युवान में भुगतान: बांग्लादेश के सामने है अब अमेरिका को मनाने की कठिन चुनौती
बांग्लादेश ने रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण कार्य से संबंधित भुगतान युवान में करने का फैसला किया था। बांग्लादेश में यह परमाणु संयंत्र रूस बना रहा है। पिछले साल यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए...
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खबर है कि रूस को चीनी मुद्रा युवान में भुगतान करने के बांग्लादेश सरकार के फैसले से अमेरिका बेहद खफा है। उसकी तरफ से संकेत दिए गए हैं कि अगर बांग्लादेश ने इस बारे में अपना रुख नहीं बदला, तो अमेरिका-बांग्लादेश संबंधों पर उसका बहुत खराब असर पड़ेगा। लेकिन बांग्लादेश के अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि वे इस मामले में अपनी मजबूरी अमेरिका को समझाने में सफल रहेंगे।
बांग्लादेश ने रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण कार्य से संबंधित भुगतान युवान में करने का फैसला किया था। बांग्लादेश में यह परमाणु संयंत्र रूस बना रहा है। पिछले साल यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए। उसके बाद रूस ने डॉलर में भुगतान स्वीकार करना रोक दिया। इससे बांग्लादेश के लिए रूस को भुगतान करना कठिन हो गया। नतीजा यह हुआ कि परमाणु संयंत्र का निर्माण कार्य धीमा हो गया। ये समस्या दूर करने के लिए पिछले महीने बांग्लादेश ने रूस को बकाये का भुगतान चीनी मुद्रा युवान में करने का फैसला किया था।
विदेशी मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक बांग्लादेश के वित्त मंत्रालय ने फिलहाल 31 करोड़ 80 लाख डॉलर के बराबर की रकम का भुगतान युवान में करने का फैसला किया है। ढाका यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय के पूर्व प्रोफेसर इम्तियाज अहमद ने तुर्किये की एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा- ‘जो बाइडन प्रशासन को यह अवश्य समझना चाहिए कि रूपपुर परियोजना बांग्लादेश के लिए बेहद अहम है। भविष्य में ऊर्जा की जरूरतो को पूरा करने के लिए इसका समय से बनना जरूरी है। इसलिए इसके काम में कोई रुकावट नहीं डाली जा सकती।’ अहमद ने कहा कि यह परियोजना पूरी होने का लाभ अमेरिका को भी मिलेगा, क्योंकि बांग्लादेश दुनिया में रेडीमेड कपड़ों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और अमेरिका इन कपड़ों का मुख्य ग्राहक है।
बांग्लादेश के कूटनीति विशेषज्ञों ने शेख हसीना सरकार को सलाह दी है कि उसे अमेरिका के साथ इस मुद्दे को बातचीत से हल करना चाहिए। उसे अमेरिका सरकार को बताना चाहिए कि रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र का बनना बांग्लादेश के साथ-साथ उसके फायदे में भी है। इसलिए उचित होगा कि अमेरिका इस मुद्दे को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और भू-राजनीतिक तनाव से हट कर देखे।
रूपपुर प्लांट ढाका से 140 किलोमीटर दूर पबना जिले में बन रहा है। इसके लिए बांग्लादेश ने रूस से 12 बिलियन डॉलर का कर्ज लिया है। तैयार होने के बाद इस संयंत्र से 2,400 मेगावाट बिजली पैदा होगी। बांग्लादेश को आशा है कि इस संयंत्र के चालू होने के बाद लंबे समय से जारी बिजली संकट दूर हो जाएगा।
बांग्लादेश के वित्त मंत्रालय में यूरोपियन मामलों के प्रमुख उत्तम कुमार कर्माकर ने पिछले हफ्ते बताया था कि रूस और बांग्लादेश के बीच युवान में भुगतान पर सहमति बन गई है। यह सहमति पिछले महीने रूसी अधिकारियों के बांग्लादेश दौरे के समय बनी। इस घोषणा को इस समय दुनिया भर में डॉलर का वर्चस्व खत्म करने की चल रही मुहिम से जोड़ कर देखा गया। खबर है कि इस मुहिम में बांग्लादेश का भी शामिल होना अमेरिका को पसंद नहीं आया है। उसने इस बारे में स्पष्ट संकेत दिए हैं। .