने के लिए हो रही कोशिश, कैदियों ने कहा- करवट बदलने तक की जगह नहीं
Thu, 18 Jul 2024 01:57 PM IST
काव्या मिश्रा
यूएन हिंदी समाचार
यूएन हिंदी समाचार
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Thu, 18 Jul 2024 01:57 PM IST
सार
फिलिपीन्स की राजधानी में स्थित मनीला सिटी जेल में जिस तरह से कैदी लेटे हुए देखे जा सकते हैं। इससे पता चलता है कि वे हर रात किस तरह सोते होंगे।
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मनीला सिटी जेल में कैदी एक दूसरे को तकिया बनाकर सोने पर मजबूर।
- फोटो : UNODC/Laura Gil
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विस्तार
फिलिपीन्स में कानूनी आरोपों का सामना कर रहे लोगों के प्रति एक मानवीय नजरिया अपनाने से, यहां की जेलों में मछलियों जैसी बेतहाशा भीड़भाड़ को कम करने के प्रयास कुछ बेहतर हो रहे हैं। यहां की जेलों को दुनिया में सबसे अधिक भीड़भाड़ वाली जेलों में गिना जाता है। मगर अब जेलों की भीड़ को कम करने की कोशिश सफल होती नजर आ रही है।
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फिलिपीन्स की राजधानी में स्थित मनीला सिटी जेल में, कैदी साफ-सुथरी पंक्तियों में लेटे हुए दिख रहे हैं। इससे पता चलता है कि वे हर रात किस तरह सोते हैं।
कैदियों के पास बिस्तर तक नहीं
पुरुषों को सामूहिक शयन स्थल नंबर चार में अधिकांश कैदियों के पास बिस्तर या गद्दा नहीं है। यहां तक कि वे अपने लिए पीठ के बल लेटने की जगह भी नहीं बना सकते। पीले रंग की जेल टीशर्ट पहने हुए यहां के कैदी अपने बगल के कैदी को तकिया बना कर उमस और तंग परिस्थितियों में करवटें बदल कर रात में सोने के लिए संघर्ष करते हैं।
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कैदियों में से एक कार्लो, पिछले छह साल से अपने मुकदमे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने इस जेल का दौरा करने वाले यूएन न्यूज सहयोगियों को बताया कि डॉर्मिटरी के अंत तक पंक्तियों में लगभग 200 लोग सोते हैं और हिलना-डुलना मुश्किल हो जाता है। कैदी का कहना है कि समय बीतने के साथ उन्होंने एक ही करवट के साथ सोने की आदत डाल ली है।
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मनीला में हाल ही में आई एक भीषण लू ने इस डॉर्मिटरी का तापमान रात में 40 डिग्री से अधिक कर दिया था, जिससे कैदियों के लिए स्थिति और भी अधिक खराब हो गई। कार्लो लगातार अनिद्रा का सामना कर रहे हैं।
कब बनी थी जेल?
मनीला सिटी जेल मूल रूप में स्पेनी औपनिवेशिक काल में सन् 1847 में बनाई गई थी। यह घनी आबादी वाली सैंट क्रूज बस्ती में है और ये फिलिपीन्स की सबसे पुरानी जेलों में से एक है। वर्तमान में, इस जेल की आधिकारिक क्षमता लगभग 1,200 कैदियों की है, जबकि इस समय वहां करीब 3200 पुरुष कैदी हैं, जो क्षमता से 168 प्रतिशत अधिक भीड़ को दर्शाता है।
जेल अधीक्षक वार्डन लीनो मोंटानो सोरियानो को उनकी जिम्मेदारियों के तहत जेल की जनसंख्या को कम करने का कार्य सौंपा गया है। उन्होंने जेल का नेतृत्व संभालने के बाद अपने डिप्टी को निर्देश दिया कि सभी कैदियों के रिकॉर्ड की जांच करें, क्योंकि उन्होंने यह अनुमान लगाया था कि कई कैदियों की रिहाई की तारीख पास आ चुकी है।
वार्डन लीनो मोंटानो सोरियानो के नेतृत्व में मार्च 2024 में 288 कैदियों ने जेल में प्रवेश किया, जबकि 354 को रिहा किया गया।
नीतियों में बदलाव की जरूरत
