पेरिस में पश्तूनों ने घेरा पाकिस्तानी दूतावास, सेना पर लगाए गंभीर आरोप
फ्रांस और यूरोप में रहने वाले पश्तूनों ने शनिवार को भारी संख्या में पेरिस पहुंचकर पाकिस्तानी दूतावास का घेराव किया। पश्तूनों का यह जमावड़ा पाकिस्तान में पश्तून तहफुज मूवमेंट (पीटीएम) के संस्थापक व मानवाधिकार कार्यकर्ता मंजूर पश्तीन के कथित अपहरण का विरोध जता रहे थे। पश्तूनों के हुजूम ने पाकिस्तान के पश्तून बहुल इलाकों में वहां की सेना के समर्थन से आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाया और पश्तून इलाकों को अलग देश के तौर पर आजाद किए जाने की मांग करते हुए नारेबाजी की।
मंजूर को पाकिस्तान के पेशावर में 26 जनवरी को उनके समूह के 9 अन्य लोगों के साथ हिरासत में लिया गया था। मंजूर को देश की शक्तिशाली सेना के कट्टर आलोचक के तौर पर जाना जाता है। वे सेना पर अपने विरोधी लोगों का जबरदस्ती अपहरण कर उन्हें गायब कर देने और हिरासत में मार देने का आरोप लगाते रहे हैं।
पश्तीन की इस अवैध हिरासत के चलते पाकिस्तान में तनाव का माहौल बन गया था और हजारों पश्तूनों ने पूरे देश के विभिन्न शहरों में व विभिन्न देशों में सड़कों पर उतरकर रैलियां निकालते हुए सरकार व सेना पर मानवाधिकार हनन के आरोप लगाए थे।
पश्तीन को मिली जमानत, फिर भी जेल में
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्तीन को एक पाकिस्तानी अदालत ने शनिवार को देशद्रोह के दो मामलों में जमानत दे दी थी, लेकिन रिपोर्ट में पीटीएम नेताओं व पश्तीन के वकीलों के हवाले से बताया गया कि दो अन्य मामलों में उनकी जमानत याचिका अब भी अदालत के सामने विचाराधीन है। इसके चलते पश्तीन को अभी जेल से रिहाई नहीं मिल सकी है।