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Pakistan: नेशनल असेंबली ने मनी लॉन्ड्रिंग-टेरर फंडिंग पर रोक के लिए पारित किया विधेयक; FATF के खतरे से बचेगा?

Fri, 04 Aug 2023 07:40 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 04 Aug 2023 07:40 PM IST
सार

Pakistan: पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने एक विधेयक पारित किया है, जो देश को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे सूची से हमेशा के लिए बचने में मदद करेगा। लेकिन, यह पाकिस्तान को इस सूची से बचाने में तभी कारगर होगा जब इसे लागू किया जाएगा और ठीक से लागू किया जाएगा। 

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Pakistan's National Assembly passes bill curb money laundering and terror financing; End FATF threat forever
एफएटीएफ, पाकिस्तान - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने एक विधेयक पारित किया है, जो देश को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे सूची से हमेशा के लिए बचने में मदद करेगा। लेकिन, यह पाकिस्तान को इस सूची से बचाने में तभी कारगर होगा जब इसे लागू किया जाएगा और ठीक से लागू किया जाएगा। 

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संसद के निचले सदन ने गुरुवार को उस विधेयक को पारित कर दिया, जिसमें एफएटीएफ से संबंधित सभी संस्थानों को एक कमान के तहत लाते हुए धनशोधन और आतंक के वित्तपोषण को रोकने के लिए एक केंद्रीय प्राधिकरण बनाने की मांग की गई है। पिछले साल पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे सूची से हटा दिया गया था। एफएटीएफ आतंकवाद के वित्तपोषण और धन शोधन पर वैश्विक निगरानी कर्ता है।
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'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' अखबार ने शुक्रवार को खबर दी कि विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार ने राष्ट्रीय धनशोधन रोधी और आतंकवाद वित्तपोषण रोधी प्राधिकरण अधिनियम, 2023 नामक विधेयक पेश किया और कहा कि प्रस्तावित कानून एफएटीएफ से संबंधित सभी संस्थानों को एक प्राधिकरण के तहत लाएगा।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में धन शोधन, आतंकवाद का वित्तपोषण और लक्षित वित्तीय प्रतिबंध विभिन्न कानूनों के तहत लागू किए जाते हैं, मुख्य रूप से 2010 के धनशोधन रोधी अधिनियम, 1997 के आतंकवाद विरोधी अधिनियम और 1948 के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अधिनियम के माध्यम से। एफएटीएफ की ग्रे सूची में पाकिस्तान को डाले जाने को याद करते हुए खार ने कहा कि प्रस्तावित प्राधिकरण एक केंद्रीय संस्थान के रूप में काम करेगा और धन शोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण के खतरे को रोकने के लिए राज्य को एकीकृत प्रतिक्रिया देने में मदद करेगा।

खार के हवाले से खबर में कहा गया है, 'यह एक अच्छा विधेयक है और अगर इसे लागू किया जाता है और उचित तरीके से लागू किया जाता है तो इंशाअल्लाह पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे सूची में फिर कभी नहीं देखा जाएगा।' उन्होंने कहा कि प्रस्तावित कानून विभिन्न संस्थाओं को संस्थागत रूप देगा और पाकिस्तान को बहुत लाभ पहुंचाएगा।

यह जिक्र करते हुए कि एफएटीएफ की ग्रे सूची में डाले जाने के समय पाकिस्तान को तीन अलग-अलग क्षेत्रों में मुसीबतों का सामना करना पड़ा, जिनमें धन शोधन रोधी (एएमएल), आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला (सीएफटी) और लक्षित वित्तीय प्रतिबंध (टीएफएल) शामिल हैं। एफएटीएफ ने  2018 में धनशोधन से लड़ने और आतंक के वित्तपोषण का मुकाबला करने के लिए अपने कानूनी, वित्तीय, नियामक, जांच, अभियोजन, न्यायिक और गैर-सरकारी क्षेत्रों में पाकिस्तान की कमियों को पाया, जिसे वैश्विक वित्तीय प्रणाली के लिए गंभीर खतरा माना जाता है।


रिपोर्ट में कहा गया है कि विधेयक का उद्देश्य एएमएल, सीएफटी और टीएफएस के बारे में मामलों की निगरानी और समन्वय के लिए एक व्यापक निकाय बनाना है। इसमें कहा गया है कि राज्य की प्रतिक्रिया को एकजुट करने के लिए प्रधानमंत्री की प्रत्यक्ष निगरानी में कार्य करने के लिए आवश्यक अधिदेश के साथ एक केंद्रीय संस्थान और एक स्थायी प्राधिकरण की आवश्यकता है।

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