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South Asia: पाकिस्तान ने कहा, 1998 में हमारे परमाणु परीक्षणों ने यहां भरोसेमंद न्यूनतम प्रतिरोध स्थापित किया
Sat, 28 May 2022 04:22 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 28 May 2022 04:22 PM IST
सार
परमाणु परीक्षणों की 24वीं सालगिरह के मौके पर पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन परीक्षणों ने न केवल देश की क्षेत्रीय अखंडता, स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए हमारा दृढ़ निश्चय प्रदर्शित किया बल्कि, दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन की सुरक्षा की इच्छा भी दिखाई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
पाकिस्तान में शनिवार को सेना ने देश के परमाणु परीक्षणों की 24वीं वर्षगांठ का जश्न मनाया। सेना ने कहा कि इन परीक्षणों ने दक्षिण एशिया में 'भरोसेमंद न्यूनतम परमाणु प्रतिरोध' और 'शक्ति संतुलन' स्थापित किया।
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यहां की सेना और विदेश मंत्रालय ने 28 मई 1998 को किए गए परमाणु परीक्षणों की 24वीं सालगिरह के अवसर पर अलग-अलग बयान जारी किए। इन परमाणु परीक्षणों को 'यौम-ए-तकबीर' कोडनेम दिया गया था।
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इस संबंध में पाकिस्तान की सेना की ओर से जारी किए गए एर बयान में कहा गया कि इन परीक्षणों के जरिए देश ने भरोसेमंद न्यूनतम परमाणु प्रतिरोध स्थापित किया था और इस क्षेत्र में शक्ति संतुलन स्थापित किया था।
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भारत की ओर से मई 1998 में पोखरण में पांच परमाणु परीक्षण किए जाने के बाद पाकिस्तान ने भी परीक्षण किया था।
सेना ने कहा कि हम उन लोगों को याद करते हैं जिन्होंने बिना थके काम किया और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ते हुए इसे संभव कर दिखाया।
उधर, विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन परमाणु परीक्षणों ने न केवल देश की क्षेत्रीय अखंडता, स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा करने के लिए हमारा दृढ़ निश्चय प्रदर्शित किया। बल्कि, दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन की सुरक्षा की इच्छा भी दिखाई।