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Pakistan: शहबाज के सहायक की पूर्व पीएम इमरान को सलाह, कहा- सरकार के साथ बातचीत करने की जरूरत
Sun, 08 Jun 2025 07:50 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: बशु जैन
Updated Sun, 08 Jun 2025 07:50 AM IST
सार
पाकिस्तान की सरकार और विपक्षी पार्टी पीटीआई के बीच बीते लंबे समय से मतभेद चल रहे हैं। पीटीआई आम चुनावों में धांधली का विरोध कर रही है। जबकि सरकार लगातार पीटीआई के विरोध प्रदर्शनों को रोक रही है। अब पाकिस्तानी पीएम के सहायक ने पीटीआई के संस्थापक को बातचीत की सलाह दी है।
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इमरान खान, पूर्व पाकिस्तानी पीएम
- फोटो : ANI
विस्तार
पाकिस्तान में सरकार और विपक्ष के बीच तनातनी जारी है। अदियाला जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) आम चुनावों में धांधली का लगातार विरोध कर रही है। इससे सरकार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सार्वजनिक और राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक राणा सनाउल्लाह ने पीटीआई प्रमुख और पूर्व पीएम इमरान खान को सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि इमरान खान को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ बातचीत करनी चाहिए। उन्हें चुनाव कानूनों में संशोधन के लिए सरकार से बात करने की जरूरत है।
सनाउल्लाह ने कहा कि विपक्ष को देश के मुद्दों और आर्थिक चुनौतियों के समाधान के लिए सरकार से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार पीटीआई को नौ मई 2023 या 26 नवंबर 2024 जैसे विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं देगी। सनाउल्लाह ने देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल में ऐसे किसी भी आंदोलन की सफलता से इनकार किया।
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सनाउल्लाह ने विरोध आंदोलन की संभावना पर कहा कि राजनीतिक व्यक्ति के रूप में मेरा मानना है कि सरकार, प्रतिष्ठान और लोगों की स्थिति को देखते हुए पीटीआई अतीत की तरह एक समान आंदोलन शुरू करने का जोखिम नहीं उठा सकती। पीटीआई ने हमेशा नफरत भड़काने की कोशिश की है। अगर वे ऐसा कुछ करने की कोशिश भी करते हैं तो यह एक असफल प्रयास होगा।
इस बीच पीटीआई संस्थापक इमरान खान ने केंद्र में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के खिलाफ जेल से देशव्यापी विरोध आंदोलन का नेतृत्व करने की योजना की घोषणा की है। सीनेटर अली जफर ने खान के हवाले से कहा कि विरोध प्रदर्शन निर्णायक होना चाहिए।
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बता दें कि सरकार और पीटीआई ने पिछले साल कुछ मतभेदों पर विचार-विमर्श करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन बाद में पीटीआई ने सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन बैठकों में भाग लेने के बाद 9 मई, 2023 और 26 नवंबर की घटनाओं की जांच के लिए न्यायिक आयोगों के गठन न करने पर वार्ता प्रक्रिया को अचानक छोड़ दिया था।
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सनाउल्लाह ने कहा कि विपक्ष को देश के मुद्दों और आर्थिक चुनौतियों के समाधान के लिए सरकार से बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार पीटीआई को नौ मई 2023 या 26 नवंबर 2024 जैसे विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं देगी। सनाउल्लाह ने देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल में ऐसे किसी भी आंदोलन की सफलता से इनकार किया।
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सनाउल्लाह ने विरोध आंदोलन की संभावना पर कहा कि राजनीतिक व्यक्ति के रूप में मेरा मानना है कि सरकार, प्रतिष्ठान और लोगों की स्थिति को देखते हुए पीटीआई अतीत की तरह एक समान आंदोलन शुरू करने का जोखिम नहीं उठा सकती। पीटीआई ने हमेशा नफरत भड़काने की कोशिश की है। अगर वे ऐसा कुछ करने की कोशिश भी करते हैं तो यह एक असफल प्रयास होगा।
इस बीच पीटीआई संस्थापक इमरान खान ने केंद्र में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के खिलाफ जेल से देशव्यापी विरोध आंदोलन का नेतृत्व करने की योजना की घोषणा की है। सीनेटर अली जफर ने खान के हवाले से कहा कि विरोध प्रदर्शन निर्णायक होना चाहिए।
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बता दें कि सरकार और पीटीआई ने पिछले साल कुछ मतभेदों पर विचार-विमर्श करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन बाद में पीटीआई ने सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन बैठकों में भाग लेने के बाद 9 मई, 2023 और 26 नवंबर की घटनाओं की जांच के लिए न्यायिक आयोगों के गठन न करने पर वार्ता प्रक्रिया को अचानक छोड़ दिया था।
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