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US: 'नाकाबंदी से ईरान को हुआ 4.8 अरब डॉलर का नुकसान, जारी है कार्रवाई', अमेरिका के रक्षा मंत्रालय का दावा

Sat, 02 May 2026 08:44 AM IST
Nirmal Kant एएनआई, वॉशिंगटन डीसी।
एएनआई, वॉशिंगटन डीसी। Published by: Nirmal Kant Updated Sat, 02 May 2026 08:44 AM IST
सार

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि फारस की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई और नाकेबंदी के कारण तेहरान को तेल से राजस्व में लगभग 4.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। यह दावा पेंटागन के अनुमान के हवाले से रिपोर्ट में दिया गया है। अमेरिका का कहना है कि ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने और समुद्री व्यापार को रोकने के लिए उसकी यह कार्रवाई जारी है। पढ़िए रिपोर्ट-

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Pentagon claims US blockade has cost Iran usd 4.8 bn: Report
पेंटागन, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का मुख्यालय - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि फारस की खाड़ी में अमेरिकी नाकेबंदी और कार्रवाई से ईरान को तेल के राजस्व में लगभग 4.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। एक्सिओस ने पेंटागन के अनुमान के आधार पर अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। 
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रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के आकलन के अनुसार, इस क्षेत्र में अमेरिका की कार्रवाई के कारण ईरान को तेल से होने वाली आय में करीब पांच अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। यह नुकसान इसलिए हुआ, क्योंकि अमेरिका की तरफ से समुद्र में जो कार्रवाई की जा रही है, उससे ईरान का समुद्री व्यापार और ऊर्जा निर्यात बाधित हो गया है। 
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पूरी ताकत के साथ जारी है नाकाबंदी: पेंटागन
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य के पास जलमार्गों को लेकर तनाव जारी है, जो दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक माना जाता है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी सीन पार्नेल ने पेंटागन के कार्यवाहक प्रेस सचिव जोएल वाल्डेज के बयान का हवाला दिया। वाल्डेज ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई का मकसद ईरान पर लगातार आर्थिक दबाव बनाए रखना है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकेबंदी पूरी ताकत से जारी है और वह परिणाम दे रही है, जिसकी हमने उम्मीद की थी। उन्होंने आगे कहा, हम ईरानी शासन की आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता को फंड करने की क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। हमारे सशस्त्र बल इस क्षेत्र में लगातार दबाव बनाए रखेंगे। 


अमेरिकी वित्त मंत्री ने साधा ईरानी नेतृत्व पर निशाना
इस बीच, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरानी नेतृत्व को 'गटर के पाइप के चूहे' बताया और कहा कि तेहरान की सरकार को जमीनी हकीकत का पता नहीं है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय उनके खिलाफ हो चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है और जब तक समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता (फ्रीडम ऑफ नेविगेशन) बहाल नहीं होती, तब तक नाकेबंदी जारी रहेगी।

बेसेंट ने एक्स पर लिखा कि ईरान की स्थिति बहुत खराब है। वहां डॉलर की कमी है। भोजना और पेट्रोल का  सीमित मात्रा में वितरण हो रहा है और पूरी दुनिया उसके खिलाफ है। उन्होंने कहा कि नाकेबंदी जारी रहेगी। इसके जवाब में दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने बेसेंट की टिप्पणी की आलोचना की। इससे पहले इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने के बाद  13 अप्रैल को अमेरिका ने ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी शुरू कर दी थी। 


 
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