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इस बार पाकिस्तानी चुनाव शीशे की तरह साफ हैं लेकिन
बीबीसी हिंदी
Updated Tue, 03 Jul 2018 02:55 PM IST
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गाली गलौज तक तो ठीक था लेकिन इस बार पाकिस्तान में आम चुनावों से पहले ही नया फैशन शुरू हो गया है यानी नवाज शरीफ पर किसी ने लाहौर के एक मदरसे में जूता उछाल दिया, मुस्लिम लीग के भूतपूर्व रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के चेहरे पर किसी ने जलसे में कालिख फेंक दी, भूतपूर्व गृहमंत्री अहसन इकबाल पर उन्हीं के शहर नारोवाल में किसी ने गोली चला दी, गोली बाज में लगी।
कल ये भी हो गया कि पीपल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो की गाड़ी पर कराची के इलाके लियारी में कुछ लोगों ने पथराव किया। इस इलाके से बिलावल इलेक्शन लड़ रहे हैं। उनसे पहले लियारी बिलावल की माता बेनजीर भुट्टो और नाना जुल्फीकार अली भुट्टो का चुनाव क्षेत्र रहा है और पिछले पचास बरस से पीपल्स पार्टी का गढ़ माना जाता है।
इसलिए यहां बिलावल की गाड़ी पर पथराव ऐसा ही है जैसे अमेठी में राहुल गांधी या अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी की गाड़ी पर पत्थर पड़ जाएं।
पिछले आम चुनावों में तालिबान ने आवामी नेशनल पार्टी और पीपल्स पार्टी के उम्मीदवारों पर हमले करके उन्हें चुनाव अभियान से बाहर कर दिया था। इस बार नवाज शरीफ के हामी उम्मीदवारों को घेरने या उनकी वफादारी तब्दील करवाने या चुनावी दौड़ से बाहर रखने की कोशिश हो रही है।
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कई उम्मीदवारों ने आम वोटरों के अलावा गुप्तचर कर्मचारियों पर मारपीट और धमकियां देने के आरोप लगाए हैं। पंजाब में बहुत से उम्मीदवारों ने मुस्लिम लीग नवाज का टिकट वापस करके आजाद हैसियत में चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया है।
साथ ही साथ तकरीबन सभी टीवी चैनलों पर न जाने जादू की क्या छड़ी फिर गई है कि सभी नवाज शरीफ की निंदा और इमरान खान की सराहना में लगे हुए हैं। जो एक-आध अखबार जैसे अंग्रेजी पेपर 'डॉन' बग़ैरह निष्पक्ष पत्रकारिता में यकीन रखते हैं उनके डिस्ट्रीब्यूशन और विज्ञापन रोके जा रहे हैं
देश के कई इलाकों में डॉन न्यूज चैनल या तो ग़ायब है। नजर आता भी तो कभी आवाज ग़ायब कभी तस्वीर गुम। ऐसा क्यों हो रहा है और कौन कर रहा है। नेताओं से लेकर आम वोटर तक हर कोई खुलकर नाम भी लेना नहीं चाहता।
कोई एस्टेबलिशमेंट कहता है, कोई खलाई मखलूक तो कोई जिन्न-भूत। ताजा उदाहरण ये है कि मुल्तान में मुस्लिम लीग नून के एक उम्मीदवार इकबाल सिराज को कुछ लोगों ने थप्पड़ मारे, उनके गोदाम पर छापा मारा गया और कहा गया कि अगर तुमने मुस्लिम लीग नून का टिकट वापस नहीं किया तो तुम्हारा कारोबार तबाह हो जाएगा।
इकबाल ने मीडिया कैमरों के सामने खुलकर कहा कि उनके साथ ये काम एक खुफिया एजेंसी के लोगों ने किया है। मगर इसके थोड़ी ही देर बाद उन्होंने कहा कि मुझे ग़लतफहमी हो गई थी, मुझे किसी एजेंसी वाले ने नहीं बल्कि एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के कर्मचारियों ने थप्पड़ मारे और धमकियां दी।
