Pakistan: इमरान पर हत्या का मामला दर्ज होने से ताजा हुई जुल्फिकार अली भुट्टो की याद
Pakistan: पर्यवेक्षकों ने ध्यान दिलाया है कि इमरान खान भी इस समय पाकिस्तान की सेना- खासकर सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर के निशाने पर हैं। इमरान खान को एक वकील की हत्या के मामले में अभियुक्त बनाया गया है। इमरान ने इस आरोप को ‘मूर्खतापूर्ण’ बताया है...
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर हत्या का मुकदमा दर्ज होने की खबर ने 1970 के दशक में एक अन्य पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो से जुड़ी घटनाओं की याद ताजा कर दी है। भुट्टो का तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल जियाउल हक ने तख्ता पलट दिया था। उसके बाद पहले भुट्टो को जेल में डाला गया और बाद में एक हत्या का मुकदमा चला कर उन्हें फांसी दे दी गई थी। पर्यवेक्षकों ने ध्यान दिलाया है कि इमरान खान भी इस समय पाकिस्तान की सेना- खासकर सेनाध्यक्ष जनरल असीम मुनीर के निशाने पर हैं।
इमरान खान को एक वकील की हत्या के मामले में अभियुक्त बनाया गया है। इमरान ने इस आरोप को ‘मूर्खतापूर्ण’ बताया है। वकील अब्दुल रज्जाक शार की हत्या मंगलवार को बलूचिस्तान के क्वेटा में हत्या कर दी गई थी। उस समय शार हाई कोर्ट जाने के रास्ते में थे। उन्हें उनकी कार में दस गोलियां मारी गईं, जिनसे उनकी मौके पर मौत हो गई। शार ने इमरान खान पर देशद्रोह के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इसलिए यह केस बनाया गया है कि उनकी हत्या कराने में पूर्व प्रधानमंत्री का हाथ है।
मामला शार के बेटे सिराज अहमद ने दर्ज कराया है। इसमें आरोप लगाया है कि उनकी पिता के हत्या के लिए इमरान खान ने हत्यारों को उकसाया। यह हत्या इसलिए हुई, क्योंकि उनके पिता ने पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराया था। अहमद ने आरोप लगाया है कि जब से उनके पिता ने इमरान खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया, तब से उन्हें धमकियां मिल रही थीं।
शार ने इमरान खान के खिलाफ मुकदमा पिछले महीने बलूचिस्तान हाई कोर्ट में दर्ज कराया था। इसमें हाई कोर्ट से पाकिस्तान के संविधान की धारा 6 के तहत अभियोग लगाने की गुजारिश की गई थी। इस धारा का संबंध देशद्रोह से है। शार ने मुकदमे में दावा किया था कि इमरान खान ने पिछले साल अप्रैल में नेशनल असंबली को भंग करने की राष्ट्रपति से सिफारिश कर देशद्रोह किया था। खान ने ये सिफारिश तब की थीं, जब उनकी सरकार के खिलाफ नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था।
अपने खिलाफ हत्या का मामला दर्ज होने के बाद इमरान खान ने अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सोशल मीडिया अकाउंट पर बुधवार को एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा कि उन पर लगाया गया इल्जाम बेतुका है और उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उन पर एक ‘मूर्खतापूर्ण मामले’ में अभियोग लगाया गया है। उन्होंने कहा- ‘मेरे खिलाफ जो बहुत से मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, यह उनमें ही एक है, लेकिन अब मुझ पर हत्या का आरोप लगाया गया है। मैं कल इस्लामाबाद जा रहा हूं, ताकि 16 मामलों में जमानत प्राप्त कर सकूं। लेकिन मैं जेल जाने को तैयार हूं, क्योंकि मुझे मालूम है कि वे लोग मुझे हिरासत में लेंगे।’
इसके पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सहयोगी अताउल्लाह तरार ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया था कि शार की हत्या के पीछे इमरान खान का हाथ है। जबकि पीटीआई के सूचना सचिव रऊफ हसन ने इस हत्या में प्रधानमंत्री शरीफ और गृह मंत्री राना सनाउल्लाह का हाथ होने का आरोप लगाया है और उन दोनों पर मुकदमा चलाने की मांग की है।