भारत-मलयेशिया के बीच रिश्तों में तल्खी का लाभ उठाने की कोशिश में पाकिस्तान
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भारत और मलयेशिया के बीच पाम तेल को लेकर बने व्यापार युद्ध के चलते पाकिस्तान में मौके का फायदा उठाने की थोथी कोशिश शुरू की है। मलयेशिया दौरे पर गए पाक पीएम इमरान खान ने वहां की सरकार को भरोसा दिया है कि भारत के फैसले के हो रहे मलयेशियाई नुकसान की भरपाई करने के लिए पाकिस्तान आगे आएगा। हालांकि इमरान की इस बात पर मलयेशिया के पीएम मुस्कुराने लगे।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और एनआरसी को लेकर मलयेशिया के पीएम महातिर मोहम्मद की बयानबाजी के चलते दोनों देशों के बीच रिश्तों में तल्खी आ गई थी। इसके बाद भारत के कारोबारियों ने मलयेशिया से पाम ऑइल खरीदना बंद कर दिया जिससे वहां की अर्थव्यवस्था चरमरा गई। इस फैसले से मलयेशिया की सरकार काफी परेशान है।
इस बीच इमरान ने मलयेशिया दौरे पर मौके का फायदा उठाने की कोशिश की और उन्होंने महातिर से वादा किया कि वे भारत से होने वाले नुकसान की भरपाई इस बार ज्यादा पाम ऑइल खरीदकर करेंगे। इस दौरान महातिर मुस्कुराने लगे। हालांकि बाद में महातिर ने कहा कि हम पाक पर भरोसा करते हैं। मलयेशिया वहां ऑटोमोटिव प्लांट लगा रहा है जिसमें कारें बनेंगी। इंजीनियरिंग कारोबार में भी हम पाक में निवेश करेंगे।
महातिर ने भारत को लेकर जताई उम्मीद, कहा- सुलझा लेंगे विवाद
एक तरफ पाक पीएम भारत-मलयेशिया रिश्तों में आई तल्खी का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे थे और दूसरी तरफ महातिर मोहम्मद भारत की ताकत को देखते हुए भारत के प्रति उदारता दिखाते रहे। उन्होंने कहा कि भारत के साथ मलयेशिया का विवाद जल्द खत्म हो जाएगा।
महातिर ने कहा, भारत ने पाम तेल के आयात में भले ही कटौती की है लेकिन इस विवाद को आने वाले दिनों में दोनों देश मैत्रीपूर्ण ढंग से सुलझा लेंगे। इमरान के सामने ही उन्होंने कहा कि भारत का यह कदम अस्थायी है और इसे सुलझाकर हम लाभकारी नतीजों की ओर बढ़ेंगे।
भारत-पाक के तेल आयात में बड़ा अंतर
मालूम हो कि मलयेशिया दुनिया में पाम ऑइल का दूसरा बड़ा उत्पादक देश है। 2019 में पाकिस्तान ने मलयेशिया से 10.1 लाख टन पाम तेल खरीदा था, जबकि भारत ने 40.4 लाख टन आयात किया था। ऐसे में भारत जैसे बड़े बाजार का पाम ऑइल खरीदने से मना करना मलयेशिया के बाजार के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।