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Pakistan: बलूचिस्तान में अत्याचारों को लेकर घिरा पाकिस्तान, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने लगाए दमन के आरोप
Fri, 28 Mar 2025 12:25 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 28 Mar 2025 12:25 PM IST
सार
पाकिस्तान की सेना बलूचिस्तान में बढ़ती बगावत को थामने के लिए दमन पर उतर आई है। बड़ी संख्या में बलोच कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। इस पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने चिंता जाहिर की है और पाकिस्तान की सरकार की आलोचना की है।
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बलूचिस्तान
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पाकिस्तान की सेना और पुलिस बलूचिस्तान में अत्याचार कर रही है, लेकिन अब इसे लेकर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर घिरता जा रहा है। बलोच यकजेती कमेटी बलोच कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की जानकारी दे रही है। अब एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी पाकिस्तान पर बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का हनन और दमन करने का आरोप लगाया है।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था ने पाकिस्तान पर लगाए आरोप
एमनेस्टी इंटरनेशनल दक्षिण एशिया के निदेशक बाबू राम पंत ने एक बयान में कहा है कि पाकिस्तानी सरकार द्वारा बलोच कार्यकर्ताओं का दमन किया जा रहा है और उन्हें प्रदर्शन के लिए हिरासत में रखा जा रहा है। इनमें प्रमुख कार्यकर्ता शम्मी दीन बलोच और महरंग बलोच भी शामिल हैं। यह बलोच समुदाय के अधिकारों पर व्यवस्थागत हमला है। पंत ने मांग की कि बलोच कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए और उन्हें बोलने की आजादी का अधिकार दिया जाएगा। साथ ही उनसे जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच हो।
ये भी पढ़ें- Pakistan: पाकिस्तान के सेना प्रमुख पर प्रतिबंध लगा सकता है अमेरिका, संसद में विधेयक पेश, कई सांसदों का समर्थन
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बलोच कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए फर्जी मुकदमे
पंत ने कहा कि एमनेस्टी इंटरनेशनल महरंग बलोच और बेबर्ग जहरी के परिजनों से मिली रिपोर्ट्स को लेकर चिंतित है। बेबर्ग को दिव्यांग होने के बाद भी चिकित्सीय मदद नहीं दी जा रही है, जबकि हिरासत में उनकी हालत लगातार खराब हो रही है। एमनेस्टी ने कहा कि पाकिस्तान की कानून प्रवर्तन एजेंसियां बलोच लोगों के मानवाधिकारों का लगातार उल्लंघन कर रही हैं। कई बलोच कार्यकर्ताओं के खिलाफ फर्जी मामले दर्ज कर दिए गए हैं। साथ ही कई को जमानत मिलने के बाद भी हिरासत में रखा गया है। यह उनके अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
बलोच यकजेती कमेटी ने दावा किया है कि पाकिस्तान सरकार इन दिनों पूरी ताकत से बलोच लोगों के अधिकारों का दमन कर रही है और इसके लिए हिंसा की जा रही है। पाकिस्तान की सरकार का मकसद बलोच लोगों में डर पैदा करना है। हालांकि बलोच लोग इससे डरने वाले नहीं हैं। बलोच यकजेती कमेटी की नेता महरंग बलोच और 17 अन्य प्रदर्शनकारियों को बीती 22 मार्च को हिरासत में लिया गया था। महरंग के खिलाफ आतंकवाद के आरोप लगाए गए हैं। सिंध के कराची में बलोच लोगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करने पर शम्मी दीन बलोच समेत छह बलोच कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।
ये भी पढ़ें- IMF-Pak Deal: आईएमएफ समझौते के बाद पाकिस्तान के आम आदमी पर टैक्स का भार बढ़ने का खतरा, समझें पूरा मामला
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एमनेस्टी इंटरनेशनल दक्षिण एशिया के निदेशक बाबू राम पंत ने एक बयान में कहा है कि पाकिस्तानी सरकार द्वारा बलोच कार्यकर्ताओं का दमन किया जा रहा है और उन्हें प्रदर्शन के लिए हिरासत में रखा जा रहा है। इनमें प्रमुख कार्यकर्ता शम्मी दीन बलोच और महरंग बलोच भी शामिल हैं। यह बलोच समुदाय के अधिकारों पर व्यवस्थागत हमला है। पंत ने मांग की कि बलोच कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए और उन्हें बोलने की आजादी का अधिकार दिया जाएगा। साथ ही उनसे जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच हो।
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बलोच कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए फर्जी मुकदमे
पंत ने कहा कि एमनेस्टी इंटरनेशनल महरंग बलोच और बेबर्ग जहरी के परिजनों से मिली रिपोर्ट्स को लेकर चिंतित है। बेबर्ग को दिव्यांग होने के बाद भी चिकित्सीय मदद नहीं दी जा रही है, जबकि हिरासत में उनकी हालत लगातार खराब हो रही है। एमनेस्टी ने कहा कि पाकिस्तान की कानून प्रवर्तन एजेंसियां बलोच लोगों के मानवाधिकारों का लगातार उल्लंघन कर रही हैं। कई बलोच कार्यकर्ताओं के खिलाफ फर्जी मामले दर्ज कर दिए गए हैं। साथ ही कई को जमानत मिलने के बाद भी हिरासत में रखा गया है। यह उनके अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
बलोच यकजेती कमेटी ने दावा किया है कि पाकिस्तान सरकार इन दिनों पूरी ताकत से बलोच लोगों के अधिकारों का दमन कर रही है और इसके लिए हिंसा की जा रही है। पाकिस्तान की सरकार का मकसद बलोच लोगों में डर पैदा करना है। हालांकि बलोच लोग इससे डरने वाले नहीं हैं। बलोच यकजेती कमेटी की नेता महरंग बलोच और 17 अन्य प्रदर्शनकारियों को बीती 22 मार्च को हिरासत में लिया गया था। महरंग के खिलाफ आतंकवाद के आरोप लगाए गए हैं। सिंध के कराची में बलोच लोगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करने पर शम्मी दीन बलोच समेत छह बलोच कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।
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