फिलीपीन्स में हिरासत केन्द्रों व जेलों में अत्यधिक भीड़भाड़ का मुख्य कारण लाल फीताशाही नहीं है। फिलिपीन्स की न्याय प्रणाली में कुछ विवादास्पद नीतियों के कारण जेलों में अत्यधिक भीड़ बढ़ी है। विशेष रूप से ड्रग व्यापारियों और नशीली दवाओं के उपभोक्ताओं को लक्षित करने वाली विवादास्पद न्याय नीतियों के कारण, पूरे देश की जेलों में कैदियों की आबादी बढ़ी। साल 2015 कैदियों की संख्या लगभग 95 हजार थी जो वर्ष 2021 में बढ़कर एक लाख 65 हजार हो गई।
फिलिपीन्स अब दुनिया में सबसे अधिक भीड़भाड़ वाली जेल प्रणालियों में से एक देश बन चुका है। जेलों में भीड़भाड़ के मामले में यह देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, हेती और युगांडा के करीब है। फिलिपीन्स में अधिकारियों ने भी बदलाव की जरूरत को पहचाना है।
फिलिपीन्स की सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश मारिया फिलोमेना सिंह जेलों में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। इन सुधारों में जेलों में अत्यधिक भीड़ को कम किया जाना भी शामिल है। उन्होंने महिला जेलों का भी दौरा किया है। न्यायाधीश सिंह ने बताया, 'ये माताएं हैं, ये बेटियां हैं, ये पत्नियां हैं और मैं इनसे जुड़ाव महसूस करती हूं। यदि लोगों को हमारे बीच इस तरह से रहना पड़ रहा है तो हम एक न्यायपूर्ण और मानवतावादी समाज नहीं कहला सकते।'
फिलिपीन्स में जेल की आबादी को कम करने के लिए अनेक क़दम उठाए जा रहे हैं। 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के कैदियों की रिहाई को प्राथमिकता दी जा रही है, और अन्य क़ैदी अच्छे व्यवहार से अपनी सज़ा कम कर सकते हैं।
'रीड योर वे आउट’ जैसे कार्यक्रम चलाए जा रहे
गौरतलब है कि मुक़दमा चलने की प्रतीक्षा कर रहे लोगों की संख्या को कम करके और केवल सबसे गंभीर अपराधों के लिए ही लोगों को कैद में रखने के अलावा अन्य लोगों को जेल से बाहर रखने का प्रयास किया जा रहा है। साथ-साथ पढाई-लिखाई की गतिविधियों को रिहाई से जोड़ने के लिए 'रीड योर वे आउट’ (Read Your Way Out) जैसे कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
फिलिपीन्स में सभी कैदियों में से लगभग 70 प्रतिशत जन, नशीली दवाओं के मामूली अपराधों के कारण हिरासत में हैं। मादक पदार्थों एवं अपराध पर यूएन कार्यालय (UNODC) ने ज़मानत में कटौती, वृद्ध कैदियों की प्राथमिकता वाली रिहाई और 'रीड योर वे आउट' कार्यक्रम को समर्थन दिया है।
ड्रग्स केवल कानून प्रवर्तन का मुद्दा नहीं
फिलिपीन्स में यूएनओडीसी के देश प्रमुख डेनियल मार्चेसी का कहना है, 'ड्रग्स केवल कानून प्रवर्तन का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह एक स्वास्थ्य मुद्दा भी है जिसे रोकथाम और पुनर्वास के चश्मे से देखा जाना चाहिए। यह एक जटिल समस्या है, जो न्यायपालिका, पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को स्वास्थ्य, नशीली दवाओं की नीति और मानवाधिकार जैसे मुद्दों से जोड़ती है।'
इस जटिलता के लिए सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश फिलोमेना सिंह के अनुसार एक समग्र क्षेत्रीय दृष्टिकोण की आवश्यकता है। पिछले वर्ष में लगभग आठ हजार कैदियों की रिहाई के साथ नया दृष्टिकोण लाभकारी सिद्ध हो रहा है। मनीला सिटी जेल के कार्लो उन लोगों में से एक हैं जो जल्द ही रिहाई की उम्मीद कर रहे हैं।
कार्लो कहते हैं, 'मुझे बाहर की अपनी जिन्दगी से प्यार है। मुझे अपनी महिला मित्रों के साथ प्रलय मुलाकातें और फिल्में देखना बहुत याद आ रहा है।'
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)