फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan ›   Benazir murder case : lack of evidence may be beneficial for Musharraf

बेनजीर हत्याकांड: सुबूतों के अभाव में बरी हो सकते हैं मुशर्रफ

Wed, 22 Jul 2015 09:37 AM IST
एजेंसी/इस्लामाबाद
एजेंसी/इस्लामाबाद Updated Wed, 22 Jul 2015 09:37 AM IST
विज्ञापन
Benazir murder case : lack of evidence may be beneficial for Musharraf

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को सुबूतों के अभाव में बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में बरी किया जा सकता है। मुशर्रफ के वकील ने कहा कि इस मामले में कई अहम गवाह अपने बयानों से मुकर चुके हैं।

विज्ञापन


पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो 2007 में जब रावलपिंडी में एक पार्क में चुनावी रैली को संबोधित कर बाहर आ रही थी तो उनकी हत्या कर दी गई थी। तब 71- वर्षीय मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे और 2008 में  उन्होंने अवाम के बड़े दबाव में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
विज्ञापन


मुशर्रफ पर 2010 में भुट्टो की हत्या में शामिल होने का आरोप लगा था। ‘डॉन’ अखबार के मुताबिक मुशर्रफ के खिलाफ तब चार गवाहों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुशरर्फ के खिलाफ एक शब्द भी नहीं!

Benazir murder case : lack of evidence may be beneficial for Musharraf

इन चार गवाहों में पूर्व गृह सचिव सैयद कमाल शाह, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सेल (एनसीएमसी) के पूर्व महानिदेशक रिटायर्ड ब्रिगेडियर जावेद इकबाल चीमा, खुफिया विभाग के पूर्व महानिदेशक रिटायर्ड ब्रिगेडियर एजाज शाह और अमेरिकी लाबीस्ट मार्क सीगल शामिल थे।

तीनों पाकिस्तानी गवाह मुशर्रफ के शासन में अहम पदों पर तैनात थे। इन पाकिस्तानी गवाहों में से दो पहले ही अपने पूर्व बॉस यानी मुशर्रफ को फंसाने वाले अपने बयानों से मुकर गए थे जबकि अभियोजन पक्ष ने यह कहते हुए एजाज शाह को गवाह के कठघरे में न बुलाने का फैसला किया उसकी गवाही की जरूरत ही नहीं है।

कमाल शाह और चीमा ने इस साल जनवरी में आतंक-रोधी अदालत के समक्ष अपने बयान दर्ज करा चुके हैं। मुशर्रफ के वकील इलयास सिद्दीकी ने दावा किया कि शाह और चीमा ने अपनी गवाही में मुशर्रफ के खिलाफ एक भी शब्द नहीं कहा।

बेनजीर कह चुकी थी मुशरर्फ होंगे जिम्मेदार

Benazir murder case : lack of evidence may be beneficial for Musharraf

संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) ने एकमात्र गवाह सीगल को पेश करना है। संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के मुताबिक सीगल ने एजाज शाह को हमले के लिए जिम्मेदार बताया था।

उन्होंने मुशर्रफ और उनके ब्रिगेडियर शाह जैसे बड़े सहयोगियों पर बेनजीर भुट्टो को धमकी देने का आरोप लगाया था। जेआईटी की रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि सीगल ने अपने वक्तव्य में कहा था कि बेनजीर भुट्टो ने 26 अक्टूबर, 2007 को एक ईमेल भेज कर यह कहा था कि वह खुद को महफूज नहीं महसूस कर रही।

तब बेनजीर ने यह भी लिखा था कि यदि उन्हें कुछ हो जाता है तो उसके लिए मुशर्रफ को भी जिम्मेदार ठहराएंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed