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पीएम मोदी तक पहुंचा पाकिस्तान के ‘जासूस’ कबूतर का मामला, वापस भेजने की मांग
Wed, 27 May 2020 06:59 PM IST
Harendra Chaudhary
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियालकोट
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियालकोट
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 27 May 2020 06:59 PM IST
सार
- कठुआ में सेना और पुलिस ने पकड़ा था यह पाकिस्तानी ‘जासूस’
- पाकिस्तान के सियालकोट के एक गांव में रहने वाले एक शख्स का है कबूतर
- कबूतर के पैरों में पड़ी थी एक रिंग, जिस पर लिखे थे कुछ नंबर
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Pigeon
- फोटो : For Refernce Only
विस्तार
भारत और पाकिस्तान के बीच जासूसी के किस्से आपने तमाम सुने होंगे, लेकिन आजकल एक ऐसा जासूस चर्चा में है जिसे कश्मीर के कठुआ जिले के हीरानगर पुलिस स्टेशन में पकड़ा गया है।
यह एक कबूतर है जिसके पैर में एक रिंग है। दावा किया जा रहा है कि ये पाकिस्तान का प्रशिक्षित कबूतर है, जिसके जरिये पाकिस्तान भारत में जासूसी करवाना चाहता था। लेकिन अब इससे जुड़ा एक और दिलचस्प किस्सा सुनिए।
पाकिस्तान के इस कबूतर का मामला अब प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंच गया है और पाकिस्तान के सियालकोट के एक गांव में रहने वाले हबीबुल्लाह ने गुजारिश की है कि ये उनका कबूतर है कोई जासूस या आतंकवादी नहीं। उन्होंने मोदी से अपना कबूतर वापस करने की मांग की है।
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मामला दो दिन पुराना है। कठुआ के चडवाल इलाके में एक महिला के घर ये कबूतर बैठा मिला। महिला ने उसे पकड़ कर सीमा सुरक्षा बल के हवाले कर दिया और अपनी लिखित शिकायत में दावा किया कि ये एक पाकिस्तानी कबूतर है और इसके पैर में पड़ी रिंग में कुछ कोडेड नंबर हैं।
सुरक्षा बल के जवान हरकत में आए और इसे जांच के लिए पुलिस के हवाले कर दिया। खबर मीडिया में फैली, सोशल मीडिया में वायरल हुई और लेखक चेतन भगत ने अपने ट्वीट के जरिये इस पर चुटकी भी ली।
चेतन भगत ने पूछा कि भला ये कबूतर यहां से कौन सी खुफिया जानकारी लेने आया था और लौटकर किसे क्या बताने वाला था। अगर वह यहां अंडे दे देता तो क्या उसके बच्चे भारतीय कहे जाते या फिर उसे सीएए के दायरे में डाल दिया जाता।
बहरहाल, खबर तो खबर है। पाकिस्तान पहुंची, तो पाकिस्तानी अफसरान भी हरकत में आए कि भला उनके मुल्क का कबूतर भारत कैसे पहुंच गया और वह भी ‘जासूसी’ करने। तफ्तीश शुरू हुई और पता चला कि यह कबूतर सियालकोट के सीमाई गांव बग्गा शकरगढ़ में रहने वाले हबीबुल्ला का है।
उसे कबूतर पालने का शौक है। उसने अपने सभी कबूतरों के पैर में एक रिंग पहना रखी है, जिसमें उसका मोबाइल नंबर लिखा हुआ है। अभी दो दिन पहले ईद के मौके पर उसने अपने सभी कबूतर उड़ाए थे, लेकिन उनमें से एक वापस नहीं लौटा।
हबीबुल्ला ने दावा किया कि उस कबूतर का दूसरा जोड़ा अब भी उसके पास है। उसके गांव से भारत की सीमा महज चार किलोमीटर दूर है। लेकिन हबीबुल्ला का कबूतर भारत में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हो चुका था।
जब गांववालों को ये पता चला तो उन्होंने इसे लेकर प्रदर्शन भी किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि उनके कबूतर को पूरे प्रोटोकॉल और सम्मान के साथ वापस किया जाए।
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यह एक कबूतर है जिसके पैर में एक रिंग है। दावा किया जा रहा है कि ये पाकिस्तान का प्रशिक्षित कबूतर है, जिसके जरिये पाकिस्तान भारत में जासूसी करवाना चाहता था। लेकिन अब इससे जुड़ा एक और दिलचस्प किस्सा सुनिए।
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पाकिस्तान के इस कबूतर का मामला अब प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंच गया है और पाकिस्तान के सियालकोट के एक गांव में रहने वाले हबीबुल्लाह ने गुजारिश की है कि ये उनका कबूतर है कोई जासूस या आतंकवादी नहीं। उन्होंने मोदी से अपना कबूतर वापस करने की मांग की है।
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मामला दो दिन पुराना है। कठुआ के चडवाल इलाके में एक महिला के घर ये कबूतर बैठा मिला। महिला ने उसे पकड़ कर सीमा सुरक्षा बल के हवाले कर दिया और अपनी लिखित शिकायत में दावा किया कि ये एक पाकिस्तानी कबूतर है और इसके पैर में पड़ी रिंग में कुछ कोडेड नंबर हैं।
सुरक्षा बल के जवान हरकत में आए और इसे जांच के लिए पुलिस के हवाले कर दिया। खबर मीडिया में फैली, सोशल मीडिया में वायरल हुई और लेखक चेतन भगत ने अपने ट्वीट के जरिये इस पर चुटकी भी ली।
चेतन भगत ने पूछा कि भला ये कबूतर यहां से कौन सी खुफिया जानकारी लेने आया था और लौटकर किसे क्या बताने वाला था। अगर वह यहां अंडे दे देता तो क्या उसके बच्चे भारतीय कहे जाते या फिर उसे सीएए के दायरे में डाल दिया जाता।
बहरहाल, खबर तो खबर है। पाकिस्तान पहुंची, तो पाकिस्तानी अफसरान भी हरकत में आए कि भला उनके मुल्क का कबूतर भारत कैसे पहुंच गया और वह भी ‘जासूसी’ करने। तफ्तीश शुरू हुई और पता चला कि यह कबूतर सियालकोट के सीमाई गांव बग्गा शकरगढ़ में रहने वाले हबीबुल्ला का है।
उसे कबूतर पालने का शौक है। उसने अपने सभी कबूतरों के पैर में एक रिंग पहना रखी है, जिसमें उसका मोबाइल नंबर लिखा हुआ है। अभी दो दिन पहले ईद के मौके पर उसने अपने सभी कबूतर उड़ाए थे, लेकिन उनमें से एक वापस नहीं लौटा।
हबीबुल्ला ने दावा किया कि उस कबूतर का दूसरा जोड़ा अब भी उसके पास है। उसके गांव से भारत की सीमा महज चार किलोमीटर दूर है। लेकिन हबीबुल्ला का कबूतर भारत में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हो चुका था।
जब गांववालों को ये पता चला तो उन्होंने इसे लेकर प्रदर्शन भी किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि उनके कबूतर को पूरे प्रोटोकॉल और सम्मान के साथ वापस किया जाए।