{"_id":"5c9ff4e9bdec2213ea539297","slug":"pakistan-to-take-concrete-action-on-terror-organizations-us","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाक को अलग-थलग करने के प्रयास के बीच भारत को मिला अमेरिका का साथ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
पाक को अलग-थलग करने के प्रयास के बीच भारत को मिला अमेरिका का साथ
Sun, 31 Mar 2019 04:29 AM IST
गौरव द्विवेदी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sun, 31 Mar 2019 04:29 AM IST
विज्ञापन
इमरान खान (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकवाद को लेकर अमेरिका ने एक बार फिर पाकिस्तान को चेताया है। अमेरिका ने कहा कि पाकिस्तान की इमरान सरकार को अपनी धरती से संचालित होने वाले आतंकवादी संगठनों और आतंकियों के खिलाफ सार्थक और ठोस कार्रवाई करनी की आवश्यकता है। आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग करने की भारत की कोशिशों के बीच अमेरिका का यह महत्वपूर्ण बयान आया है।
विज्ञापन
वाशिंगटन में शुक्रवार को संपन्न हुए अमेरिका-भारत काउंटर टेररिज्म ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप और पदनाम संवाद के दौरान भारत और अमेरिका ने साझा बयान जारी करते हुए पाकिस्तान को अपनी धरती से संचालित आतंकी समूहों के खिलाफ ठोस कदम उठाने को कहा है। सत्र के दौरान दोनों देशों ने अपने विचार साझा करते हुए अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों द्वारा उत्पन्न खतरों पर बातचीत की। इसमें दक्षिण एशिया में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के साथ-साथ सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा भी शामिल रहा।
विज्ञापन
दोनों देशों की तरफ से इस बात को भी रेखांकित किया गया कि पाकिस्तान को आतंकी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। इस सत्र का प्रतिनिधित्व अमेरिका की तरफ से काउंटरटेररिज्म के राज्य विभाग समन्वयक नाथन सेल्स ने किया, जबकि भारत की तरफ से अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव महावीर सिंघवी ने की।
विज्ञापन
टेरर फंडिंग रोकने पर भारत की तारीफ
इस दौरान अमेरिका ने आतंकवादियों को फंडिंग करने वालों के खिलाफ भारत की कार्रवाई के प्रयासों की सराहना की। पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान समर्थक कश्मीरी अलगाववादियों और टेरर फंडिंग रोकने पर शिकंजा कसा है। पुलवामा की आतंकी वारदात के बाद भारत ने वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने का प्रयास शुरू किया। इसके बाद अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी लेने वाले जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव लाया था, लेकिन चीन ने वीटो कर उस प्रस्ताव को गिरा दिया था।