Pakistan Jaffar Express: कड़ी सुरक्षा में रवाना हुई जाफर एक्सप्रेस; बलूचिस्तान हाईजैक के बाद ट्रेन सेवाएं बहाल
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाकों ने इसी महीने ट्रेन हाईजैक को अंजाम दिया था। इस वारदात के करीब दो हफ्ते के बाद आज से ट्रेन सेवाएं दोबारा बहाल हो गईं। खबर के मुताबिक जाफर एक्सप्रेस को आज कड़ी सुरक्षा में दोबारा रवाना किया गया।
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पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक के करीब दो हफ्ते बाद जाफर एक्सप्रेस का परिचालन कड़ी सुरक्षा के बीच फिर से शुरू किया गया। गुरुवार को यह ट्रेन पेशावर कैंट रेलवे स्टेशन से क्वेटा के लिए रवाना हुई। 280 यात्रियों वाली इस ट्रेन को संघीय मंत्री अमीर मकाम ने ट्रेन के यात्रियों को विदा किया। 28 लोग पेशावर से क्वेटा की यात्रा कर रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर छावनी रेलवे स्टेशन पर नमाज भी अदा की गई। राष्ट्रीय ध्वज, रंगीन झंडों और गुब्बारों से सजी यह ट्रेन शुक्रवार को वापस लौटेगी।
जाफर एक्सप्रेस फिर से शुरू करना सकारात्मक कदम
ट्रेन रवाना होने पर पेशावर कैंटोनमेंट रेलवे स्टेशन पर मंत्री मकाम ने कहा, आतंकियों के मंसूबे सफल नहीं होंगे। उन्होंने जाफर एक्सप्रेस को फिर से शुरू करने को एक सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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क्वेटा से देश के बाकी हिस्सों के लिए भी जल्द शुरू होंगी सेवाएं
संघीय रेलवे अधिकारियों ने आगे बताया कि जाफर एक्सप्रेस एकमात्र ऐसी ट्रेन है जो देश के चारों प्रांतों से होकर गुजरती है। अधिकारियों के अनुसार, क्वेटा से देश के बाकी हिस्सों के लिए ट्रेन सेवाएं भी शुक्रवार से बहाल कर दी जाएंगी। जाफर एक्सप्रेस पेशावर लौटेगी, जबकि एक अन्य ट्रेन बोलन मेल कराची के लिए एक बार फिर रवाना होगी। बता दें कि बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा से ट्रेन सेवाएं 11 मार्च के हमले के बाद से निलंबित थीं।
पूर्व पीएम इमरान खान के दल- पीटीआई ने समारोह से दूरी बनाई
यह भी दिलचस्प है कि ट्रेन सेवाओं के दोबारा बहाल होने के मौके पर पेशावर की प्रांतीय सरकार मौजूद नहीं रही। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के राजनीतिक दल- पीटीआई के नदारद रहने पर मंत्री मकाम ने पिछले 12 वर्षों से प्रांत की सत्ता पर काबिज लोगों की आलोचना करते हुए कहा, वे केवल 'इस्लामाबाद जीतने' पर ध्यान दे रहे हैं। खैबर पख्तूनख्वा के लोगों ने पहले भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। अब राजनीतिक हितों से परे शांति बहाल करना जरूरी है।
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केंद्रीय मंत्री का आरोप- 12 साल सत्तारूढ़ रही पीटीआई की नजरें इस्लामाबाद पर
मकाम ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पर बाहरी एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पीटीआई ने 12 साल तक प्रांत पर शासन किया है, लेकिन फिलहाल उसका पूरा ध्यान केंद्र की सत्ता हासिल करने पर यानी इस्लामाबाद पर कब्जा करने पर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बदलना पीटीआई का आंतरिक मामला है। पीटीआई रमजान पैकेज का अपने फायदे के लिए दुरुपयोग कर रही है। अवैध अफगान शरणार्थियों के बारे में उन्होंने कहा, उन्हें सरकारी नीति के अनुसार वापस भेजा जाएगा।
BLA के हमले के बाद बलूचिस्तान में कई हमले
बता दें कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों ने विगत 11 मार्च को बलूचिस्तान के बोलन जिले में जाफर एक्सप्रेस पर घात लगाकर हमला किया था। प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों ने 440 यात्रियों वाली ट्रेन को अगवा कर लिया था। इस घटना में 18 सुरक्षाकर्मियों सहित 26 बंधकों की हत्या कर दी गई थी। सेना ने अगले दिन सभी 33 बलूच लड़ाकों को मार गिराने के साथ-साथ 354 बंधकों को छुड़ाने का दावा किया। इस घटना के बाद से बलूचिस्तान में कई हमले हो चुके हैं।
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