मेरा दोस्त अब्दुल्ला पान वाला कहता है कि इस बार चुनाव बिलकुल शीशे की तरह साफ हैं। हर वोटर आरपार देख सकता है मगर उंगली नहीं उठा सकता, कहीं कोई उठा ही न ले।
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कल ये भी हो गया कि पीपल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो की गाड़ी पर कराची के इलाके लियारी में कुछ लोगों ने पथराव किया। इस इलाके से बिलावल इलेक्शन लड़ रहे हैं। उनसे पहले लियारी बिलावल की माता बेनजीर भुट्टो और नाना जुल्फीकार अली भुट्टो का चुनाव क्षेत्र रहा है और पिछले पचास बरस से पीपल्स पार्टी का गढ़ माना जाता है।
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इसलिए यहां बिलावल की गाड़ी पर पथराव ऐसा ही है जैसे अमेठी में राहुल गांधी या अहमदाबाद में नरेंद्र मोदी की गाड़ी पर पत्थर पड़ जाएं।
पिछले आम चुनावों में तालिबान ने आवामी नेशनल पार्टी और पीपल्स पार्टी के उम्मीदवारों पर हमले करके उन्हें चुनाव अभियान से बाहर कर दिया था। इस बार नवाज शरीफ के हामी उम्मीदवारों को घेरने या उनकी वफादारी तब्दील करवाने या चुनावी दौड़ से बाहर रखने की कोशिश हो रही है।
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कई उम्मीदवारों ने आम वोटरों के अलावा गुप्तचर कर्मचारियों पर मारपीट और धमकियां देने के आरोप लगाए हैं। पंजाब में बहुत से उम्मीदवारों ने मुस्लिम लीग नवाज का टिकट वापस करके आजाद हैसियत में चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया है।
साथ ही साथ तकरीबन सभी टीवी चैनलों पर न जाने जादू की क्या छड़ी फिर गई है कि सभी नवाज शरीफ की निंदा और इमरान खान की सराहना में लगे हुए हैं। जो एक-आध अखबार जैसे अंग्रेजी पेपर 'डॉन' बग़ैरह निष्पक्ष पत्रकारिता में यकीन रखते हैं उनके डिस्ट्रीब्यूशन और विज्ञापन रोके जा रहे हैं
देश के कई इलाकों में डॉन न्यूज चैनल या तो ग़ायब है। नजर आता भी तो कभी आवाज ग़ायब कभी तस्वीर गुम। ऐसा क्यों हो रहा है और कौन कर रहा है। नेताओं से लेकर आम वोटर तक हर कोई खुलकर नाम भी लेना नहीं चाहता।
कोई एस्टेबलिशमेंट कहता है, कोई खलाई मखलूक तो कोई जिन्न-भूत। ताजा उदाहरण ये है कि मुल्तान में मुस्लिम लीग नून के एक उम्मीदवार इकबाल सिराज को कुछ लोगों ने थप्पड़ मारे, उनके गोदाम पर छापा मारा गया और कहा गया कि अगर तुमने मुस्लिम लीग नून का टिकट वापस नहीं किया तो तुम्हारा कारोबार तबाह हो जाएगा।
इकबाल ने मीडिया कैमरों के सामने खुलकर कहा कि उनके साथ ये काम एक खुफिया एजेंसी के लोगों ने किया है। मगर इसके थोड़ी ही देर बाद उन्होंने कहा कि मुझे ग़लतफहमी हो गई थी, मुझे किसी एजेंसी वाले ने नहीं बल्कि एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के कर्मचारियों ने थप्पड़ मारे और धमकियां दी।
मेरा दोस्त अब्दुल्ला पान वाला कहता है कि इस बार चुनाव बिलकुल शीशे की तरह साफ हैं। हर वोटर आरपार देख सकता है मगर उंगली नहीं उठा सकता, कहीं कोई उठा ही न ले।