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PAK: पाकिस्तानी पुलिस ने अहमदी समुदाय के इबादत स्थल की मीनारें गिराईं
Tue, 13 Dec 2022 02:29 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Tue, 13 Dec 2022 02:29 AM IST
सार
‘जमात अहमदिया पंजाब’ के पदाधिकारी आमिर महमूद ने सोमवार को बताया कि पुलिस ने स्थानीय मौलवियों के इशारे पर काम किया, जिन्होंने मीनारों को नहीं गिराए जाने पर अहमदी उपासना स्थल पर हमला करने की धमकी दी थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पाकिस्तान पुलिस ने कथित तौर पर कुछ मौलवियों के इशारे पर पंजाब प्रांत में अल्पसंख्यक अहमदी समुदाय के इबादत स्थल की दो मीनारें गिरा दी हैं। अहमदी समुदाय के प्रतिनिधियों के अनुसार, पुलिस की एक टुकड़ी ने आठ दिसंबर को लाहौर से लगभग 80 किलोमीटर दूर गुजरांवाला के बागबानपुरा इलाके को घेर लिया और अहमदी इबादत स्थल की मीनारों को ध्वस्त कर दिया।
‘जमात अहमदिया पंजाब’ के पदाधिकारी आमिर महमूद ने सोमवार को बताया कि पुलिस ने स्थानीय मौलवियों के इशारे पर काम किया, जिन्होंने मीनारों को नहीं गिराए जाने पर अहमदी उपासना स्थल पर हमला करने की धमकी दी थी। पाकिस्तान में कानून के तहत, अहमदी समुदाय मीनारों का निर्माण नहीं कर सकता है और न ही अपने इबादत स्थल को मस्जिद कह सकता है। इससे पहले, अहमदियों ने धार्मिक चरमपंथियों के प्रकोप से बचने के लिए मीनारों को आम लोगों की नजरों से छिपाने के लिए चारों ओर इस्पात की चादरें लगा दी थीं। हालांकि, कुछ स्थानीय मौलवियों, विशेष रूप से तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) से संबंधित लोगों द्वारा मीनारों को हटाने की मांग के बाद प्रशासन हरकत में आया। महमूद ने कहा, अहमदी समुदाय पुलिस की न्यायेतर कार्रवाई की निंदा करता है। अहमदिया इबादत स्थल को अपवित्र करने वाले पुलिस अधिकारियों की ऐसी बर्बर कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है।
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‘जमात अहमदिया पंजाब’ के पदाधिकारी आमिर महमूद ने सोमवार को बताया कि पुलिस ने स्थानीय मौलवियों के इशारे पर काम किया, जिन्होंने मीनारों को नहीं गिराए जाने पर अहमदी उपासना स्थल पर हमला करने की धमकी दी थी। पाकिस्तान में कानून के तहत, अहमदी समुदाय मीनारों का निर्माण नहीं कर सकता है और न ही अपने इबादत स्थल को मस्जिद कह सकता है। इससे पहले, अहमदियों ने धार्मिक चरमपंथियों के प्रकोप से बचने के लिए मीनारों को आम लोगों की नजरों से छिपाने के लिए चारों ओर इस्पात की चादरें लगा दी थीं। हालांकि, कुछ स्थानीय मौलवियों, विशेष रूप से तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) से संबंधित लोगों द्वारा मीनारों को हटाने की मांग के बाद प्रशासन हरकत में आया। महमूद ने कहा, अहमदी समुदाय पुलिस की न्यायेतर कार्रवाई की निंदा करता है। अहमदिया इबादत स्थल को अपवित्र करने वाले पुलिस अधिकारियों की ऐसी बर्बर कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है।
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