पाकिस्तानः चाइल्ड पोर्नोग्राफी में शामिल था जैनब का कातिल?
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जैनब रेप और मर्डर मामले में रविवार को सुप्रीम कोर्ट की लाहौर रजिस्ट्री में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस साकिब निसार की बेंच ने इस मामले को सुना। मामले के केंद्र में मीडिया के लोग थे। इस कारण बड़े चैनलों के मालिक और एंकर इस सुनवाई में पहुंचे।
बीबीसी उर्दू की संवाददाता हीना सईद ने बताया, "सबसे पहले डॉक्टर शाहिद मसूद को अपनी बात रखने का मौका दिया गया और उनसे पूछा गया कि ज़ैनब के कातिल के 37 बैंक अकाउंट्स, उसके एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह से संबंध और इसमें सरकार के एक मंत्री के शामिल होने जैसे आरोप वह कैसे साबित करेंगे?" वरिष्ठ पत्रकार शाहिद मसूद ने अपने आरोपों को लेकर कोर्ट में तर्क रखें लेकिन उन्होंने कोई पुख़्ता सबूत पेश नहीं किया। इसके बाद कोर्ट ने उनसे कहा कि वह सबूत लेकर क्यों नहीं आ रहे।
एक नई जेआईटी का गठन
मामले की जांच के लिए गठित की गई जेआईटी के पास कोर्ट ने पत्रकार मसूद को सबूत पेश करने को कहा। सईद बताती हैं कि इसके बाद मसूद ने कहा कि उन्हें जेआईटी पर भरोसा नहीं है क्योंकि उसके सदस्य उतने विश्वस्त नहीं हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने शाहिद मसूद के आरोपों की जांच के लिए बशीर मेमन की अध्यक्षता में एक और जेआईटी का गठन किया और उन्हें आदेश दिया कि वह उनके सामने पेश हों।
कोर्ट ने कहा कि अगर शाहिद मसूद के आरोप सही साबित हुए तो उनकी प्रशंसा की जाएगी और अगर गलत साबित हुए तो उनके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट में शाहिद मसूद के कार्यक्रम की क्लिप भी चलाई गई। पत्रकार हिना सईद के मुताबिक, कोर्ट में सीनियर एंकरों और पत्रकारों से भी गलत खबर दिए जाने और पत्रकारिता के सिद्धांतों पर बात की गई।
मसूद का माफी मांगने से इनकार
कोर्ट ने कहा कि ऐसी सूरत में क्या किया जाना चाहिए? इस पर उसका कहना था कि इस मामले में दहशतगर्दी का केस भी बनता है और अदालत की अवमानना का मामला भी हो सकता है।
एंकर हामिद मीर ने कोर्ट से कहा कि, "आप डॉक्टर शाहिद मसूद को माफी का मौका दें।" हालांकि, मसूद ने कोर्ट से माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि वह अपने आरोपों पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि यह एक डेवलपिंग स्टोरी है और उन्होंने जो कहा है, वह उस पर अटल हैं।
दरअसल, पत्रकार शाहिद मसूद ने अपने कार्यक्रम में यह दावा किया था कि अभियुक्त इमरान अली के पाकिस्तान में 37 से अधिक बैंक अकाउंट्स हैं और जैनब कत्ल केस के पीछे एक अंतर्राष्ट्रीय चाइल्ड पॉर्नोग्राफी गिरोह है जिसको एक मंत्री का समर्थन है। स्टेट बैंक की ओर से अभियुक्त के अकाउंट्स की जानकारी के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार शाहिद मसूद के आरोपों के लिए एक जांच टीम का गठन किया था।
जैनब के पिता पर रोक
जैनब हत्या में अभियुक्त इमरान से पूछताछ की जा रही है। उसका डीएनए पांच बच्चियों से मिल चुका है और इसकी फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश की गई है। वहीं, हत्या मामले की जांच कर रही जेआईटी से पूछा गया कि पुलिस कितने दिन में मामले की चार्जशीट दाख़िल कर सकती है। तो उसने 90 दिन का वक़्त मांगा लेकिन कोर्ट ने इतना समय न देते हुए जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने जैनब के पिता को किसी भी क़िस्म की प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से रोक दिया है और कहा है कि उन्हें जो भी शिकायत हो वो अदालत को बताएं।