अमेरिका गए पाकिस्तानी पीएम इमरान बोले- भारत और अफगान की दोस्ती से डरती है पाक सेना
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पाकिस्तानी सेना व आईएसआई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अमेरिका गए इमरान ने कहा कि पाकिस्तानी सेना भारत-अफगान साझेदारी से डरती है। पाक सेना को डर है कि किसी दिन उसे दोनों देशों से दो मोर्चों पर लड़ना पड़ सकता है, जो पाकिस्तान को सैंडविच जैसे हालात में फंसा देगा। यही वजह है कि उनकी सरकार ने अफगानिस्तान की राजनीति में हस्तक्षेप की दशकों पुरानी नीति छोड़ दी है। उस नीति की वजह से पाकिस्तान ने अपना बड़ा नुकसान किया है। अमेरिकी कांग्रेस के वित्तीय सहयोग से चलाए जाने वाले प्रबुद्ध मंडल यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस द्वारा आयोजित सत्र में उन्हाेंने यह बातें कहीं।
तालिबान को करना होगा अफगान चुनाव में शामिल
इस दौरान अफगानिस्तान को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में इमरान ने खुलेआम तालिबान का समर्थन किया। उन्हाेंने कहा कि ट्रंप से मुलाकात के बाद वे अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी से बात कर चुके हैं, अब तालिबान से मिलेंगे। इस मुलाकात में वे तालिबान को अफगान सरकार से बातचीत के लिए राजी करने का प्रयास करेंगे। इससे अफगान चुनाव में तालिबान भी हिस्सा ले सकेगा।
ईरान में अमेरिकी कार्रवाई अलकायदा से बड़ा खतरा पैदा करेगी
इमरान खान ने अमेरिका में कहा कि ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का परिणाम इतना बुरा होगा कि लोग अलकायदा को भूल जाएंगे। उन्हाेंने कहा ‘सभी देशों को विषय की गंभीरता समझनी होगी, इसका परिणाम 2003 के ईराक हमले जैसा नहीं होगा, बल्कि आतंकवाद का नया खेल शुरू हो सकता है। युद्ध शायद जल्द खत्म हो जाए, लेकिन उसके परिणाम क्या होंगे, यह अभी लोग नहीं समझे हैं। ऐसे में सैन्य कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।’