Russia-Ukraine Talk: रूस-यूक्रेन की शांति वार्ता रही बेनतीजा, तीन साल में पहली बार आमने-सामने आए थे दोनों देश
तुर्किये में यूक्रेन के रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव के नेतृत्व में एक यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल ने रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी व्लादिमीर मेडिंस्की के नेतृत्व में एक निम्न स्तरीय रूसी टीम के साथ बैठक की। तीन साल में पहली बार दोनों देश शांति वार्ता के लिए आगे आए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग पर विराम लगाने की कोशिश जारी है। शुक्रवार को तीन साल में पहली बार रूस-यूक्रेन के बीच हुई शांति वार्ता बेनतीजा रही। तुर्किये के इस्तांबुल में हो रही वार्ता में यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। दो घंटे से भी कम समय तक चली बैठक में संघर्ष विराम पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। हालांकि यूक्रेन के एक सूत्र ने रूस की मांगों को अवास्तविक और पहले से कहीं अधिक अस्वीकार्य करार दिया।
रूस ने वार्ता पर संतुष्टि जताई और दोनों पक्षों ने 1,000 युद्धबंदियों की अदला-बदली पर सहमति जताई। हालांकि, जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि यदि मॉस्को ट्रंप के 30-दिवसीय संघर्षविराम प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो पश्चिम को कठोर प्रतिबंध लगाने चाहिए। वार्ता समाप्त होते ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ट्रंप और फ्रांस, जर्मनी व पोलैंड के नेताओं के साथ फोन पर चर्चा की।
ये भी पढ़ें: 'ईरान के पास अमेरिका का प्रस्ताव है...' तेहरान के तेजी से बढ़ते परमाणु कार्यक्रम पर बोले राष्ट्रपति ट्रंप
रूस ने यूक्रेन से अपनी ही जमीनों से पीछे हटने की मांग रखी
यूक्रेन के एक सूत्र ने बताया कि रूस ने यूक्रेन से अपनी ही कुछ जमीनों से पीछे हटने और अन्य गैर-शुरुआती व गैर-रचनात्मक शर्तों को स्वीकार करने की मांग की। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने रूस के रुख को अस्वीकार्य बताया और कहा कि यूरोपीय नेता, यूक्रेन और अमेरिका अपने जवाबों को नजदीकी से समन्वय कर रहे हैं। यूक्रेन ने संघर्षविराम को अपनी शीर्ष प्राथमिकता बताया, जबकि रूस की मांगों को उसकी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं और युद्ध को लंबा खींचने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें: 'जल्द ही पुतिन से मिलूंगा, सीधे बातचीत जरूरी...', राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान
रूस और यूक्रेन 1,000 युद्धबंदियों की अदला-बदली करने पर सहमत हुए
वार्ता के बाद रूस के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख व्लादिमीर मेडिंस्की ने कहा कि रूस और यूक्रेन ने शुक्रवार को 1,000 युद्धबंदियों की अदला-बदली करने पर सहमति जताई। यह 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से इस तरह की अदला-बदली उनकी सबसे बड़ी युद्धबंदियों की अदला-बदली होगी। मेडिंस्की ने कहा कि मॉस्को और कीव एक-दूसरे को युद्धविराम के लिए विस्तृत प्रस्ताव देने पर सहमत हुए हैं। यूक्रेन ने राष्ट्राध्यक्षों के बीच बैठक का अनुरोध किया है और रूस इस पर विचार करेगा। उन्होंने कहा कि रूस वार्ता जारी रखने के लिए तैयार है।
'पुतिन लड़ाई रोकना ही नहीं चाहते'
इससे पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि 'रूस द्वारा बेहद निचले स्तर का प्रतिनिधिमंडल भेजा है, लेकिन हम तुर्किये के राष्ट्रपति और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सम्मान में इस बातचीत में शामिल होंगे, ताकि युद्धविराम हो और ये लड़ाई खत्म हो।' हालांकि उन्होंने कहा कि रूस के प्रतिनिधिमंडल को देखते हुए उनकी सेना के प्रमुख और कुछ अन्य अधिकारी इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। जेलेंस्की ने आरोप लगाया का पुतिन इस लड़ाई को खत्म करने के लिए गंभीर नहीं हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.