फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Paris: 10 countries of europe suffering from protest ahead of new year

पेरिस: साल के आखिरी दिनों में आंदोलन से जूझ रहे हैं यूरोप के 10 से ज्यादा देश

Fri, 21 Dec 2018 02:14 PM IST
अजय सिंह एजेंसी, पेरिस
एजेंसी, पेरिस Published by: अजय सिंह Updated Fri, 21 Dec 2018 02:14 PM IST
विज्ञापन
Paris: 10 countries of europe suffering from protest ahead of new year
Protests in Europe - फोटो : self
जहां एक ओर नए साल की तैयारियां जोरो पर हैं। वहीं यूरोप के ज्यादातर देश नए साल से पहले आंदोलनों से परेशान हैं। 
विज्ञापन

फ्रांस में यलो वेस्ट आंदोलन 

साल के आखिरी दिनों में यूरोप के 10 से ज्यादा देश आंदोलनों से पार पाने के लिए जूझ  रहें हैं। तेल की बढ़ी कीमत और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आर्थिक नीतियों के विरोध में यलो वेस्ट नाम से आंदोलन चल रहा है। लोग राष्ट्रपति मैक्रों की आर्थिक नीतियों का विरोध कर रहे हैं। लोगों के आंदोलन को रोकने के लिए मैक्रों ने फ्यूल के दाम तक घटाए हैं। इसके अलावा न्यूनतम मजदूरी 100 यूरो बढ़ाने का भी ऐलान किया है। लोगों का कहना है कि सरकार की नई आर्थिक नीतियों के कारण कई लोगों की नौकरी जा रही है। 

हंगरी में नए दासता कानून का विरोध

हंगरी की सड़कों पर इन दिनों हजारों लोग सरकार के नए श्रम कानून को लेकर विरोध कर रहे हैं। सर्दी के सितम के बीच लोगों का यह प्रर्दशन दिन-रात निरंतर रूप से जारी है। लोग सरकार के 400 घंटे ओवरटाइम के फैसले का विरोध कर रहे हैं। सरकार ने 13 दिसंबर को श्रम कानून पारित किया। इस फैसले के अनुसार कंपनी अपने कर्मचारियों से 400 घंटे तक ओवरटाइम करवा सकती है। लोगों ने इसका विरोध जताते हुए मोमबत्ती की जगह मोबाइल टॉर्च जलाकर विराध किया।
विज्ञापन

सर्बिया में हिंसा का विरोध

यहां सरकार की हिंसा के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर हैं। लोगों का यह प्रर्दशन 1990 के विरोध प्रर्दशन की यादें ताजा कर रहा है प्रदर्शनकारी विपक्ष के नेता बोर्को पर हुए जानलेवा हमले को सरकार की साजिश बता रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

जर्मनी में पर्यावरण के नाम पर संग्राम

यहां पर्यावरण बचाने को लेकर लोग प्रदर्शन हो रहे हैं। पर्यावरण की वकालत करने वाली ग्रीन पार्टी की लोकप्रियता बीते दो महीने में 10% तक बढ़ गई है। 

अल्बानिया में पढ़ाई महंगी होने से लोगों में गुस्सा 

अल्बानिया की सरकारी यूनिवर्सिटियों में पढ़ाई महंगी करके सालाना फीस 160 से 2,560 यूरो कर दी है। यहां की औसत आय 350 यूरो/माह है। सस्ती पढ़ाई की मांग को लेकर छात्र सड़कों पर हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed