{"_id":"64cbd3c9c3d8f272880a9687","slug":"pakistan-top-judge-on-military-trials-of-civilians-says-we-will-not-allow-army-to-take-unconstitutional-steps-2023-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pakistan: सैन्य मुकदमों को लेकर पाक शीर्ष न्यायाधीश की दो टूक, कहा- सेना को असंवैधानिक कदम नहीं उठाने देंगे","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Pakistan: सैन्य मुकदमों को लेकर पाक शीर्ष न्यायाधीश की दो टूक, कहा- सेना को असंवैधानिक कदम नहीं उठाने देंगे
Thu, 03 Aug 2023 09:50 PM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 03 Aug 2023 09:50 PM IST
सार
पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने गुरुवार को कहा कि देश की शीर्ष न्यायपालिका सेना को कोई भी असंवैधानिक कदम उठाने की इजाजत नहीं देगी।
विज्ञापन
पाकिस्तानी सेना
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
पाकिस्तान में नौ मई को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पीटीआई समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था इतना ही नहीं उन्होंने सैन्य संस्थानों में घुसकर तोड़फोड़ की थी। इसके बाद पीटीआई नेताओं समेत अन्य प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ सैन्य अदालतों में मामले चलाए जा रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने गुरुवार को कहा कि देश की शीर्ष न्यायपालिका सेना को कोई भी असंवैधानिक कदम उठाने की इजाजत नहीं देगी।
विज्ञापन
हालांकि शीर्ष न्यायाधीश ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के समर्थकों द्वारा की गई आगजनी और हिंसा की घटना का जिक्र करते हुए दंगों को गंभीर बताया और उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन हुई घटना पर अफसोस और दुख व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायाधीशों की अनुपलब्धता के कारण लगभग दो हफ्ते तक सुनवाई नहीं होगी और पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल (एजीपी) उस्मान अवान से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इस अवधि के दौरान नागरिकों पर मुकदमा नहीं चलाया जाए।
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश ने अवान से कहा कि एजीपी साहब, नागरिकों पर कोई सैन्य कार्रवाई की जाएगी। अवान ने अदालत को आश्वासन दिया कि उसके निर्देशों का पालन किया जाएगा। आगे मुख्य न्यायाधीश बंदियाल ने यह भी कहा कि सैन्य अधिकारियों की हिरासत में संदिग्धों को प्रासंगिक सुविधाएं प्रदान करने के पहले के निर्देश यथावत रहेंगे। जो लोग पाकिस्तान के संविधान और कानून पर अपना मामला बनाएंगे वे सफल होंगे।
विज्ञापन
बता दें कि नौ मई को इस्लामाबाद में अर्धसैनिक रेंजर्स द्वारा खान की गिरफ्तारी के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन में रावलपिंडी में सेना मुख्यालय सहित 20 से अधिक सैन्य प्रतिष्ठान और राज्य भवन क्षतिग्रस्त हो गए थे और उनमें आग लगा दी गई। हिंसा पर सरकार और सेना की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया गया, जिसके बाद हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसमें पीटीआई नेताओं और समर्थक शामिल थे।