फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pfizer vaccines: US Doctor Dies Two Weeks After Taking Pfizer BioNTech Jab Probe Initiated

Pfizer vaccines लगने के 16 दिन बाद डॉक्टर की मौत, टीकाकरण से पहले पूरी तरह थे स्वस्थ

Mon, 11 Jan 2021 01:59 PM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Mon, 11 Jan 2021 01:59 PM IST
विज्ञापन
Pfizer vaccines: US Doctor Dies Two Weeks After Taking Pfizer BioNTech Jab Probe Initiated
Pfizer and BioNTech Covid-19 vaccine - फोटो : Agency

वैश्विक कोरोना वायरस के कहर से बचने के लिए कई देशों में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच अमेरिका में कोविड वैक्सीन लगने के बाद एक डॉक्टर की मौत की खबर आई है। अमेरिका के मियामी शहर में 56 वर्षीय ग्रेगरी माइकल की फाइजर की कोरोना वैक्सीन लगवाने के 16 दिन बाद मौत हो गई। डॉक्टर ग्रेगरी की पत्नी हेइदी नेकेलमान ने कहा कि 18 दिसंबर को उनके पति कोरोना वैक्सीन लगने से पहले पूरी तरह स्वस्थ थे।

विज्ञापन


डॉक्टर ग्रेगरी की रविवार सुबह अचानक से रोग प्रतिरोधक क्षमता से जुड़ी दुर्लभ बीमारी होने के बाद हार्ट अटैक से मौत हो गई। डॉक्टर ग्रेगरी की पत्नी का  आरोप है कि फाइजर की कोरोना वैक्सीन ने कहीं न कहीं से इस बीमारी को पैदा किया। उन्होंने बताया, 'मेरा मानना है कि डॉक्टर ग्रेगरी की मौता का सीधा संबंध वैक्सीन से है। इसकी कोई और वजह नहीं हो सकती। वैक्सीन लगने के बाद मेरे पति के खून में रहस्यमय गड़बड़ी आ गई थी।'
विज्ञापन


हेइदी ने कहा, ''डॉक्टर ग्रेगरी पूरी तरह से स्वस्थ थे। वह सिगरेट भी नहीं पीते थे। कभी-कभी ही वह शराब पीते थे। वह व्यायाम करते थे और समुद्र में गोते लगाते थे। उन्होंने मेरे पति की हर तरह से जांच की। यहां तक कि कैंसर की भी जांच की गई और उनके अंदर कुछ भी गलत नहीं पाया गया।''
विज्ञापन
विज्ञापन


फाइजर ने कहा, जांच की जा रही है
 डॉक्टर की मौत पर फाइजर कंपनी ने अपनी सफाई दी। फाइजर कंपनी ने कहा कि उसे डॉक्टर ग्रेगरी की  'बहुत ही असामान्य' मौत की जानकारी है और वे इसकी और ज्यादा जांच कर रहे हैं। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, इस समय हम नहीं मानते हैं कि वैक्सीन का डॉक्टर ग्रेगरी की मौत से कोई सीधा संबंध है।' 

बताया जा रहा है कि वैक्सीन लगने के बाद डॉक्टर ग्रेगरी के अंदर तत्काल कोई साइड इफेक्ट नहीं देखा गया था। हालांकि, तीन दिन बाद जब डॉक्टर नहा रहे थे, उस समय उन्होंने देखा कि हाथ और पैर पर लाल चकत्ते पड़े हुए हैं। जब उन्होंने खुद ही अपने माउंट सिनाई मेडिकल सेंटर में अपनी जांच की, तो अन्य डॉक्टरों को पता चला कि वह प्लेटलेट की भारी कमी से जूझ रहे हैं। इसी अस्पताल में डॉक्टर ग्रेगरी को टीका लगाया गया था।


जीरो तक पहुंच गए प्लेटलेट्स
हेइदी ने कहा कि प्लेटलेट्स को छोड़कर खून की सारी जांच सामान्य आई। प्लेटलेट्स जीरो तक पहुंच गए। पहली बार डॉक्टर ग्रेगरी की जांच कर रहे डॉक्टरों ने सोचा कि यह गलती से हुआ है। इसलिए, उन्होंने दोबारा जांच की, तो केवल एक प्लेटलेट दिखाई दिया। इसके बाद भी डॉक्टर ग्रेगरी सामान्य थे और ऊर्जा से भरे हुए थे। डॉक्टरों ने ग्रेगरी को घर नहीं जाने की सलाह दी, क्योंकि यह बहुत ही खतरनाक था। इस बीच उनके सिर में खून बहना शुरू हो जाता और उनकी मौत हो जाती है। आमतौर पर प्लेटलेट्स 150,000 से 450,000 के बीच रहते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed