Pakistan: सिंध में दो कार्यकर्ताओं का अपहरण, जेएसएफएम ने पाकिस्तान पर मानवाधिकार उल्लंघन का लगाया आरोप
जेएवाई सिंध स्वतंत्रता आंदोलन (जेएसएफएम) ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों पर सिंध के दो कार्यकर्ताओं, सईद और दिलबर ट्वीनो के अपहरण का आरोप लगाया। सोहैल अब्रो, जेएसएफएम के चेयरमैन ने बताया कि सुरक्षा बलों ने रात तीन बजे ट्वीनो के घर पर छापेमारी की, घर को तोड़ा, सामान जब्त किया और दोनों को गुम कर दिया।
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पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां जेएवाई सिंध स्वतंत्रता आंदोलन (जेएसएफएम) ने पाकिस्तान के राज्यीय खुफिया एजेंसियों पर सिंध के दो सिंधी कार्यकर्ताओं, सईद ट्वीनो और उनके छोटे भाई दिलबर ट्वीनो के अपहरण का आरोप लगाया है। यह घटना एक रात के समय हुई, जब सुरक्षा बलों ने ट्वीनो के घर पर छापेमारी की। मामले में जेएसएफएम के चेयरमैन सोहैल अब्रो ने इस घटना की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया।
उन्होंने कहा कि यह घटना तड़के लगभग 3:00 बजे हुई, जब सुरक्षा बलों ने ट्वीनो परिवार के घर पर धावा बोला। इस छापेमारी के दौरान परिवार को परेशान किया गया, घर की तोड़फोड़ की गई और मोबाइल फोन सहित अन्य सामान जब्त कर लिया गया, इसके बाद दोनों कार्यकर्ताओं को अपहरण कर लिया गया।
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जेएसएफएम ने यूएन और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से की बात
मामले में अब्रो ने कहा कि यह क्रूर कारनामा सिंध में मानवाधिकारों के उल्लंघन के बढ़ते संकट को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान राज्य अपनी राजनीतिक और राष्ट्रीय कार्यकर्ताओं को जबरन गुम करवा कर उन्हें निशाना बना रहा है, जो कि मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है और सिंधी राजनीतिक आवाजों का दमन है। इसके साथ ही जेएसएफएम ने संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और मीडिया से अपील की है कि वे सिंध में हो रहे इन अत्याचारों के खिलाफ ठोस कदम उठाएं। संगठन ने कहा कि अपहृत व्यक्तियों की जान और अन्य गुमशुदा कार्यकर्ताओं की सुरक्षा गंभीर खतरे में है।
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मानवधिकार संगठनों ने हमेशा की है आलोचना
गौरतलब है कि मानवाधिकार संगठनों ने लंबे समय से पाकिस्तान के जबरन गुमशुदगी के मामले पर आलोचना की है, खासकर सिंध और बलूचिस्तान जैसे क्षेत्रों में, जहां राष्ट्रवादी आंदोलनों में सक्रियता देखी जाती है। मामले में कार्यकर्ताओं का कहना है कि राज्य एजेंसियों द्वारा धमकी, उत्पीड़न और अपहरण का इस्तेमाल राजनीतिक असंतोष को दबाने के लिए किया जा रहा है, जिससे परिवारों को अत्यधिक कष्ट पहुंच रहा है। ट्वीनो बंधुओं के मामले को उजागर करके जेएसएफएम पाकिस्तान के राज्य के अमानवीयता पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहा है।